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Bhiwani News: जूई अनाज मंडी में नियमों को ताक पर रख जमकर हो रही धांधली

Tue, 09 Apr 2024 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 09 Apr 2024 12:18 AM IST
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Huge rigging is taking place in Jui grain market by ignoring the rules.
जूई (भिवानी)। जूई अनाज मंडी में सरकार को पलीता लगाने में मंडी आढ़ती और खरीदार से लेकर अधिकारी सब की मिलीभगत से बिना सफाई किए सीधे सरसों बोरियों में भराई कराकर गोदामों में भेजी जा रही है। सरकार 5650 रुपये प्रति क्विंटल शुद्ध सरसों के लिए दे रही है, लेकिन जूई अनाज मंडी में तो तारामीरा, मिट्टी, कंकड़-पत्थर, घास-फूस खरपतवार सब सरसों में मिलाकर बोरियों में भर गोदाम में भेजा जा रहा है। इस तरह धांधली हो रही है।
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कमाल की बात तो ये है कि साफ होने बाद ही ढेरी की भराई होती है। लेकिन यहां तो औपचारिकता के तौर पर भी ऐसा नहीं हो रहा। इस मामले आढ़तियों की चांदी है। वहीं किसानों को एक से दो किलो प्रति क्विंटल सरसों पर काटा देना पड़ रहा है। हैफेड के जूई अनाज मंडी प्रभारी मामले पर जो करेगा वो भरेगा बोलकर अपने कर्तव्य से मुंह मोड़ रहा है। संवाद
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नहीं हो रही सरसों की सफाई

जूई अनाज मंडी में सरसों के ढेर लगे पड़े हैं। कई जगह तो मिट्टी और रास्तों पर भी सरसों डाली जा चुकी है। नियम के हिसाब से आढ़ती द्वारा सरसों खरीद से पहले पंखा मशीन लगाकर उसकी झराई की जाती है। कचरा, खरपतवार व टूटी-फूटी सरसों को निकाल बाहर कर साफ व स्वच्छ सरसों की ढेरी लगा उसकी खरीद अधिकारी बिडिंग करने के बाद सरसों को बोरियों में भरी जाती है। इसके लिए सरकार 5650 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान कर रही है। लेकिन जूई अनाज मंडी में आढ़ती व खरीद अधिकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सरकार को भारी पलीता लगाने में लगे हुए हैं। प्रत्येक आढ़ती बिना साफ-सफाई किए सीधी सरसों बोरियों में भर गोदामों में भेज रहे हैं। आढ़ती किसान से सफाई के नाम पर तो प्रति क्विंटल एक से दो किलो सरसों की काट ले रहे हैं। लेकिन साफ स्वच्छ न करके सीधे बोरियों में भर एक टोकन पर 25 से 50 किलोग्राम सरसों तो बचा ही रहा है। सरकार को कूड़ा करकट भेज उसे पलीता लगाने का काम भी कर रहा है। चुनावी सीजन का आढ़ती भरपूर फायदा उठाने में लगे हैं।
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जिला मुख्यालय सहित अन्य ग्रामीण मंडियों में भी चल रहा बिना झराई-भराई का खेल
सरसों की सरकारी खरीद में बिना झराई के ही भराई का खेल चल रहा है। दिखावे के लिए कई मंडियों में पंखे लगे झार लगाने की मशीन हैं, मगर ये मशीन काम ही नहीं कर रही हैं। जबकि कई ग्रामीण मंडियों में तो झराई की मशीनें तक नहीं हैं। सबसे अहम दिखावे के लिए झाड़ू से झराई के बाद भराई करते समय उस कूड़े को समेटकर कट्टों में भर दिया जाता है। जिसे रोकने के लिए अधिकारी भी सतर्कता नहीं दिखा रहे हैं।

अधिकारी बोले - जो करेगा, वो भरेगा
जूई अनाज मंडी में हैफेड की तरफ से खरीद अधिकारी रामनारायण से जब बिना झार व साफ-सफाई के सीधी बोरियों में सरसों भरने के बारे में बात की तो उन्होंने अपने कर्तव्यों को दरकिनार करते हुए कहा कि जो करेगा, वो भरेगा। सभी को साफ-सफाई के लिए बोल रखा है। साफ स्वच्छ ढेरी देख बिडिंग के मामले में उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर ये संभव नहीं है।
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