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Bhiwani News: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी नर्सिंग होम में मारा छापा, मामला दर्ज
Sat, 04 Jan 2025 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 04 Jan 2025 12:00 AM IST
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तोशाम। उप सिविल सर्जन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने गांव खानक स्थित एक निजी नर्सिंग होम में छापा मारकर अवैध रूप से चल रहे क्लिनिक से दवाई आदि सामग्री बरामद की हैं। टीम की शिकायत पर मामले में विभिन्न लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीएम विंडो की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग से उप-सिविल सर्जन डॉ. श्वेताभ रंजन, नागरिक अस्पताल तोशाम से एमओ डॉ. ओजस्विनी शर्मा व भिवानी से डीसीओ सुरेंद्र कुमार की तीन सदस्यीय टीम ने सिविल सर्जन भिवानी के निर्देश पर खानक में चल रहे एक निजी नर्सिंग होम पर छापा मारा। टीम ने गांव की सरपंच व नर्सिंग होम से जुड़े रामकेश को नर्सिंग होम को डी-सीलिंग करने और आगे की जांच पूरी करने के लिए बुलाया। कुछ समय बाद दोनों जांच में शामिल हो गए। मौके पर टीम ने आने का उद्देश्य बताया।
टीम सदस्यों की मौजूदगी में नर्सिंग होम को डी-सील किया गया। इस दौरान आरोपी को मरीजों को दवाइयां वितरित करने के लिए डॉक्टर के रूप में अभ्यास करने के लिए दुकान में स्थित अपने क्लिनिक में चिकित्सा उपकरण और एलोपैथिक दवाओं का स्टॉक करते हुए पाया गया। मरीजों के संबंध में कोई अन्य दस्तावेज नहीं मिले।
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इसके अलावा टीम ने उनसे क्लिनिक के स्वामित्व के बारे में पूछा रामकेश ने खुलासा किया कि वह क्लीनिक चलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति है। क्योंकि इस क्लीनिक का मालिक होने के नाते टीम ने उसे मौके पर स्टॉक की गई दवाओं का पूरा बिक्री, खरीद और वितरण रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा है। आरोपी मौके पर एलोपैथिक दवा का अभ्यास करने के लिए वैध आरएमपी डिग्री और बिक्री खरीद रिकॉर्ड भी पेश नहीं कर सका।
इसी दौरान कुछ समय बाद रामकेश ने डॉ. अमनदीप निवासी आर्य नगर जिला हिसार को फोन किया और रामकेश को बताया कि डॉ. अमनदीप उनके नर्सिंग होम में काम कर रहा था। डॉ. अमनदीप जांच में शामिल हुए और खुलासा किया कि उन्होंने चिकित्सा पद्धति के उद्देश्य से रामकेश से यह भवन किराए पर लिया है। वहीं डॉ. अमनदीप ने अपने लिखित बयान में खुलासा किया कि उन्होंने एक जनवरी 2024 से 30 सितंबर 2024 की अवधि तक उनके यहां काम किया और पांच हजार रुपये प्रति माह किराया दिया। टीम ने डॉ. अमनदीप से वैध किरायानामा / किराया पर्ची, आईपीडी रजिस्टर और प्रिस्क्रिप्शन पैड मांगा। लेकिन वह ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिससे यह साबित हो सके कि वह नर्सिंग होम में कितने समय से चिकित्सकीय प्रैक्टिस कर रहा है।
डॉ. अमनदीप ने यह भी खुलासा किया कि उसे जब्त एलोपैथिक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के बारे में कुछ भी पता नहीं है। मेडिकल उपकरणों के साथ स्टॉक में पाई गई सभी 25 प्रकार की एलोपैथिक दवाओं को पैक कर जब्त कर लिया गया। टीम की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बिना वैध आरएमपी डिग्री के साथ-साथ पूर्ण बिक्री, खरीद और वितरण रिकॉर्ड के बिना एलोपैथिक दवाओं के साथ अवैध चिकित्सा पद्धति में लिप्त होने को लेकर एनएमसी अधिनियम 2019 की धारा 33, 34 और बीएनएस 2023 की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।इस बारे में थाना प्रभारी उग्रसैन ने बताया की चिकित्सकों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अवैध क्लिनिक चलाया जा रहा था।
