फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   hail, crops, raining

31 गांवों में बरसे ओले, 70 फीसदी तक फसल बर्बाद

Thu, 05 Mar 2020 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 12:54 AM IST
विज्ञापन
hail, crops, raining
बहल क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के चलते जमीन पर बिछी ओलो की सफेद चादर। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
बहल, तोशाम क्षेत्र के गांवों में बुधवार दिन में तेज बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से गेहूं, चना व सरसों की फसल में भारी नुकसान हुआ है। पकने की कगार पर खड़ी फसल खराब होने से किसानों के सारे अरमानों पर पानी फिर गया है। किसानों के अनुसार, कुछ गांवों में तो पांच से सात मिनट तक ओलावृष्टि होती रही जिससे फसलों में 60 से 70 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। भिवानी के जूई क्षेत्र के कुछ गांवों में भी हलकी ओलावृष्टि हुई।
विज्ञापन

बुधवार को दोपहर बाद बदला मौसम का मिजाज किसानों के लिए आफत बनकर आया। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और काली घटाएं छा गई। जिससे दिन में ही देर शाम जैसा माहौल बना। करीब पांच बजे बूंदाबांदी हुई। बहल, तोशाम, सिवानी क्षेत्र के करीब 31 गांव में जमकर ओलावृष्टि हुई। जमीन पर ओलो की सफेद चादर बन गई। ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, चने के अलावा सब्जियों में 70 फीसदी तक नुकसान आंका जा रहा है। हालांकि नुकसान की आधिकारिक पुष्टि कृषि विभाग के निरीक्षण और गिरदावरी के बाद ही होगा।
विज्ञापन

