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बैठक में आना था तो कागज लेकर आते, मजाक बना रखा है : अनूप धानक
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पंचायत भवन में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों के परिवादों का निपटारा करते श्रम मंत्र?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। बैठक में आना तो पूरे कागज लेकर आते, मीटिंग का मजाक बना रखा है। यह बात पंचायत भवन में कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक परिवाद की सुनवाई करते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्री ने एक अधिकारी को फटकार लगाते हुए कही।
बैठक के दौरान कुछ परिवादों में अधिकारी एक-दूसरे विभाग पर टालते नजर आए तो कुछ में परिवादी और अधिकारी आमने-सामने हुए। परिवादियों ने अधिकारियों पर बरगलाने के आरोप लगाए। कुछ मामलों में श्रम मंत्री नाराज दिखे और कार्रवाई नहीं करने पर अधिकारियों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को पंचायत भवन में हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक की अध्यक्षता में 15 परिवाद रखे गए। इनमें 8 का निपटारा किया गया। शेष सात मामलों के समाधान के लिए श्रम मंत्री ने प्रशासनिक व संबंधित अधिकारियों के अलावा जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी लगाई। बैठक में विधायक के अलावा विभिन्न विभाग के अधिकारी, समिति सदस्य मौजूद रहे।
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जमीन की पैमाइश रिपोर्ट को लेकर उलझे विवाद, श्रम मंत्री ने सुनाई खरी-खरी
गांव कुड़ल निवासी ओमप्रकाश ने शिकायत रखी कि अनुसूचित चौपाल की चहारदीवारी को कुछ लोगों ने उखाड़ दिया। जगह पर कब्जा किए हुए है। खंड विकास अधिकारी के समक्ष हटाने की बात कही थी। इस मामले में बीडीपीओ कार्यालय से आई महिला अधिकारी ने बताया कि तहसील कार्यालय से पैमाइश करवाई गई है, जिसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। इस पर लोहारू के तहसीलदार को बुलाया गया। उनके संज्ञान में ही मामला नहीं था, जिस पर श्रम मंत्री ने लताड़ लगाते हुए कहा कि मीटिंग का मजाक बना रखा है। बैठक में आए हैं तो रिपोर्ट क्यों नहीं लेकर आए। दो दिन में रिपोर्ट दें। एसडीएम लोहारू 10 दिन में इसी सारी रिपोर्ट तैयार करें।
अधिकारी का दावा - कोई सीवर समस्या नहीं, प्रधान बोले, दुर्गंध से बुरा हाल
भिवानी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रामकिशन शर्मा ने कहा कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट खराब है। एसटीपी में सिर्फ 10 फीसदी गंदा पानी जाता है। जिस कारण दुर्गंध से बुरा हाल है। मोटरें खराब हैं। इस पर एचएसवीपी के अधिकारियों ने कहा कि उनके पास सीवर की कोई समस्या नहीं है। इस पर बहस हुई और श्रम मंत्री ने एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग, कष्ट निवारण समिति के तीन सदस्यों, भाजपा जिलाध्यक्ष और जजपा जिलाध्यक्ष की कमेटी बनाई, जो मौके का मुआयना कर सच्चाई से अवगत करवाएगी। एन्हासमेंट राशि भी एक माह में देने के निर्देश दिए।
जब सुबूत नहीं तो किस आधार पर दर्ज किया बिजली चोरी का केस
गांव सैय निवासी राजबीर कौशिक ने बताया कि उसने घर में सौर ऊर्जा प्लेट लगा रखी है। उसकी वायर देख मुझ पर बिजली चोरी का केस बना दिया और 19820 रुपये जुर्माना भी लगा दिया। उसी दिन एफआईआर भी दर्ज करवा दी गई। इसके जवाब में एसई निगम ने बताया कि निरीक्षण में चोरी पकड़ी गई थी। वीडियो व फोटो नहीं हैं। इस लापरवाही के कारण तत्कालीन जेई पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिस पर मंत्री खासे नाराज दिखे और बोले कि जब सुबूत नहीं तो किस आधार पर केस बनाया। वीडियो, फोटो क्या हम बनाएंगे। इसके बाद एडीसी के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई और समिति सदस्य विजय शेखावत और कमल सिंह परमार को इसमें शामिल किया गया। मंत्री ने अधिकारी का व्यवहार भी ठीक नहीं होने की बात कही।
