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Bhiwani News: ओलंपिक कोटा पाने से एक कदम दूर हरियाणवी मुक्केबाज निशांत देव

Tue, 12 Mar 2024 10:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 12 Mar 2024 10:56 AM IST
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Haryanvi boxer Nishant Dev one step away from getting Olympic quota
भिवानी। पेरिस ओलंपिक कोटा प्राप्त करने के लिए इटली में आयोजित किए जा रहे विश्व ओलंपिक क्वालीफाइंग मुकाबलों में हरियाणवी मुक्केबाज निशांत देव लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबलों में जीत हासिल कर रहे हैं। प्री क्वार्टर मुकाबले में जीत दर्ज करते हुए मुक्केबाज निशांत देव ओलंपिक कोटा प्राप्त करने से मात्र एक कदम की दूरी पर है। दस मार्च को हुए प्री क्वार्टर मुकाबले में ग्रीस के मुक्केबाज कैराइटिस क्रिस्टोस को मात देते हुए करनाल के मुक्केबाज निशांत देव ने 0-5 से जीत दर्ज कर क्वार्टर मुकाबले के लिए जगह बनाई।
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क्वार्टर के लिए निशांत देव का मुकाबला सोमवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के मुक्केबाज जोंस उमरी के साथ होगा। मुकाबलों का परिणाम देर रात तक आएगा। दरअसल, पेरिस ओलंपिक कोटा प्राप्त करने के लिए दो से 11 मार्च तक इटली के बस्टो अर्सिजियो शहर में विश्व ओलंपिक क्वालीफाइंग मुकाबलों का आयोजन किया जा रहा है। ओलंपिक कोटा प्राप्त करने के लिए इटली गई टीम के सभी हरियाणवी मुक्केबाजों में से करनाल के निशांत देव एकमात्र मुक्केबाज है जो क्वार्टर मुकाबले तक पहुंच पाए हैं।
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निशांत देव के पिता पवन देव ने बताते हैं कि निशांत में इटली में ओलंपिक कोटा प्राप्त करने के लिए दिन रात कड़ी मेहनत करके पूरी तैयारी के साथ रिंग में उतरा है। फिलहाल निशांत का एकमात्र लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। उसके लिए वह पूरी तरह फिट है। पांच मार्च को हुई पहली फाइट से ही निशांत देव रोचक मुकाबलों से आगे बढ़ते हुए क्वार्टर मुकाबले में पहुंचा है। इससे पहले निशांत ने दक्षिणी यूरोप के मॉन्टेनीग्रो देश में 15 दिनों तक आयोजित शिविर में मुक्केबाजी की बारीकियां सीखी। निशांत उज़्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीत चुका है।
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2021 में बुल्गारिया में आयोजित हुई विश्व चैंपियनशिप में निशांत को नाक में फैक्चर होने के कारण क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। निशांत देव के अनुसार उस समय वह विश्व मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक से चुका गया था। हालांकि इस बार उसका लक्ष्य ओलंपिक में स्वर्ण पदक जितने का है। क्वार्टर के लिए निशांत देव का मुकाबला सोमवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के मुक्केबाज जोंस उमरी के साथ होगा। मुकाबलों का परिणाम देर रात तक आएगा।

निशांत देव के पिता पवन देव ने बताया कि वे एक किसान हैं। उसने खेती बाड़ी करते हुए निशांत की प्रैक्टिस के दौरान किसी प्रकार की कोई आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करने दिया। दो भाइयों में निशांत छोटा है। मुक्केबाजी के साथ- साथ निशांत कैथल के जनता कॉलेज से बीएसी फाइनल वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। जब निशांत पांचवीं कक्षा में था, तब उसे अपने मामा मनोज बॉक्सर को पोस्टर देखकर बॉक्सर बनने की ठानी थी। जब वह आठ साल का हुआ तो निशांत के मामा मनोज बॉक्सर ने कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीता था। उनसे निशांत को काफी प्रेरणा मिली थी। निशांत ने करनाल में ही कोच सुरेंद्र चौहान के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी की प्रैक्टिस की है।
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