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Bhiwani News: हर छह घंटे में मिलेगी भू-जल स्तर की जानकारी, जिले में लगाए 124 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर
Tue, 09 Apr 2024 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 09 Apr 2024 12:22 AM IST
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डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर।
भिवानी। अटल भूजल योजना के तहत जिले में डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए जा रहे हैं। इसकी मदद से बरसात के सीजन भू-जल स्तर में गिरावट या सुधार के बारे में पता चल सकेगा। डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर हर छह घंटे में पानी के जलस्तर के बारे में पता लगाया जा सकेगा। जिले के चार ब्लॉकों में 124 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए जा चुके हैं।
दरअसल, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अटल भूजल योजना के तहत बरसात के सीजन से पहले व बाद में भू-जल स्तर में सुधार या गिरावट का पता लगाने के लिए डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए जा रहे हैं। इससे हर छह घंटे में पानी के जलस्तर के बारे में आसानी से पता किया जा सकता है। योजना के तहत डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाने के लिए भिवानी जिले के चार ब्लॉकों का चयन किया गया है। इनमें लोहारू, कैरू, बहल, तोशाम ब्लॉक शामिल हैं। इन ब्लॉकों में 124 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए जा चुके हैं।
यह रिकॉर्डर हर पांच किलो मीटर के दायरे में लगाए जा रहे हैं। इन डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर की मदद से हर छह घंटे में पानी की रिपोर्ट का डाटा जल शक्ति मंत्रालय के डिजिटल रिकार्ड में दर्ज होगा। इससे अधिकारी अपने कार्यालय में बैठे-बैठे ही भू-जल स्तर की जानकारी हासिल कर सकेंगे। संवाद
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ऐसे लगाए जाते हैं डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर
डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाने के लिए नया ट्यूबवेल लगाया जाता है। ट्यूबवेल में मोटर लगाते समय डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर भी साथ में लगाया जाता है। इसके बाद अधिकारियों को हर छह घंटे में भू-जल स्तर की जानकारी मिलनी शुरू हो जाती है।
जिले के 124 गांवों के स्कूलों व सार्वजनिक स्थलों पर डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए जा चुके हैं। इससे हर छह घंटे में भू-जलस्तर की रिपोर्ट अधिकारियों को मिल सकेगी। योजना के तहत जिले के चार ब्लॉकों में डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए गए हैं। इनमें लोहारू, कैरू, बहल और तोशाम ब्लॉक शामिल है।
- अशोक कुमार, जिला समन्वयक सह सूचना शिक्षा संचार विशेषज्ञ, भिवानी।
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दरअसल, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अटल भूजल योजना के तहत बरसात के सीजन से पहले व बाद में भू-जल स्तर में सुधार या गिरावट का पता लगाने के लिए डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए जा रहे हैं। इससे हर छह घंटे में पानी के जलस्तर के बारे में आसानी से पता किया जा सकता है। योजना के तहत डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाने के लिए भिवानी जिले के चार ब्लॉकों का चयन किया गया है। इनमें लोहारू, कैरू, बहल, तोशाम ब्लॉक शामिल हैं। इन ब्लॉकों में 124 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए जा चुके हैं।
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यह रिकॉर्डर हर पांच किलो मीटर के दायरे में लगाए जा रहे हैं। इन डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर की मदद से हर छह घंटे में पानी की रिपोर्ट का डाटा जल शक्ति मंत्रालय के डिजिटल रिकार्ड में दर्ज होगा। इससे अधिकारी अपने कार्यालय में बैठे-बैठे ही भू-जल स्तर की जानकारी हासिल कर सकेंगे। संवाद
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ऐसे लगाए जाते हैं डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर
डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाने के लिए नया ट्यूबवेल लगाया जाता है। ट्यूबवेल में मोटर लगाते समय डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर भी साथ में लगाया जाता है। इसके बाद अधिकारियों को हर छह घंटे में भू-जल स्तर की जानकारी मिलनी शुरू हो जाती है।
जिले के 124 गांवों के स्कूलों व सार्वजनिक स्थलों पर डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए जा चुके हैं। इससे हर छह घंटे में भू-जलस्तर की रिपोर्ट अधिकारियों को मिल सकेगी। योजना के तहत जिले के चार ब्लॉकों में डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए गए हैं। इनमें लोहारू, कैरू, बहल और तोशाम ब्लॉक शामिल है।
- अशोक कुमार, जिला समन्वयक सह सूचना शिक्षा संचार विशेषज्ञ, भिवानी।