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15 लाख से होगी शहर के नालों की सफाई
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 27 May 2017 01:02 AM IST
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नालों की सफाई के लिए योजना तैयार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी बरसाती नालों की सफाई के लिए योजना तैयार कर ली है। इसके लिए 15 लाख का एस्टीमेट पास भी हो चुका है। इस योजना के तहत शहर के सभी जोहड़ व बरसाती नालों की छटाई की जाएगी। ताकि शहर में बरसाती पानी का जमाव न हो सके। इसके अलावा जोहड़ों पर पंप सैट लगाए जाएंगे और सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा। अमर उजाला ने इस समस्या को 23 मई के अंक में प्रमुखता से उठाया था।
जानकारी के अनुसार शहर में 10 एमएम बारिश होने पर ही सीवरेज सिस्टम चरमरा जाता है। तेज बारिश आने पर तो हालात कई दिन तक खराब रहते हैं। जोहड़ बारिश होने पर ओवरफ्लो हो जाते हैं इससे आसपास की बस्ती के मकानों में पानी घुस जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी राजकीय स्कूल के समीप खाडी यानी जोहड़, श्यामेश्वर तालाब व यादव धर्मशाला के समीप पानी भरने से बनती है। इन जोहड़ों में बस्तियों व सीवरेज का पानी जमा हो जाता है। प्री मानूसन जून के अंतिम सप्ताह तक अक्सर दस्तक दे देती है। ऐसे में सवा माह ही प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग के पास तैयारियों का बचा है।
ये होगी बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था
बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था के लिए शहर के सभी जोहड़ों पर पंप सेट एवं मोटरें लगाई जाएगी। जहां जरूरत पड़ी वहां पाइप आदि की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि शहर से पानी निकाला जा सके। सभी सीवरेज मेन हॉल आदि की सफाई एवं छंटाई आदि की जाएगी ताकि सीवरेज ब्लॉक न होने पाए। इस समय सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या भी अधिक है। इसके लिए विभाग भिवानी से सुपर सोकर मशीन मंगवाकर सीवरेज लाइनों के ब्लॉकेज खोले जाने की प्लानिंग में भी हैै। शहर से पानी की निकासी कर इसके कही बाहर एरिया में डाले जाने की भी प्लानिंग भी जा रही है।
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बरसाती नालों की होगी छंटाई
इस बजट राशि से बरसाती नालों की छंटाई एवं सफाई भी होनी है। इस समय शहर के बरसाती नाले अटे पड़े हैं। मेन सदर पुलिस थाना के सामने से गुजरने वाला नाला खस्ता हालत में है। नाले की दीवारें टूट चुकी हैं। इसी प्रकार घिकाड़ा रोड पर बना नाला भी जवाब दे चुका है। इस नाले के किनारे टूट चुके हैं। इसी प्रकार प्रेमनगर कालोनी में ढाणी रोड के साथ बना बरसाती पानी भी अटा पड़ा है। यह नाला अंतिम छोर तक वर्किंग में नहीं है। कई जगह रूकावटें बनी हुई है जिससे पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसी प्रकार शहर का फोरलेन के साथ बना बरसाती नाला भी जगह- जगह से कंडम हो चुका है। नाला कूड़े व पॉलिथीन आदि से अटा पड़ा है जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
1...शहर वासी जय किशन ने बताया कि शहर के सारे नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। विभाग जल्द ही नालों की साफ-सफाई करवा दे तो आने वाले बरसाती मौसम में लोगों के काफी फायदा होगा। अनुसार बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था पूरी तरह से व्यवस्थित होनी चाहिए ताकि बरसात के दिनो में पानी की निकासी हो सके। शहर में इस समय थोड़ी सी बारिश होने पर मकानों तक पानी घुस जाता है।
2...मोनू ने बताया कि पिछले काफी समय से नालों की सफाई नहीं की गई है। अधिकतर नाले जर्जर हो चुके है। विभाग को जल्द ही सभी नालों की मरम् मत करवा देनी चाहिए। थोड़ी बारिश होने पर ही सीवरेज बैक मारने लगते हैं जिससे हालात खराब हो जाते हैं।
3...हंसराज ने बताया विभाग बरसाती मौसम से पहले नालों की सफाई करवा रहा है तो आमजन के लिए काफी फायदा होगा। बरसाती मौसम में नाले ओवरफ्लो हो जाते है व सारा पानी सड़कों तक पहुंच जाता है। बाद में हालात खराब हो जाते हैं।
4...नितिन ने बताया कि घिकाड़ा रोड स्थित नाला कंडम हो चुका है इस नाले की दीवारें लकड़ी के सहारे डाट रखी हैं । विभाग जल्द ही मरम्मत करवा देता है तो आने वाले समय में लोगों की परेशानी कुछ हद तक कम हो जाएगी। उनका कहना है कि अब तो बरसात मौसम का सवा माह ही शेष है ऐसे में प्रशासन व विभाग को अभी से तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए ।