आरोपी अधिकारी पर दर्ज हो एफआईआर
तिगड़ाना निवासी भंवरलाल ने बताया कि उसके खेत गांव की सीमा में हैं, जिन्हें दिनोद गांव में दिखा दिया। इस कारण फसल बीमा होने के बावजूद उसे खराब फसल का मुआवजा नहीं मिला। बैंक अधिकारी ने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर कष्ट निवारण समिति सदस्यों ने बताया कि यह किसानों को गुमराह करने का तरीका है। जिस पर श्रम मंत्री ने अधिकारी की क्लास लगाते हुए कहा कि जिसने गलती करके तिगड़ाना के खेत को दिनोद में दिखाया है। उस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। अगर अगली बैठक से पहले इसे ठीक नहीं किया तो एफआईआर दर्ज करवाई जाए। डीएसपी को जांच सौंपी गई।
न्याय दो या मरने की इजाजत दो
शिमली बास निवासी बीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में गबन की शिकायत की थी। एडीसी ने भी जांच रिपोर्ट में दोषी माना। बिल नकली है और हस्ताक्षर असली। लाखों का गबन किया गया है। उसे न्याय दो। न्याय नहीं दे सकते तो मरने की इजाजत दो। इस पर श्रम मंत्री अनूप धानक ने कहा कि मामला कोर्ट में है और लोकायुक्त में भी रखा हुआ है। पहले वहां सुनवाई हो जाए।
मारपीट मामले में परिवादी और अधिकारी आमने-सामने
खरकड़ी माखवान निवासी नरेंद्र ने कहा कि 27 और 28 अक्तूबर 2020 को उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस दोषियों को बचाकर उन पर ही दबाव बना रही है। इस पर पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और अन्य जांच में दोषी नहीं मिले। इस पर शिकायत कर्ता ने बताया कि 28 अक्तूबर 2020 को उसके पिता को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया गया। सुबूत मिटाने के लिए उनके फोन छीन लिए। पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। हम एसपी साहब से जांच चाहते हैं। श्रम मंत्री ने जांच का जिम्मा डीएसपी हेडक्वार्टर को सौंपा।
एक सप्ताह में रिपोर्ट आने की बात थी, दो साल हो गए
शूटिंग कोच मनोज की हत्या के मामले में पुलिस ने एक सप्ताह में गुजरात से ब्रेन मैपिंग टेस्ट की रिपोर्ट आने की बात कही तो मृतक की बहन मनीषा ने कहा कि एक-एक सप्ताह करते-करते दो साल बीत गए। मगर अब तक रिपोर्ट नहीं आई, जिस पर श्रम मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह और इंतजार करते हैं।
बूस्टर के लिए नहीं मिल रही जमीन, लोग परेशान
देवनगर निवासी सोमबीर व बलवान ने पेयजल किल्लत की बात उठाई तो जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी ने बताया कि वहां बूस्टर निर्माण किया जाना है। वहां जगह नहीं मिल रही, जिस पर श्रम मंत्री ने उपायुक्त आरएस ढिल्लो को जिम्मेदारी सौंपी।
अवैध निर्माण पर स्टे ऑर्डर के दिए आदेश
गांव कलिंगा निवासी रामकिशन, अजय व रणजीत ने जमीन कब्जाने और अवैध निर्माण का मामला रखा। साथ ही बताया कि निर्माण कार्य जारी है। इस पर श्रम मंत्री ने उपायुक्त को स्टे ऑर्डर जारी करने की बात कही।
एक साल से नहीं हो रही सुनवाई
कष्ट निवारण समिति सदस्य सुनील वर्मा नंबरदार ने कहा कि मैं एक साल से परेशान हूं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही। 40 बार शिकायत अधिकारियों को सौंप चुका हूं। पुराना बस स्टैंड वाले मार्ग के नवनिर्माण की मांग है, जो कि जनहित का मुद्दा है। इस संबंध में उपायुक्त ने बताया कि इसका काम चल रहा है और अवैध कब्जे भी यहां से हटाये जाने हैं। समिति सदस्य विजय शेखावत ने बताया कि दो दफा बैठकें रद्द कर दी गई और उन्हें सूचित भी नहीं किया, जिस कारण वे 60-60 किलोमीटर का सफर तय करके आए।
नौकरी मांगते हैं न पैसे, रेहड़ी के लिए जगह दे दो