बहल क्षेत्र के 18 गांवों में गिरे ओले
बहल क्षेत्र के गांवों में बुधवार दिन में तेज बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से गेहूं, चना व सरसों की फसल में भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के गांव सिधनवा, सेरला में तो 40 से 50 ग्राम तक के ओले पड़े। वहीं, मंढोली कलां, सुरपुरा कलां, सुरपुरा खुर्द, गरवा का कुछ हिस्सा, बिधनोई, सेहर, चैहड़, ढाणी केहरां, सिरसी के अलावा सिवानी क्षेत्र के मिठी, मोरका, मतानी सहित अन्य गांवों के भारी ओलावृष्टि हुई। ओलों की सबसे ज्यादा मार सरसों की अगेती फसल पर हुई। ओलों की मार से जगह जगह पर सरसों की फलियों का झड़कर जमीन पर ढेर लग गया। वहीं, अन्य फसलें जमीन पर बिछ गई। किसानों की माने तो फसलों में 60 से लेकर 80 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगले 10 दिन में कटाई करनी थी मगर ओलो ने बर्बाद कर दिया : किसान बलवान, पवन ने बताया कि गेहूं की फसल में बाल निकल आई थी। अगले दस दिन में कटाई शुरू हो जानी थी। पर, ओलों की मार से फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसानों ने बताया कि चने, सरसों तथा गेहूं की फसल में अब पैदावार की कोई गुंजाइश नहीं बची है। किसानों ने कहा कि पकी पकाई फसल बर्बाद होने से उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। अब तो सरकार से ही उम्मीद है कि सहायता मिले तो घर का गुजर बसर चल जाए।
इन गांवों में बरसे ओले : बहल के मंढोली कलां, सुरपुरा कलां, सुरपुरा खुर्द, गरवा का कुछ हिस्सा, बिधनोई, सेहर, चैहड़, ढाणी केहरां, सिरसी, सेरला, सिधनवा, हरियावास, गोपालवास, बुढेडी, पाजू के अलावा सिवानी क्षेत्र के मिठी, मोरका, मतानी, तोशाम के गांव हसान, रोढ़ा, साहलेवाला, देवावास, ईश्रवाल, कतवार, आलमपुर व थिलोड़ में ओलावृष्टि हुई।
गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दे सरकार : किसान सभा
अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया तथा डॉ. बलबीर सिंह ठाकन ने कहा कि बहल, सिवानी तथा लोहारू क्षेत्र के गांवों में ओलावृष्टि से किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। अब किसानों के पास गुजारे लायक कुछ नहीं बचा है। प्रदेश सरकार किसानों की प्रभावित फसलों की बिना देरी किए गिरदावरी करवाकर तुरंत प्रभाव से प्रति एकड़ 30 हजार रुपये मुआवजा देने का काम करें। इसके लिए किसान पर किसी प्रकार के डॉक्यूमेंट्स की कंडीशन न लगाएं तथा मुआवजा प्रक्रिया को शुरू करें।
तोशाम में भी भारी नुकसान : ओलावृष्टि से क्षेत्र के गांव हसान, रोढ़ा, साहलेवाला, देवावास, ईश्रवाल, कतवार, आलमपुर, खरकड़ी माखवान व थिलोड़ में ओलावृष्टि हुई। जिससे फसल में भारी नुकसान है। किसानों ने प्रशासन से ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजे की मांग की है। हसान निवासी किसान जयप्रकाश, वजीर सिंह, गुणपाल, जयसिंह, देवावास सरपंच रामधारी लांबा, कतवार सरपंच प्रतिनिधी धर्मबीर, महेंद्र नंबरदार ईश्रवाल, रोढ़ा सरपंच रघुबीर सिंह आदि ने ओलावृष्टि ने तो उन्हें बर्बाद कर दिया है। किसान तुरंत विशेष गिरदावरी कर मुआवजा दें।
टमाटर की बर्बाद फसल देखने पहुंचे एसडीएम : ओलावृष्टि के बाद तोशाम एसडीएम संदीप कुमार खरकड़ी माखवान वासी किसान राज कुमार के खेत में पहुंचे। जहां राज कुमार ने टमाटर लगाए हुए थे। ओलावृष्टि से किसान की फसल लगभग बर्बाद हो गई।
कैरू में हल्की बूंदाबांदी तो जूई में तीन एमएम बारिश
कैरू क्षेत्र के गांवों में हल्की बूंदाबांदी हुई। गांव देवराला, चंदाबास, इंदीवाली, धारवानबास में बूंदाबांदी हुई। जूई क्षेत्र में तीन एमएम बारिश हुई है। यहां हलकी ओलावृष्टि भी हुई।
दोपहर बाद कई गांवों में हल्की मात्रा में गिरे ओले, कहीं कहीं हुई बारिश
लोहारू में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण कई गांवों में हलकी ओलावृष्टि और बरसात हुई। कई गांवों के किसानेां का कहना है कि ओलावृष्टि के कारण सरसों, गेहूं की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कृषि अधिकारी चंद्रभान से मिली जानकारी के अनुसार खरकड़ी, चहड़, पहाड़ी, कुड़ल, सेहर आदि गांवों में हलकी ओलावृष्टि और बरसात हुई है तथा इनके आस पास के गांवों में बरसात दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान जरूर होता हैं किंतु जहां बारिश हुई है वहां पर फसलों को लाभ होने की भी उम्मीद है।

ओलावृष्टि से प्रदेश में गेहूं, चना, सरसों की फसलों तथा सब्जियों में नुकसान हुआ है। प्रकृति की मार पर किसी का जोर नहीं है लेकिन प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है। जिस भी किसान की फसल में नुकसान हुआ है, प्रदेश सरकार उसकी पूरी भरपाई करेगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर प्रभावित फसल को गिरदावरी में शामिल कर रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसान को नुकसान नहीं होने देगी, पूरा नुकसान सरकार वहन करेगी। - जयप्रकाश दलाल, कृषि मंत्री

बहल क्षेत्र में गेंहूं की फसल में गिरे ओले। संवाद न्यूज एजेंसी

बहल क्षेत्र में गेंहूं की फसल में गिरे ओले। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : Bhiwani

बहल क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि दिखाते हुए किसान। संवाद न्यूज एजेंसी

बहल क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि दिखाते हुए किसान। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : Bhiwani

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed