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सात हजार 200 एकड़ भूमि पर फैला है अवैध कोलोनाइजरों का साम्राज्य

Fri, 11 Dec 2020 10:50 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2020 10:50 PM IST
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राजीव कॉलोनी में कार्रवाई के बाद अनाधिकृत क्षेत्र में लगाया गया होर्डिंग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
भिवानी। अवैध निर्माण पर पीला पंजा चलाने को लेकर नगर परिषद चेयरमैन और डीटीपी उपजे विवाद में शुक्रवार को नगर पार्षदों की नप कार्यालय में बैठक बुलाई गई। नप पार्षदों के साथ चेयरमैन ने मौजूदा प्रकरण को लेकर मंत्रणा की और अतिक्रमण हटाए जाने के मामले डीटीपी की कार्रवाई पर असंतोष जताया। वहीं जिला प्रशासन के निर्देश पर डीटीपी द्वारा राजीव कॉलोनी साइट पर अवैध निर्माण गिराने के बाद वहां होर्डिंग्स लगाए गए हैं और कालोनाइजरों द्वारा अवैध निर्माण के प्रति यहां संपत्ति की खरीद फरोख्त से भी आगाह किया गया है।
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जिला प्रशासन द्वारा जिले भर में अवैध निर्माण या अवैध कॉलोनियों की पहचान के लिए नगर परिषद की हद और जिला योजनाकार विभाग की हद में आने वाली भूमि का सर्वेक्षण कराया गया था। हैरानी की बात यह है कि जिले में सात हजार 200 एकड़ भूमि पर अवैध कोलोनाइजरों ने कॉलोनियां व प्लॉट काट रखे हैं। जिन्हें बिक्री के लिए भी लोगों को यहां सुविधाओं का झांसा दिया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा ब्लॉक की सड़कें बनाई गई हैं और बेंच भी लगाए गए हैं। वीरवार को डीटीपी का राजीव कॉलोनी में जेसीबी चला तो नप चेयरमैन रणसिंह यादव भी निर्माण तोड़ने को लेकर डीटीपी के आगे अड़ गए। इस दौरान वहां नोकझोंक हुई और इसके बाद चेयरमैन ने भी पैसे न देने वालों के निर्माण तोड़ने तक के आरोप लगा डाले जबकि डीटीपी ने खुद चेयरमैन द्वारा ये अवैध कॉलोनी काटे जाने की बात कही।
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नप की हद और बाहर किया है चिह्नित ये दायरा
जिला प्रशासन ने नगर परिषद की हद में एक हजार 41 एकड़ में अनाधिकृत क्षेत्र में अवैध निर्माण चिह्नित किया है जबकि नगर परिषद की हद के बाहर छह हजार 49 हजार छह एकड़ भूमि पर अवैध निर्माण की पहचान हो चुकी है। कुल मिलाकर सात हजार 200 एकड़ से अधिक दायरे पर अवैध निर्माण की पहचान कर इस पर प्रशासन कार्रवाई में जुटा है।
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डीसी कार्यालय में भेजे कर्मचारी भी वापस बुलाने की रही चर्चाएं
नप चेयरमैन द्वारा डीसी पर आरोप लगाए जाने के बाद शुक्रवार को नगर परिषद के करीब दर्जनभर कर्मचारियों को वापस नप कार्यालय में बुलाए जाने की बातें दिनभर चर्चाओं में रही। नप चेयरमैन की वायरल हुई वीडियो में खुद उन्होंने डीसी आवास पर कर्मचारी भेजे जाने की वजह से शहर की सफाई नहीं होने का हवाला दिया था।
पार्षदों की बैठक में किया मंथन, प्रशासन के कदम का इंतजार
नप चेयरमैन रणसिंह यादव की अध्यक्षता में पार्षदों की बैठक में पार्षदों के साथ इस मुद्दे पर विचार किया और प्रशासन के अगले कदम का इंतजार करने की रणनीति बनाई। इस दौरान पार्षदों ने भी लोगों के आशियानों को तोड़े जाने पर रोष जताया। पार्षदों ने रणनीति बनाई कि जिला प्रशासन अब अगला कदम क्या होगा उसी के अनुरूप पार्षद भी अपना आगामी कदम उठाएंगे। वहीं बैठक में कई पार्षदों ने बैठक से दूरी भी बनाए रखी।
वर्जन:::
सदन की बैठक में पार्षदों के साथ शहर के विकास कार्यों को लेकर चर्चा की गई है। इसके अलावा किसी भी मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई। डीसी आवास व कार्यालय पर लगे किसी भी कर्मचारी को वापस नहीं बुलाया गया है।

- रणसिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद
सरकार की हिदायतों के अनुसार जिला उपायुक्त द्वारा नियुक्त किए गए डयूटी मजिस्ट्रेट के साथ कोलोनाइजरों द्वारा काटी गई अवैध कॉलोनियों व अनाधिकृत क्षेत्र में किए गए निर्माण पर लगातार पीला पंजा चलाया जाएगा। करीब सात हजार से अधिक एकड़ भूमि को चिह्नित किया जा चुका है।
- धर्मबीर सिंह खत्री, जिला योजनाकार
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