रेहड़ी एसोसिएशन के प्रधान रामनिवास शर्मा ने कहा कि रोहतक गेट से रेहड़ी हटाने के लिए कारण 164 परिवारों के सामने परेशानी आ गई है। उन्हें रेहड़ी लगाने के लिए जगह दी जाए। इस पर एएसपी हितेश ने बताया कि 50-50 मीटर ही पीछे किए हैं। सड़क पर रेहड़ी लगाने की इजाजत नहीं।
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बैठक के दौरान कुछ परिवादों में अधिकारी एक-दूसरे विभाग पर टालते नजर आए तो कुछ में परिवादी और अधिकारी आमने-सामने हुए। परिवादियों ने अधिकारियों पर बरगलाने के आरोप लगाए। कुछ मामलों में श्रम मंत्री नाराज दिखे और कार्रवाई नहीं करने पर अधिकारियों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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शुक्रवार को पंचायत भवन में हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक की अध्यक्षता में 15 परिवाद रखे गए। इनमें 8 का निपटारा किया गया। शेष सात मामलों के समाधान के लिए श्रम मंत्री ने प्रशासनिक व संबंधित अधिकारियों के अलावा जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी लगाई। बैठक में विधायक के अलावा विभिन्न विभाग के अधिकारी, समिति सदस्य मौजूद रहे।
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जमीन की पैमाइश रिपोर्ट को लेकर उलझे विवाद, श्रम मंत्री ने सुनाई खरी-खरी
गांव कुड़ल निवासी ओमप्रकाश ने शिकायत रखी कि अनुसूचित चौपाल की चहारदीवारी को कुछ लोगों ने उखाड़ दिया। जगह पर कब्जा किए हुए है। खंड विकास अधिकारी के समक्ष हटाने की बात कही थी। इस मामले में बीडीपीओ कार्यालय से आई महिला अधिकारी ने बताया कि तहसील कार्यालय से पैमाइश करवाई गई है, जिसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। इस पर लोहारू के तहसीलदार को बुलाया गया। उनके संज्ञान में ही मामला नहीं था, जिस पर श्रम मंत्री ने लताड़ लगाते हुए कहा कि मीटिंग का मजाक बना रखा है। बैठक में आए हैं तो रिपोर्ट क्यों नहीं लेकर आए। दो दिन में रिपोर्ट दें। एसडीएम लोहारू 10 दिन में इसी सारी रिपोर्ट तैयार करें।
अधिकारी का दावा - कोई सीवर समस्या नहीं, प्रधान बोले, दुर्गंध से बुरा हाल
भिवानी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रामकिशन शर्मा ने कहा कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट खराब है। एसटीपी में सिर्फ 10 फीसदी गंदा पानी जाता है। जिस कारण दुर्गंध से बुरा हाल है। मोटरें खराब हैं। इस पर एचएसवीपी के अधिकारियों ने कहा कि उनके पास सीवर की कोई समस्या नहीं है। इस पर बहस हुई और श्रम मंत्री ने एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग, कष्ट निवारण समिति के तीन सदस्यों, भाजपा जिलाध्यक्ष और जजपा जिलाध्यक्ष की कमेटी बनाई, जो मौके का मुआयना कर सच्चाई से अवगत करवाएगी। एन्हासमेंट राशि भी एक माह में देने के निर्देश दिए।
जब सुबूत नहीं तो किस आधार पर दर्ज किया बिजली चोरी का केस
गांव सैय निवासी राजबीर कौशिक ने बताया कि उसने घर में सौर ऊर्जा प्लेट लगा रखी है। उसकी वायर देख मुझ पर बिजली चोरी का केस बना दिया और 19820 रुपये जुर्माना भी लगा दिया। उसी दिन एफआईआर भी दर्ज करवा दी गई। इसके जवाब में एसई निगम ने बताया कि निरीक्षण में चोरी पकड़ी गई थी। वीडियो व फोटो नहीं हैं। इस लापरवाही के कारण तत्कालीन जेई पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिस पर मंत्री खासे नाराज दिखे और बोले कि जब सुबूत नहीं तो किस आधार पर केस बनाया। वीडियो, फोटो क्या हम बनाएंगे। इसके बाद एडीसी के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई और समिति सदस्य विजय शेखावत और कमल सिंह परमार को इसमें शामिल किया गया। मंत्री ने अधिकारी का व्यवहार भी ठीक नहीं होने की बात कही।
आरोपी अधिकारी पर दर्ज हो एफआईआर