विभाग का 15 लाख का एस्टीमेट पास हो चुका है। इस प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। बरसाती के दो घंटे बाद शहर में बरसाती पानी की एक बूूंद नहीं रहने दी जाएगी।
एसडीओ रामपाल, जनस्वास्थ्य विभाग
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जानकारी के अनुसार शहर में 10 एमएम बारिश होने पर ही सीवरेज सिस्टम चरमरा जाता है। तेज बारिश आने पर तो हालात कई दिन तक खराब रहते हैं। जोहड़ बारिश होने पर ओवरफ्लो हो जाते हैं इससे आसपास की बस्ती के मकानों में पानी घुस जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी राजकीय स्कूल के समीप खाडी यानी जोहड़, श्यामेश्वर तालाब व यादव धर्मशाला के समीप पानी भरने से बनती है। इन जोहड़ों में बस्तियों व सीवरेज का पानी जमा हो जाता है। प्री मानूसन जून के अंतिम सप्ताह तक अक्सर दस्तक दे देती है। ऐसे में सवा माह ही प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग के पास तैयारियों का बचा है।
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ये होगी बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था
बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था के लिए शहर के सभी जोहड़ों पर पंप सेट एवं मोटरें लगाई जाएगी। जहां जरूरत पड़ी वहां पाइप आदि की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि शहर से पानी निकाला जा सके। सभी सीवरेज मेन हॉल आदि की सफाई एवं छंटाई आदि की जाएगी ताकि सीवरेज ब्लॉक न होने पाए। इस समय सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या भी अधिक है। इसके लिए विभाग भिवानी से सुपर सोकर मशीन मंगवाकर सीवरेज लाइनों के ब्लॉकेज खोले जाने की प्लानिंग में भी हैै। शहर से पानी की निकासी कर इसके कही बाहर एरिया में डाले जाने की भी प्लानिंग भी जा रही है।
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बरसाती नालों की होगी छंटाई
इस बजट राशि से बरसाती नालों की छंटाई एवं सफाई भी होनी है। इस समय शहर के बरसाती नाले अटे पड़े हैं। मेन सदर पुलिस थाना के सामने से गुजरने वाला नाला खस्ता हालत में है। नाले की दीवारें टूट चुकी हैं। इसी प्रकार घिकाड़ा रोड पर बना नाला भी जवाब दे चुका है। इस नाले के किनारे टूट चुके हैं। इसी प्रकार प्रेमनगर कालोनी में ढाणी रोड के साथ बना बरसाती पानी भी अटा पड़ा है। यह नाला अंतिम छोर तक वर्किंग में नहीं है। कई जगह रूकावटें बनी हुई है जिससे पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसी प्रकार शहर का फोरलेन के साथ बना बरसाती नाला भी जगह- जगह से कंडम हो चुका है। नाला कूड़े व पॉलिथीन आदि से अटा पड़ा है जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
1...शहर वासी जय किशन ने बताया कि शहर के सारे नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। विभाग जल्द ही नालों की साफ-सफाई करवा दे तो आने वाले बरसाती मौसम में लोगों के काफी फायदा होगा। अनुसार बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था पूरी तरह से व्यवस्थित होनी चाहिए ताकि बरसात के दिनो में पानी की निकासी हो सके। शहर में इस समय थोड़ी सी बारिश होने पर मकानों तक पानी घुस जाता है।
2...मोनू ने बताया कि पिछले काफी समय से नालों की सफाई नहीं की गई है। अधिकतर नाले जर्जर हो चुके है। विभाग को जल्द ही सभी नालों की मरम् मत करवा देनी चाहिए। थोड़ी बारिश होने पर ही सीवरेज बैक मारने लगते हैं जिससे हालात खराब हो जाते हैं।
3...हंसराज ने बताया विभाग बरसाती मौसम से पहले नालों की सफाई करवा रहा है तो आमजन के लिए काफी फायदा होगा। बरसाती मौसम में नाले ओवरफ्लो हो जाते है व सारा पानी सड़कों तक पहुंच जाता है। बाद में हालात खराब हो जाते हैं।
4...नितिन ने बताया कि घिकाड़ा रोड स्थित नाला कंडम हो चुका है इस नाले की दीवारें लकड़ी के सहारे डाट रखी हैं । विभाग जल्द ही मरम्मत करवा देता है तो आने वाले समय में लोगों की परेशानी कुछ हद तक कम हो जाएगी। उनका कहना है कि अब तो बरसात मौसम का सवा माह ही शेष है ऐसे में प्रशासन व विभाग को अभी से तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए ।
विभाग का 15 लाख का एस्टीमेट पास हो चुका है। इस प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। बरसाती के दो घंटे बाद शहर में बरसाती पानी की एक बूूंद नहीं रहने दी जाएगी।
एसडीओ रामपाल, जनस्वास्थ्य विभाग