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Bhiwani News: जिलेभर के शिवालयों में गूंजे बम-बम भोले के जयकारे, कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक
Sat, 03 Aug 2024 06:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 03 Aug 2024 06:27 AM IST
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भिवानी। शिवरात्रि पर शुक्रवार को जिले भर के शिवालयों में बम-बम भोले के जयकारे गूंजे। करीब ढाई हजार से अधिक कांवड़ियों ने भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालु मंदिरों में लंबी कतारों में लगे दिखाई दिए।
शहर के जोगीवाला मंदिर, हनुमान जोहड़ी मंदिर, बाबा जहरगिरि आश्रम मंदिर के अलावा अनेक शिवालयों में कांवड़ियों की टोली झूमते गाते हुए पहुंची। जहां भगवान शिव के पूजा अर्चना कर विधि विधान से कांवड़ चढ़ाई। शहर के प्राचीन शिव मंदिरों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी मौजूद रही।
बेलपत्र का पौधा लगा मनाई शिवरात्रि
भिवानी। हनुमान गेट स्थित शिव मंदिर शिव भक्तों ने बेलपत्र का पौधा लगाकर शिवरात्रि मनाई। पौधा रोपित करते हुए सज्जन कुमार, महेंद्र पंडित, नीरज, कौशल्या, मंजू, कविता, कोमल, स्वीटी, अनिल, मोहनलाल, विक्रम सोनी, सुरजभान, तुलसीराम आदि ने बताया कि बेलपत्र का पौधा भगवान शिव व पवित्रता का प्रतीक है। इसे लगाने से भगवान शिव खुश होते हैं।
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शिवरात्रि पर शिव पार्वती की पूजा करना मंगलमय होता है : भगवान गिरि
भिवानी। सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करना मंगलमय होता है। सावन शिवरात्रि पर व्रत रखने वाले भक्तों को व्रत कथा जरूर सुनना चाहिए। यह बात बाबा खूबी नाथ धाम मित्ताथल स्थित शिवालय में शिवभक्तों को संबोधित करते हुए महंत बाबा भगवान गिरि ने कही।
उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कथा का पाठ करने से सावन शिवरात्रि व्रत का पूर्ण फल मिलता है। मान्यता है कि इस दिन शिवरात्रि व्रत कथा का पाठ करने से भक्तों को बहुत लाभ होता है और उनके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
शिवरात्रि पर लोहारू के शिवालयों में हरिद्वार से पहुंचे गंगाजल से हुई भगवान शिव की पूजा अर्चना
लोहारू। शुक्रवार को शिवरात्रि पर्व के मौके पर पूरा शहर बम बम भोले के नारों से गूंज उठा और गलियों में जगह जगह श्रद्धालुओं ने डीजे पर भोलेनाथ के भजनों पर जमकर नृत्य किया। जिससे दोपहर तक शहर में पूरा वातावरण शिवमय दिखाई दिया।
शिवरात्रि पर करीब दो तीन दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से लोहारू तक करीब 350 किलोमीटर से भी अधिक दूरी की पैदल यात्रा करके लोहारू कांवड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया। शहर के उजाड़िया श्री हनुमान मंदिर, मुख्य पंचायती मंदिर, पुराना शहर के प्राचीन शिखरबंद मंदिर सहित अनेक मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हरिद्वार से पैदल यात्रा और डाक कांवड़ लेकर लोहारू पहुंचे युवा श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों और मोहल्ले के लोगों के साथ डीजे की धुनों पर थिरकते हुए शोभा यात्रा निकाली और बाद में मंदिरों में भगवान शिव की पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया।
नव दुर्गा मंदिर में कांवड़ चढ़ाई
भिवानी। कोंट रोड मिनी बाईपास दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ कांवड़ चढ़ाई। मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर मंदिर की प्रबंधक उर्मिला सैनी ने बताया इस वर्ष शिवरात्रि पर भक्तों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। सभी ने श्रद्धा के साथ भगवान शिव को कांवड़ चढ़ाई। इस पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया था, जिसमें स्थानीय भगवान शिव का अभिषेक और आरती की। भक्तों ने पूरे दिन उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