तिगड़ाना निवासी भंवरलाल ने बताया कि उसके खेत गांव की सीमा में हैं, जिन्हें दिनोद गांव में दिखा दिया। इस कारण फसल बीमा होने के बावजूद उसे खराब फसल का मुआवजा नहीं मिला। बैंक अधिकारी ने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर कष्ट निवारण समिति सदस्यों ने बताया कि यह किसानों को गुमराह करने का तरीका है। जिस पर श्रम मंत्री ने अधिकारी की क्लास लगाते हुए कहा कि जिसने गलती करके तिगड़ाना के खेत को दिनोद में दिखाया है। उस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। अगर अगली बैठक से पहले इसे ठीक नहीं किया तो एफआईआर दर्ज करवाई जाए। डीएसपी को जांच सौंपी गई।
न्याय दो या मरने की इजाजत दो
शिमली बास निवासी बीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में गबन की शिकायत की थी। एडीसी ने भी जांच रिपोर्ट में दोषी माना। बिल नकली है और हस्ताक्षर असली। लाखों का गबन किया गया है। उसे न्याय दो। न्याय नहीं दे सकते तो मरने की इजाजत दो। इस पर श्रम मंत्री अनूप धानक ने कहा कि मामला कोर्ट में है और लोकायुक्त में भी रखा हुआ है। पहले वहां सुनवाई हो जाए।
मारपीट मामले में परिवादी और अधिकारी आमने-सामने
खरकड़ी माखवान निवासी नरेंद्र ने कहा कि 27 और 28 अक्तूबर 2020 को उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस दोषियों को बचाकर उन पर ही दबाव बना रही है। इस पर पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और अन्य जांच में दोषी नहीं मिले। इस पर शिकायत कर्ता ने बताया कि 28 अक्तूबर 2020 को उसके पिता को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया गया। सुबूत मिटाने के लिए उनके फोन छीन लिए। पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। हम एसपी साहब से जांच चाहते हैं। श्रम मंत्री ने जांच का जिम्मा डीएसपी हेडक्वार्टर को सौंपा।
एक सप्ताह में रिपोर्ट आने की बात थी, दो साल हो गए
शूटिंग कोच मनोज की हत्या के मामले में पुलिस ने एक सप्ताह में गुजरात से ब्रेन मैपिंग टेस्ट की रिपोर्ट आने की बात कही तो मृतक की बहन मनीषा ने कहा कि एक-एक सप्ताह करते-करते दो साल बीत गए। मगर अब तक रिपोर्ट नहीं आई, जिस पर श्रम मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह और इंतजार करते हैं।
बूस्टर के लिए नहीं मिल रही जमीन, लोग परेशान
देवनगर निवासी सोमबीर व बलवान ने पेयजल किल्लत की बात उठाई तो जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी ने बताया कि वहां बूस्टर निर्माण किया जाना है। वहां जगह नहीं मिल रही, जिस पर श्रम मंत्री ने उपायुक्त आरएस ढिल्लो को जिम्मेदारी सौंपी।
अवैध निर्माण पर स्टे ऑर्डर के दिए आदेश
गांव कलिंगा निवासी रामकिशन, अजय व रणजीत ने जमीन कब्जाने और अवैध निर्माण का मामला रखा। साथ ही बताया कि निर्माण कार्य जारी है। इस पर श्रम मंत्री ने उपायुक्त को स्टे ऑर्डर जारी करने की बात कही।
एक साल से नहीं हो रही सुनवाई
कष्ट निवारण समिति सदस्य सुनील वर्मा नंबरदार ने कहा कि मैं एक साल से परेशान हूं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही। 40 बार शिकायत अधिकारियों को सौंप चुका हूं। पुराना बस स्टैंड वाले मार्ग के नवनिर्माण की मांग है, जो कि जनहित का मुद्दा है। इस संबंध में उपायुक्त ने बताया कि इसका काम चल रहा है और अवैध कब्जे भी यहां से हटाये जाने हैं। समिति सदस्य विजय शेखावत ने बताया कि दो दफा बैठकें रद्द कर दी गई और उन्हें सूचित भी नहीं किया, जिस कारण वे 60-60 किलोमीटर का सफर तय करके आए।
नौकरी मांगते हैं न पैसे, रेहड़ी के लिए जगह दे दो
रेहड़ी एसोसिएशन के प्रधान रामनिवास शर्मा ने कहा कि रोहतक गेट से रेहड़ी हटाने के लिए कारण 164 परिवारों के सामने परेशानी आ गई है। उन्हें रेहड़ी लगाने के लिए जगह दी जाए। इस पर एएसपी हितेश ने बताया कि 50-50 मीटर ही पीछे किए हैं। सड़क पर रेहड़ी लगाने की इजाजत नहीं।

श्रम एंव रोजगार मंत्री को सेक्टर-13 की समस्याओं से अवगत करवाते हुए प्रधान रामकिशन शर्मा। संवाद - फोटो : Bhiwani