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Bhiwani News: वीआईपी संस्कृति और सांसदों की पेंशन खत्म करने की मांग, ग्राम स्वराज किसान मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन
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भिवानी में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते ग्राम स्वराज किसान मोर्चा संगठन के सदस्य।
भिवानी। ग्राम स्वराज किसान मोर्चा ने मंगलवार को शहर में प्रदर्शन किया और इसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी 6 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु और लीगल सैल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता देवेंद्र सोढ़ी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के जिला अध्यक्ष राज सिंह धनाना, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण संगठन के अध्यक्ष महेंद्र पाल यादव, लीगल सेल की जिला अध्यक्षा एडवोकेट मुकेश ढाणीमाहु और युवा जिला प्रधान भागुराम तोशाम ने की। संचालन प्रदेश महासचिव मा. रघुबीर सिंह भेरा और जिला सचिव जंगबीर अलखपुरा ने किया।
राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि प्रदेश में नेताओं और अधिकारियों के लिए जारी वीआईपी संस्कृति को पूरी तरह समाप्त किया जाए 2014 से पहले की प्रभावी खेल नीति को पुनः लागू किया जाए, स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को मिलने वाला आरक्षण बहाल किया जाए, शिक्षा और चिकित्सा को सरकार के पूर्ण नियंत्रण में लेकर आमजन को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए, सांसदों और विधायकों की पेंशन पर रोक लगाई जाए तथा पूरे देश और प्रदेश में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू की जाए।
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प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने कहा कि आज किसान और आमजन मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि सत्ता में बैठे लोग वीआईपी संस्कृति का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सांसदों और विधायकों की पेंशन बंद कर वह राशि शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च की जाए। लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता देवेंद्र सोढ़ी ने कहा कि संविधान समानता की बात करता है लेकिन मौजूदा व्यवस्था में वीआईपी कल्चर असमानता पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोर्चा कानून के दायरे में रहकर अपनी मांगें राज्यपाल तक पहुंचा रहा है।
मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाएगा और राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंकेगा। इस अवसर पर संगठन महामंत्री राजपाल चाहर, अधिवक्ता सुमित श्योराण, अधिवक्ता ब्रह्मानंद, सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला, अधिवक्ता रवि राय, अधिवक्ता मीना चौपड़ा, राजेंद्र गौरा और युवा किसान नेता अनिल बामला मौजूद रहे।
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प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु और लीगल सैल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता देवेंद्र सोढ़ी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के जिला अध्यक्ष राज सिंह धनाना, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण संगठन के अध्यक्ष महेंद्र पाल यादव, लीगल सेल की जिला अध्यक्षा एडवोकेट मुकेश ढाणीमाहु और युवा जिला प्रधान भागुराम तोशाम ने की। संचालन प्रदेश महासचिव मा. रघुबीर सिंह भेरा और जिला सचिव जंगबीर अलखपुरा ने किया।
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राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि प्रदेश में नेताओं और अधिकारियों के लिए जारी वीआईपी संस्कृति को पूरी तरह समाप्त किया जाए 2014 से पहले की प्रभावी खेल नीति को पुनः लागू किया जाए, स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को मिलने वाला आरक्षण बहाल किया जाए, शिक्षा और चिकित्सा को सरकार के पूर्ण नियंत्रण में लेकर आमजन को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए, सांसदों और विधायकों की पेंशन पर रोक लगाई जाए तथा पूरे देश और प्रदेश में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू की जाए।
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प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने कहा कि आज किसान और आमजन मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि सत्ता में बैठे लोग वीआईपी संस्कृति का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सांसदों और विधायकों की पेंशन बंद कर वह राशि शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च की जाए। लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता देवेंद्र सोढ़ी ने कहा कि संविधान समानता की बात करता है लेकिन मौजूदा व्यवस्था में वीआईपी कल्चर असमानता पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोर्चा कानून के दायरे में रहकर अपनी मांगें राज्यपाल तक पहुंचा रहा है।
मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाएगा और राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंकेगा। इस अवसर पर संगठन महामंत्री राजपाल चाहर, अधिवक्ता सुमित श्योराण, अधिवक्ता ब्रह्मानंद, सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला, अधिवक्ता रवि राय, अधिवक्ता मीना चौपड़ा, राजेंद्र गौरा और युवा किसान नेता अनिल बामला मौजूद रहे।