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शहर के जोगीवाला मंदिर, हनुमान जोहड़ी मंदिर, बाबा जहरगिरि आश्रम मंदिर के अलावा अनेक शिवालयों में कांवड़ियों की टोली झूमते गाते हुए पहुंची। जहां भगवान शिव के पूजा अर्चना कर विधि विधान से कांवड़ चढ़ाई। शहर के प्राचीन शिव मंदिरों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी मौजूद रही।
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बेलपत्र का पौधा लगा मनाई शिवरात्रि
भिवानी। हनुमान गेट स्थित शिव मंदिर शिव भक्तों ने बेलपत्र का पौधा लगाकर शिवरात्रि मनाई। पौधा रोपित करते हुए सज्जन कुमार, महेंद्र पंडित, नीरज, कौशल्या, मंजू, कविता, कोमल, स्वीटी, अनिल, मोहनलाल, विक्रम सोनी, सुरजभान, तुलसीराम आदि ने बताया कि बेलपत्र का पौधा भगवान शिव व पवित्रता का प्रतीक है। इसे लगाने से भगवान शिव खुश होते हैं।
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शिवरात्रि पर शिव पार्वती की पूजा करना मंगलमय होता है : भगवान गिरि
भिवानी। सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करना मंगलमय होता है। सावन शिवरात्रि पर व्रत रखने वाले भक्तों को व्रत कथा जरूर सुनना चाहिए। यह बात बाबा खूबी नाथ धाम मित्ताथल स्थित शिवालय में शिवभक्तों को संबोधित करते हुए महंत बाबा भगवान गिरि ने कही।
उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कथा का पाठ करने से सावन शिवरात्रि व्रत का पूर्ण फल मिलता है। मान्यता है कि इस दिन शिवरात्रि व्रत कथा का पाठ करने से भक्तों को बहुत लाभ होता है और उनके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
शिवरात्रि पर लोहारू के शिवालयों में हरिद्वार से पहुंचे गंगाजल से हुई भगवान शिव की पूजा अर्चना
लोहारू। शुक्रवार को शिवरात्रि पर्व के मौके पर पूरा शहर बम बम भोले के नारों से गूंज उठा और गलियों में जगह जगह श्रद्धालुओं ने डीजे पर भोलेनाथ के भजनों पर जमकर नृत्य किया। जिससे दोपहर तक शहर में पूरा वातावरण शिवमय दिखाई दिया।
शिवरात्रि पर करीब दो तीन दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से लोहारू तक करीब 350 किलोमीटर से भी अधिक दूरी की पैदल यात्रा करके लोहारू कांवड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया। शहर के उजाड़िया श्री हनुमान मंदिर, मुख्य पंचायती मंदिर, पुराना शहर के प्राचीन शिखरबंद मंदिर सहित अनेक मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हरिद्वार से पैदल यात्रा और डाक कांवड़ लेकर लोहारू पहुंचे युवा श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों और मोहल्ले के लोगों के साथ डीजे की धुनों पर थिरकते हुए शोभा यात्रा निकाली और बाद में मंदिरों में भगवान शिव की पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया।
नव दुर्गा मंदिर में कांवड़ चढ़ाई
भिवानी। कोंट रोड मिनी बाईपास दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ कांवड़ चढ़ाई। मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर मंदिर की प्रबंधक उर्मिला सैनी ने बताया इस वर्ष शिवरात्रि पर भक्तों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। सभी ने श्रद्धा के साथ भगवान शिव को कांवड़ चढ़ाई। इस पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया था, जिसमें स्थानीय भगवान शिव का अभिषेक और आरती की। भक्तों ने पूरे दिन उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।