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वेतन नहीं मिलने से खफा अस्पताल के अनुबंधित कर्मचारियों ने छोड़ा काम, बिगड़ी व्यवस्था
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अनुबंधित कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण खाली पड़ी एंट्री गेट पर कुर्सी। संवाद
- फोटो : Bhiwani
पिछले छह माह से वेतन ने मिलने से खफा अस्पताल के अनुबंधित कर्मचारियों ने काम छोड़कर हड़ताल की। जिसके वजह से अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ गई। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रशासन ने फार्मासिस्ट को कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य दिया, जिसके बाद मरीज को ट्रीटमेंट स्लिप बनी। कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिला सामान्य अस्पताल में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह नौ बजे अपनी ड्यूटी छोड़कर अस्पताल परिसर में हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले छह माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। पिछले सप्ताह उन्होंने सिविल सर्जन और प्रधान चिकित्सा अधिकारी को अपनी समस्या के समाधान के लिए मांगपत्र सौंपा था। बावजूद इसके अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। पिछले माह अस्पताल में निरीक्षण पर आए उपायुक्त के समक्ष भी समस्या रखी थी। समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। अस्पताल में 308 कर्मचारी अनुबंध आधार पर लगे हैं।
फॉमासिस्ट को सौंपा कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य
अस्पताल में अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों के हड़ताल में होने के कारण अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ गई। ओपीडी में करीब 900 मरीज जांच करवाने पहुंचे थे। मगर कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण उनकी ट्रीटमेंट स्लिप नहीं बन पाई। मरीज सोनू, अमित, शांति, सुशीला ने बताया कि पिछले दो घंटे से पर्चियों के लिए इंतजार कर रहे हैं। दो घंटे बाद अस्पताल प्रशासन ने फॉमासिस्टों को कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य दे दिया, जिसके बाद मरीजों की पर्चियां बन पाईं।
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सैनिटाइजेशन के बिना मरीजों को दिया प्रवेश
कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते हर मरीज व तीमारदार के सैनिटाइजर का छिड़काव और तापमान की जांच की जा रही है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सभी नियम ताक पर नजर आए। न तापमान मापा गया और न अन्य व्यवस्थाएं दिखीं।
कर्मचारियों ने किया सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को ट्वीट
कर्मचारियों ने बताया कि वेतन न मिलने के साथ अस्पताल में ठेकेदार का सुपरवाइजर वेतन में गड़बड़ी कर रहा है। जिसको लेकर उन्होंने कई बार सुपरवाइजर व अन्य अधिकारियों से बातचीत की थी। इसको लेकर एक मामले की विडियो भी वायरल हुआ है। वायरल विडियो में ठेकेदार का सुपरवाइजर और कर्मचारियों के बीच वार्तालाप है, जिसमें सुपरवाइजर कह रहा है कि वो ऐसे कर्मचारियों का वेतन भी जारी कर रहा है, जो कि ड्यूटी पर भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अनुबंध आधार पर बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ट्विटर के माध्यम से शिकायत दी है।
सिविल सर्जन ने ली अधिकारियों की बैठक
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने तुरंत प्रभाव से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक देर शाम तक चलती रही, जिसमें कर्मचारियों की वेतन, पीएफ व अन्य मांगों पर विचार किया गया।
कर्मचारियों ने रखीं ये मांगें
अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों के प्रधान दीपक ने बताया कि उन्होंने सिविल सर्जन से ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उन्हें पिछले छह माह का बकाया वेतन दिलाया जाए। उनके पीएफ नंबर की जानकारी जारी की जाए। साथ ही चाहे कोई भी ठेकेदार या कंपनी आए उन्हें नौकरी से न हटाया जाए। कर्मचारियों ने कहा है कि जब तब उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वो हड़ताल वापस नहीं लेंगे।
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जिला सामान्य अस्पताल में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह नौ बजे अपनी ड्यूटी छोड़कर अस्पताल परिसर में हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले छह माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। पिछले सप्ताह उन्होंने सिविल सर्जन और प्रधान चिकित्सा अधिकारी को अपनी समस्या के समाधान के लिए मांगपत्र सौंपा था। बावजूद इसके अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। पिछले माह अस्पताल में निरीक्षण पर आए उपायुक्त के समक्ष भी समस्या रखी थी। समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। अस्पताल में 308 कर्मचारी अनुबंध आधार पर लगे हैं।
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फॉमासिस्ट को सौंपा कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य
अस्पताल में अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों के हड़ताल में होने के कारण अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ गई। ओपीडी में करीब 900 मरीज जांच करवाने पहुंचे थे। मगर कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण उनकी ट्रीटमेंट स्लिप नहीं बन पाई। मरीज सोनू, अमित, शांति, सुशीला ने बताया कि पिछले दो घंटे से पर्चियों के लिए इंतजार कर रहे हैं। दो घंटे बाद अस्पताल प्रशासन ने फॉमासिस्टों को कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य दे दिया, जिसके बाद मरीजों की पर्चियां बन पाईं।
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कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते हर मरीज व तीमारदार के सैनिटाइजर का छिड़काव और तापमान की जांच की जा रही है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सभी नियम ताक पर नजर आए। न तापमान मापा गया और न अन्य व्यवस्थाएं दिखीं।
कर्मचारियों ने किया सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को ट्वीट
कर्मचारियों ने बताया कि वेतन न मिलने के साथ अस्पताल में ठेकेदार का सुपरवाइजर वेतन में गड़बड़ी कर रहा है। जिसको लेकर उन्होंने कई बार सुपरवाइजर व अन्य अधिकारियों से बातचीत की थी। इसको लेकर एक मामले की विडियो भी वायरल हुआ है। वायरल विडियो में ठेकेदार का सुपरवाइजर और कर्मचारियों के बीच वार्तालाप है, जिसमें सुपरवाइजर कह रहा है कि वो ऐसे कर्मचारियों का वेतन भी जारी कर रहा है, जो कि ड्यूटी पर भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अनुबंध आधार पर बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ट्विटर के माध्यम से शिकायत दी है।
सिविल सर्जन ने ली अधिकारियों की बैठक
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने तुरंत प्रभाव से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक देर शाम तक चलती रही, जिसमें कर्मचारियों की वेतन, पीएफ व अन्य मांगों पर विचार किया गया।
कर्मचारियों ने रखीं ये मांगें
अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों के प्रधान दीपक ने बताया कि उन्होंने सिविल सर्जन से ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उन्हें पिछले छह माह का बकाया वेतन दिलाया जाए। उनके पीएफ नंबर की जानकारी जारी की जाए। साथ ही चाहे कोई भी ठेकेदार या कंपनी आए उन्हें नौकरी से न हटाया जाए। कर्मचारियों ने कहा है कि जब तब उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वो हड़ताल वापस नहीं लेंगे।