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Bhiwani News: श्रीराम के स्वागत में भिवानी के 300 साल पुराने जोगीवाला मंदिर में भी जलेंगे आस्था के दीप
Wed, 17 Jan 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 17 Jan 2024 11:59 PM IST
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भिवानी के जोगीवाला का गेट।
राहुल तंवर
भिवानी। अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के स्वागत में सरकुलर रोड स्थित जोगीवाला मंदिर में आस्था के दीप जलेंगे। मंदिर में 22 जनवरी को सुबह 11 बजे हनुमान चालीसा के साथ सुंदर कांड का पाठ होगा। वहीं सांझ ढलते मिट्टी के दीपक गाय के देसी घी से जगमगा उठेंगे।
शहर का 300 साल से अधिक पुराना जोगीवाला शिव मंदिर धार्मिक नगरी छोटी काशी में आस्था को भगवान राम के प्रति और गहरी कर रहा है। मंदिर में भगवान श्रीराम का दरबार भी बना है। इसके अंदर रामभक्तों को यहां उनके दर्शनों का लाभ मिलता है। मंदिर की दास्तां भी बड़ी रोचक और चमत्कारी है।
जोगीवाला मंदिर नाथ सम्प्रदाय के प्रमुख धार्मिक स्थान अस्थल बोहर रोहतक से संबंधित है। अस्थल बोहर का मठ नाथ सम्प्रदाय के संत बाबा मस्तनाथ के नाम पर स्थापित है। जोगीवाला मंदिर की स्थापना बाबा मेहूनाथ महाराज ने की थी। मंदिर करीब 300 साल से अधिक पुराना है। तीन एकड़ भूमि में बने इस मंदिर में भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग भी है। लेकिन इसी मंदिर के अंदर भगवान श्रीराम का दरबार भी बना है।
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अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के दौरान 22 जनवरी को सुबह 11 बजे मंदिर में हनुमान चालीसा के साथ सुंदरकांड पाठ आरंभ होगा जो प्रभू इच्छा तक चलेगा। इस दौरान मंदिर में सैकड़ों भक्त जुटेंगे। जोगीवाला अखाड़ा मठ के महंत वेदनाथ महाराज ने बताया कि 22 जनवरी को भगवान श्रीराम के स्वागत में मंदिर में आस्था के दीप श्रद्धालुओं द्वारा जलाए जाएंगे। ये दीपक गाय के शुद्ध देसी घी से जलेंगे। मंदिर में सुंदरकांड पाठ के दौरान भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान होगा।
भक्तों के रोम-रोम में हैं राम : वेदनाथ महाराज
महंत वेदनाथ का कहना है कि भक्तों के रोम-रोम में राम हैं। भगवान का ये स्वरूप भगवान शिव का भी प्रिय अवतार रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरा देश और साधु संत सभी भक्तिमय होकर भगवान राम के इस अद्भुत और अलौकिक दर्शन के गवाह बनना चाहते हैं। इसी को लेकर मंदिर में भी विशेष उत्सव बनाया जाएगा। साधु संतों के साथ रामभक्त मंदिर में भजन कीर्तन करेंगे और मंदिर में मिट्टी के दीपक जलाएंगे।
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भिवानी। अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के स्वागत में सरकुलर रोड स्थित जोगीवाला मंदिर में आस्था के दीप जलेंगे। मंदिर में 22 जनवरी को सुबह 11 बजे हनुमान चालीसा के साथ सुंदर कांड का पाठ होगा। वहीं सांझ ढलते मिट्टी के दीपक गाय के देसी घी से जगमगा उठेंगे।
शहर का 300 साल से अधिक पुराना जोगीवाला शिव मंदिर धार्मिक नगरी छोटी काशी में आस्था को भगवान राम के प्रति और गहरी कर रहा है। मंदिर में भगवान श्रीराम का दरबार भी बना है। इसके अंदर रामभक्तों को यहां उनके दर्शनों का लाभ मिलता है। मंदिर की दास्तां भी बड़ी रोचक और चमत्कारी है।
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जोगीवाला मंदिर नाथ सम्प्रदाय के प्रमुख धार्मिक स्थान अस्थल बोहर रोहतक से संबंधित है। अस्थल बोहर का मठ नाथ सम्प्रदाय के संत बाबा मस्तनाथ के नाम पर स्थापित है। जोगीवाला मंदिर की स्थापना बाबा मेहूनाथ महाराज ने की थी। मंदिर करीब 300 साल से अधिक पुराना है। तीन एकड़ भूमि में बने इस मंदिर में भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग भी है। लेकिन इसी मंदिर के अंदर भगवान श्रीराम का दरबार भी बना है।
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अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के दौरान 22 जनवरी को सुबह 11 बजे मंदिर में हनुमान चालीसा के साथ सुंदरकांड पाठ आरंभ होगा जो प्रभू इच्छा तक चलेगा। इस दौरान मंदिर में सैकड़ों भक्त जुटेंगे। जोगीवाला अखाड़ा मठ के महंत वेदनाथ महाराज ने बताया कि 22 जनवरी को भगवान श्रीराम के स्वागत में मंदिर में आस्था के दीप श्रद्धालुओं द्वारा जलाए जाएंगे। ये दीपक गाय के शुद्ध देसी घी से जलेंगे। मंदिर में सुंदरकांड पाठ के दौरान भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान होगा।
भक्तों के रोम-रोम में हैं राम : वेदनाथ महाराज
महंत वेदनाथ का कहना है कि भक्तों के रोम-रोम में राम हैं। भगवान का ये स्वरूप भगवान शिव का भी प्रिय अवतार रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरा देश और साधु संत सभी भक्तिमय होकर भगवान राम के इस अद्भुत और अलौकिक दर्शन के गवाह बनना चाहते हैं। इसी को लेकर मंदिर में भी विशेष उत्सव बनाया जाएगा। साधु संतों के साथ रामभक्त मंदिर में भजन कीर्तन करेंगे और मंदिर में मिट्टी के दीपक जलाएंगे।