{"_id":"603fddd38ebc3e14fc00422b","slug":"kisan-andolan-protest-farmers-kitlana-toll-bhiwani-news-rtk598200693","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह को लहराएंगे घरों पर काले झंडे, काली पट्टी बांध जताएंगे विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह को लहराएंगे घरों पर काले झंडे, काली पट्टी बांध जताएंगे विरोध
विज्ञापन
धरनारत किसानों के लिए झोपड़ी तैयार करते गांव तालू के ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसान अब कड़ा रुख अपनाने लगे हैं। कितलाना टोल पर चल रहे आंदोलन के दौरान किसान नेताओं ने एलान किया है कि छह मार्च को सभी अपने घरों पर काले झंडे लहराएंगे। उस दिन धरने पर भी सभी काली पट्टी बांध विरोध करेंगे। आठ मार्च को महिला किसान दिवस और 15 मार्च को निजीकरण विरोधी दिवस मनाएंगे।
बुधवार को धरने के 69वें दिन की अध्यक्षता नरसिंह डीपीई, बिजेंद्र बेरला, गंगाराम श्योराण, संत रविनाथ, मंगल सुई, दिलबाग ग्रेवाल, सुभाष यादव, दया पैंतावास, मीर सिंह नीमड़ीवाली, रामकुमार सोलंकी ने संयुक्त रूप से की। उक्त किसान नेताओं ने कहा कि धरना दे रहे किसान, मजदूर काली पट्टी बांधेंगे। छह मार्च को दिल्ली बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के 100 दिन हो जाएंगे। इस दिन दिल्ली व दिल्ली से विभिन्न विरोध स्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेस-वे पर पांच घंटे की नाकाबंदी होगी और टोल फ्री कराया जाएगा। वहीं आठ मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा महिला किसान दिवस मनाएगा। धरनों का संचालन महिलाएं करेंगी। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 15 मार्च को निजीकरण विरोधी दिवस मनाया जाएगा। मंच संचालन रणधीर घिकाड़ा ने किया। इस अवसर पर सुरजभान सांगवान, सुखदेव पालवास, राजू मान, संजय पूर्व सरपंच, मा. टेकराम, कृष्णा सांगवान, रतन्नी देवी, बीरमति डोहकी, राजेश झोझू, जमात अली, शमशेर सांगवान, प्रो. राजेंद्र डोहकी, प्रो. जगमिंद्र, सरदारा राम, प्रेम सिंह, परमजीत फतेहगढ़, सत्यवान कालुवाला, नंदराम फोरमैन आदि मौजूद थे।
धरनारत किसानों के लिए बॉर्डर पर भेजी झोपड़ियां
दिल्ली बॉर्डर पर धरनारत किसानों के लिए झोपड़ियां बनानी शुरू हो गई। गांव तालु के किसानों ने धरनारत किसानों के लिए झोपड़ियां बनाकर भेजी और सरकार को चेतावनी भी दी कि सरकार चाहे कितनी भी हठधर्मिता अपना ले, लेकिन जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होती, वे अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। किसान नेता जोगेंद्र तालु ने कहा कि आंदोलनरत किसानों को गर्मी से बचाने के लिए किसानों के लिए झोपड़ी बनाकर भेजी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को धरने के 69वें दिन की अध्यक्षता नरसिंह डीपीई, बिजेंद्र बेरला, गंगाराम श्योराण, संत रविनाथ, मंगल सुई, दिलबाग ग्रेवाल, सुभाष यादव, दया पैंतावास, मीर सिंह नीमड़ीवाली, रामकुमार सोलंकी ने संयुक्त रूप से की। उक्त किसान नेताओं ने कहा कि धरना दे रहे किसान, मजदूर काली पट्टी बांधेंगे। छह मार्च को दिल्ली बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के 100 दिन हो जाएंगे। इस दिन दिल्ली व दिल्ली से विभिन्न विरोध स्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेस-वे पर पांच घंटे की नाकाबंदी होगी और टोल फ्री कराया जाएगा। वहीं आठ मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा महिला किसान दिवस मनाएगा। धरनों का संचालन महिलाएं करेंगी। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 15 मार्च को निजीकरण विरोधी दिवस मनाया जाएगा। मंच संचालन रणधीर घिकाड़ा ने किया। इस अवसर पर सुरजभान सांगवान, सुखदेव पालवास, राजू मान, संजय पूर्व सरपंच, मा. टेकराम, कृष्णा सांगवान, रतन्नी देवी, बीरमति डोहकी, राजेश झोझू, जमात अली, शमशेर सांगवान, प्रो. राजेंद्र डोहकी, प्रो. जगमिंद्र, सरदारा राम, प्रेम सिंह, परमजीत फतेहगढ़, सत्यवान कालुवाला, नंदराम फोरमैन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
धरनारत किसानों के लिए बॉर्डर पर भेजी झोपड़ियां
दिल्ली बॉर्डर पर धरनारत किसानों के लिए झोपड़ियां बनानी शुरू हो गई। गांव तालु के किसानों ने धरनारत किसानों के लिए झोपड़ियां बनाकर भेजी और सरकार को चेतावनी भी दी कि सरकार चाहे कितनी भी हठधर्मिता अपना ले, लेकिन जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होती, वे अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। किसान नेता जोगेंद्र तालु ने कहा कि आंदोलनरत किसानों को गर्मी से बचाने के लिए किसानों के लिए झोपड़ी बनाकर भेजी गई है।
विज्ञापन