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Bhiwani News: टीबी व कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय, गांव मानहेरू में किया जागरूक
Sun, 29 Jun 2025 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:36 PM IST
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गांव मानहेरू सीएचसी में कुष्ठ व टीबी रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने की शपथ लेतीं महिलाएं।
भिवानी। जिले में स्वास्थ्य विभाग टीबी और कुष्ठ रोग जैसी गंभीर बीमारियों के उन्मूलन के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में गांव मानहेरू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में रविवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को इन बीमारियों के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रीतू फौगाट ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य वर्ष 2025 तक देश को टीबी और 2027 तक कुष्ठ रोग से मुक्त बनाना है। इसी के तहत विभाग सर्वे कर मरीजों की पहचान कर रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को कुष्ठ व टीबी से संबंधित सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और बीमारियों के प्रति संवेदनशीलता लाने की शपथ दिलाई गई। डॉ. फौगाट ने कहा कि ये दोनों बीमारियां पूरी तरह से इलाज योग्य हैं, यदि समय रहते इनके लक्षणों को पहचाना जाए और नियमित उपचार लिया जाए।
उन्होंने कहा कि समाज में फैले अंधविश्वास और भेदभाव के कारण पीड़ित व्यक्ति अक्सर इलाज से वंचित रह जाते हैं, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य इन बीमारियों को लेकर सही जानकारी देना और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव बढ़ाना है। इस अवसर पर नर्सिंग स्टाफ सुनीता मोरवाल, बीएसी सुरेंद्र, सरोज, कृष्णा सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
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क्या है कुष्ठ रोग
कुष्ठ रोग एक प्रकार का संक्रमण है, जो त्वचा और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत त्वचा रोग विशेषज्ञ जनश्रुति ने बताया कि लोगों में यह भ्रम है कि कुष्ठ रोग छूने से फैलता है, जबकि यह बहुत धीमी गति से फैलने वाला संक्रमण है। इसका पता लगने में कई साल लग सकते हैं। त्वचा पर घाव, नसों में कमजोरी और हाथ-पैर का सुन्न होना इसके लक्षण हैं। यह पूरी तरह से इलाज योग्य है, इसलिए घबराने की नहीं बल्कि समय पर जांच कराने की जरूरत है।
-कुष्ठ रोग के लक्षण
नसों में कमजोरी
नसों में सूजन
त्वचा पर घाव
आंखों में समस्या
हाथ-पैर का सुन्न होना
-कुष्ठ रोग से बचाव
मल्टी ड्रग थैरेपी (MDT) इस बीमारी का सबसे प्रभावी इलाज है।
रोगी के संपर्क में रहने वालों की समय-समय पर जांच जरूरी है।
लोगों को इसके लक्षण, कारण और बचाव के प्रति निरंतर जागरूक करते रहना चाहिए।
संतुलित आहार और स्वच्छ जीवनशैली भी मददगार है।
-क्या है क्षय रोग
क्षय रोग (टीबी) माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों (पल्मोनरी टीबी) को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों जैसे रीढ़, गुर्दे, मस्तिष्क और हड्डियों (एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी) को भी संक्रमित कर सकता है। यह खांसी, छींक या बात करते समय संक्रमित व्यक्ति द्वारा छोड़ी गई बूंदों से फैलता है।
-कैसे करें टीबी पर नियंत्रण
भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें
खांसी या छींकते समय मुंह और नाक ढकें
सक्रिय टीबी रोगी मास्क का इस्तेमाल करें
संतुलित, पौष्टिक भोजन करें
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय अपनाएं
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कार्यक्रम के दौरान डॉ. रीतू फौगाट ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य वर्ष 2025 तक देश को टीबी और 2027 तक कुष्ठ रोग से मुक्त बनाना है। इसी के तहत विभाग सर्वे कर मरीजों की पहचान कर रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को कुष्ठ व टीबी से संबंधित सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और बीमारियों के प्रति संवेदनशीलता लाने की शपथ दिलाई गई। डॉ. फौगाट ने कहा कि ये दोनों बीमारियां पूरी तरह से इलाज योग्य हैं, यदि समय रहते इनके लक्षणों को पहचाना जाए और नियमित उपचार लिया जाए।
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उन्होंने कहा कि समाज में फैले अंधविश्वास और भेदभाव के कारण पीड़ित व्यक्ति अक्सर इलाज से वंचित रह जाते हैं, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य इन बीमारियों को लेकर सही जानकारी देना और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव बढ़ाना है। इस अवसर पर नर्सिंग स्टाफ सुनीता मोरवाल, बीएसी सुरेंद्र, सरोज, कृष्णा सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
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क्या है कुष्ठ रोग
कुष्ठ रोग एक प्रकार का संक्रमण है, जो त्वचा और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत त्वचा रोग विशेषज्ञ जनश्रुति ने बताया कि लोगों में यह भ्रम है कि कुष्ठ रोग छूने से फैलता है, जबकि यह बहुत धीमी गति से फैलने वाला संक्रमण है। इसका पता लगने में कई साल लग सकते हैं। त्वचा पर घाव, नसों में कमजोरी और हाथ-पैर का सुन्न होना इसके लक्षण हैं। यह पूरी तरह से इलाज योग्य है, इसलिए घबराने की नहीं बल्कि समय पर जांच कराने की जरूरत है।
-कुष्ठ रोग के लक्षण
नसों में कमजोरी
नसों में सूजन
त्वचा पर घाव
आंखों में समस्या
हाथ-पैर का सुन्न होना
-कुष्ठ रोग से बचाव
मल्टी ड्रग थैरेपी (MDT) इस बीमारी का सबसे प्रभावी इलाज है।
रोगी के संपर्क में रहने वालों की समय-समय पर जांच जरूरी है।
लोगों को इसके लक्षण, कारण और बचाव के प्रति निरंतर जागरूक करते रहना चाहिए।
संतुलित आहार और स्वच्छ जीवनशैली भी मददगार है।
-क्या है क्षय रोग
क्षय रोग (टीबी) माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों (पल्मोनरी टीबी) को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों जैसे रीढ़, गुर्दे, मस्तिष्क और हड्डियों (एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी) को भी संक्रमित कर सकता है। यह खांसी, छींक या बात करते समय संक्रमित व्यक्ति द्वारा छोड़ी गई बूंदों से फैलता है।
-कैसे करें टीबी पर नियंत्रण
भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें
खांसी या छींकते समय मुंह और नाक ढकें
सक्रिय टीबी रोगी मास्क का इस्तेमाल करें
संतुलित, पौष्टिक भोजन करें
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय अपनाएं