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सीएम विंडो की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग से उप-सिविल सर्जन डॉ. श्वेताभ रंजन, नागरिक अस्पताल तोशाम से एमओ डॉ. ओजस्विनी शर्मा व भिवानी से डीसीओ सुरेंद्र कुमार की तीन सदस्यीय टीम ने सिविल सर्जन भिवानी के निर्देश पर खानक में चल रहे एक निजी नर्सिंग होम पर छापा मारा। टीम ने गांव की सरपंच व नर्सिंग होम से जुड़े रामकेश को नर्सिंग होम को डी-सीलिंग करने और आगे की जांच पूरी करने के लिए बुलाया। कुछ समय बाद दोनों जांच में शामिल हो गए। मौके पर टीम ने आने का उद्देश्य बताया।
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टीम सदस्यों की मौजूदगी में नर्सिंग होम को डी-सील किया गया। इस दौरान आरोपी को मरीजों को दवाइयां वितरित करने के लिए डॉक्टर के रूप में अभ्यास करने के लिए दुकान में स्थित अपने क्लिनिक में चिकित्सा उपकरण और एलोपैथिक दवाओं का स्टॉक करते हुए पाया गया। मरीजों के संबंध में कोई अन्य दस्तावेज नहीं मिले।
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इसके अलावा टीम ने उनसे क्लिनिक के स्वामित्व के बारे में पूछा रामकेश ने खुलासा किया कि वह क्लीनिक चलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति है। क्योंकि इस क्लीनिक का मालिक होने के नाते टीम ने उसे मौके पर स्टॉक की गई दवाओं का पूरा बिक्री, खरीद और वितरण रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा है। आरोपी मौके पर एलोपैथिक दवा का अभ्यास करने के लिए वैध आरएमपी डिग्री और बिक्री खरीद रिकॉर्ड भी पेश नहीं कर सका।
इसी दौरान कुछ समय बाद रामकेश ने डॉ. अमनदीप निवासी आर्य नगर जिला हिसार को फोन किया और रामकेश को बताया कि डॉ. अमनदीप उनके नर्सिंग होम में काम कर रहा था। डॉ. अमनदीप जांच में शामिल हुए और खुलासा किया कि उन्होंने चिकित्सा पद्धति के उद्देश्य से रामकेश से यह भवन किराए पर लिया है। वहीं डॉ. अमनदीप ने अपने लिखित बयान में खुलासा किया कि उन्होंने एक जनवरी 2024 से 30 सितंबर 2024 की अवधि तक उनके यहां काम किया और पांच हजार रुपये प्रति माह किराया दिया। टीम ने डॉ. अमनदीप से वैध किरायानामा / किराया पर्ची, आईपीडी रजिस्टर और प्रिस्क्रिप्शन पैड मांगा। लेकिन वह ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिससे यह साबित हो सके कि वह नर्सिंग होम में कितने समय से चिकित्सकीय प्रैक्टिस कर रहा है।
डॉ. अमनदीप ने यह भी खुलासा किया कि उसे जब्त एलोपैथिक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के बारे में कुछ भी पता नहीं है। मेडिकल उपकरणों के साथ स्टॉक में पाई गई सभी 25 प्रकार की एलोपैथिक दवाओं को पैक कर जब्त कर लिया गया। टीम की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बिना वैध आरएमपी डिग्री के साथ-साथ पूर्ण बिक्री, खरीद और वितरण रिकॉर्ड के बिना एलोपैथिक दवाओं के साथ अवैध चिकित्सा पद्धति में लिप्त होने को लेकर एनएमसी अधिनियम 2019 की धारा 33, 34 और बीएनएस 2023 की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।इस बारे में थाना प्रभारी उग्रसैन ने बताया की चिकित्सकों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अवैध क्लिनिक चलाया जा रहा था।