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जिला नागरिक अस्पताल में शुरू होगी लेटेंट की जांच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jul 2022 11:33 PM IST
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Late investigation will start in District Civil Hospital
भिवानी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीज व उनके परिजनों को नई सुविधा देने जा रहा है। नागरिक अस्पताल में टीबी के उपचार के साथ ही लेटेंट टीबी जांच की जाएगी। यह सुविधा देने वाला भिवानी प्रदेश का दूसरा जिला बन गया है, इससे पहले सिर्फ पंचकूला में ही यह सुविधा थी। टीबी से ग्रस्त मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए विभाग ने यह व्यवस्था की है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इग्रा (इंटरफेरॉन गामा रिलीज ऐसे) लैब का शुभारंभ नहीं हुआ है, मगर जांच शुरू हो चुकी है।
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विशेषज्ञों ने कहा कि समस्त फेफड़ों (छाती) वाली टीबी के मरीजों के परिवार को टीबी प्रीवेंटीव थेरेपी लेना अनिवार्य है। नई गाइडलाइन के अनुसार टीबी रोगियों के संपर्क में आने वाले व्यस्कों और बच्चों को भी टीपीटी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। लेटेंट टीबी संक्रमण का इलाज करके हजारों लोगों को इस बीमारी को विकसित होने से रोक सकते हैं। इस जांच के लिए लोगों को पहले निजी लैब में 2800 से 3000 रुपये देने पड़ते थे, जबकि अब यह टेस्ट नागरिक अस्पताल में निशुल्क हो सकेगा।
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जिले में टीबी के 1980 सक्रिय मरीज -
टीबी मरीजों के परिवार के लिए नि:शुल्क कांटेक्ट ट्रेसिंग, टीबी स्क्रीनिंग, मुफ्त एक्स-रे और प्रीवेंटिव थेरेपी का उपचार सरकार के माध्यम किया जा रहा है। जिले में टीबी के फिलहाल 1980 सक्रिय मरीज हैं, जिनमें से अधिकतर मरीज सरकारी अस्पताल तो कुछ प्राइवेट अस्पताल से भी दवा ले रहे है। वहीं, जिले के 207 मरीजों का टीबी निवारण उपचार चल रहा है।
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ये है टीबी-इग्रा टेस्ट -
टीबी-इग्रा टेस्ट टीबी संक्रमण के लिए किया जाने वाला एक स्क्रीनिंग टेस्ट है। टीबी एक संक्रामक रोग है जो कि माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है। बैक्टीरिया मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों को भी क्षति पहुंचा सकता है।
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टीबी जांच के लिए 11 डीटीसी बनाई -
जिले में टीबी जांच के लिए 11 डीटीसी बनाई हैं, जिसमें जीएच सिवानी, अर्बन पीएचसी ढाणा रोड, ईएसआई अस्पताल, पीएचसी मानेहरू, पीएचसी जूई, पीएचसी धनाना, पीएचसी बहल, सीएचसी तोशाम, सीएचसी कैरू, सीएचसी मिरान में टीबी की प्राथमिक जांच के लिए केंद्र बनाए गए हैं। इन पर हर माह की 24 तारीख को क्षय दिवस मनाया जा रहा है, जिसके तहत लोगों को टीबी के लक्षण व बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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टीबी (क्षय रोग) के लक्षण -
1. लगातार दो हफ्तों से खांसी का आना।
2. खांसी के साथ खून आना।
3. अचानक बुखार का आना व ठंड लगना।
4. वजन का कम होना व ज्यादा थकान महसूस होना।
5. छाती में दर्द और सांस का फूलना।
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वर्जन :
पहले मरीज को टीबी की पुष्टि होने के बाद उसका उपचार शुरू किया जाता था, जिसमें फिर टीबी को ठीक करने पर ध्यान दिया जाता था। लेकिन, अब संक्रमण पर फोकस कर उसका उपचार किया जाएगा, ताकि दूसरी व्यक्ति में संक्रमण न फैले। जिला नागरिक अस्पताल में प्रदेश की दूसरी इग्रा (इंटरफेरॉन गामा रिलीज ऐसे) लैब शुरू हुई है, जिसका फायदा सीधा मरीजों को होगा।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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