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Bhiwani News: फिर टूटी आस...बादल छाए पर बरसे नहीं
Mon, 23 Jun 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 23 Jun 2025 12:44 AM IST
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शहर में शाम के समय आसमान में छाए बादल।
भिवानी। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, लेकिन तीन दिनों से जारी उमस भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा के कुछ जिलों में बारिश की दस्तक हो चुकी है और प्री-मानसून सक्रिय होने की संभावना जताई गई है, लेकिन भिवानी में रविवार को भी लोग बारिश के इंतजार में आसमान की ओर टकटकी लगाए रहे।
दिनभर उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली और देर शाम तक हल्के बादल तो छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
स्वास्थ्य पर असर, अस्पतालों में बढ़े मरीज
गर्मी और उमस का स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। रविवार को अवकाश के बावजूद नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी। सुबह 11:30 बजे तक ही पेट संक्रमण के 40 से ज्यादा मरीज आपातकालीन विभाग में पहुंच चुके थे। त्वचा, गला, नाक व कान संक्रमण, वायरल बुखार, उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को ओआरएस और जिंक की गोलियां दी जा रही हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शुभम महता और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने भी लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
ये हैं रोगों के लक्षण
पेट संक्रमण: उल्टी, दस्त, ऐंठन
त्वचा संक्रमण: खुजली, लाल दाने, जलन
कान संक्रमण: दर्द, खुजली, वैक्स बहना
गला संक्रमण: दर्द, चुभन, निगलने में कठिनाई
वायरल: बुखार, थकावट, शरीर दर्द
बचाव के उपाय
पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीएं
धूप में जाने से बचें
जंक फूड से परहेज करें
तरल पदार्थ लें
सूती कपड़े पहनें
गरारे करें यदि गले में दिक्कत हो
नहर में नहाने से बचें, नाक-कान को ढंकें
धान की रोपाई के लिए बारिश का इंतजार करें
मौसम वैज्ञानिक डॉ. देवीलाल सहारण ने कहा है कि किसान धान की रोपाई मानसून की बारिश के बाद ही करें, क्योंकि इस बार मानसून समय पर आने की संभावना है, जिससे फसलों को लाभ मिलेगा। जल्दी रोपाई करने से नुकसान हो सकता है।
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दिनभर उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली और देर शाम तक हल्के बादल तो छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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स्वास्थ्य पर असर, अस्पतालों में बढ़े मरीज
गर्मी और उमस का स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। रविवार को अवकाश के बावजूद नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी। सुबह 11:30 बजे तक ही पेट संक्रमण के 40 से ज्यादा मरीज आपातकालीन विभाग में पहुंच चुके थे। त्वचा, गला, नाक व कान संक्रमण, वायरल बुखार, उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को ओआरएस और जिंक की गोलियां दी जा रही हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शुभम महता और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने भी लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
ये हैं रोगों के लक्षण
पेट संक्रमण: उल्टी, दस्त, ऐंठन
त्वचा संक्रमण: खुजली, लाल दाने, जलन
कान संक्रमण: दर्द, खुजली, वैक्स बहना
गला संक्रमण: दर्द, चुभन, निगलने में कठिनाई
वायरल: बुखार, थकावट, शरीर दर्द
बचाव के उपाय
पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीएं
धूप में जाने से बचें
जंक फूड से परहेज करें
तरल पदार्थ लें
सूती कपड़े पहनें
गरारे करें यदि गले में दिक्कत हो
नहर में नहाने से बचें, नाक-कान को ढंकें
धान की रोपाई के लिए बारिश का इंतजार करें
मौसम वैज्ञानिक डॉ. देवीलाल सहारण ने कहा है कि किसान धान की रोपाई मानसून की बारिश के बाद ही करें, क्योंकि इस बार मानसून समय पर आने की संभावना है, जिससे फसलों को लाभ मिलेगा। जल्दी रोपाई करने से नुकसान हो सकता है।