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ग्राम पंचायतों में न होंगे नए विकास कार्य, न कोई भुगतान
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जिला परिषद कार्यालय भवन। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायतों, पंचायत समिति व जिला परिषद) के कार्यकाल पूरा होने के बाद अब गांवों में विकास के नए कार्यों पर भी पाबंदी लगा दी गई है। इतना ही नहीं नए कार्यों के लिए किसी भी तरह की कोई अदायगी नहीं की जाएगी। इस संबंध में जिला उपायुक्त ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को भी आदेश जारी किए हैं।
वहीं सभी एसडीएम को भी इस संबंध में जरूरी हिदायतें दी हैं कि वे जिला परिषद, पंचायत समिति के रिकॉर्ड से संबंधित अपनी कार्रवाई करें। जिला प्रशासन ने पंचायतों के कार्यकाल पूरा होने के बाद नए विकास कार्य शुरू करने में कार्य प्रभावित होने के साथ साथ राशि के दुरुपयोग की आशंका भी जताई है। वहीं रिकॉर्ड भी पूरा न होने का अंदेशा जता दिया है।
दरअसल ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, मगर किसान आंदोलन के चलते अभी तक ग्राम पंचायतों के चुनाव को लेकर कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि पंचायती चुनावों का मामला अभी सरकार ने आगे टाल दिया है। इसी बीच जिला उपायुक्त ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को 12 फरवरी को पत्र जारी कर आदेश दिया है कि गांवों में कोई भी नया विकास कार्य शुरू नहीं कराया जाएगा। इसके पीछे मंशा यह भी बताई गई है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा हो चुका है। आम चुनाव से पूर्व ग्राम पंचायतों, पंचायत समिति व जिला परिषद की चल अचल संपत्ति और रिकार्ड का पूरा चार्ज भी लिया जाना है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि यदि अब नए विकास कार्य शुरू कराए गए तो कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और विकास कार्यों के लिए राशि का भी दुरुपयोग हो सकता है। समय के अभाव में संबंधित रिकॉर्ड भी पूरा नहीं हो सकेगा। इस संबंध में प्रशासन ने सभी ग्राम सचिवों को भी निर्देश दिए हैं कि जब तक पंचायती राज संस्थाओं के प्रशासक नियुक्त नहीं किए जाते, तब तक ग्राम पंचायतों में कोई भी विकास कार्य शुरू न किए जाएं और किसी भी प्रकार के कार्य की अदायगी न की जाए। ग्राम सचिवों को यह भी सख्त हिदायतें मिली हैं कि सभी ग्राम पंचायतों का रिकार्ड पूरा सुनिश्चित किया जाए।
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कई गांवों में चल रहा नॉलेज सेंटर व खेल परिसरों के साथ सामुदायिक भवन निर्माण का काम
भिवानी में करीब 302 ग्राम पंचायतें आती हैं। पंचायती राज विभाग में सरकार की विभिन्न योजनाओं के बजट से व डी प्लान के तहत कई विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें कई गांवों में तो नॉलेज सेंटर बन रहे हैं वहीं खेल परिसरों के अलावा कई गांवों में सामुदायिक भवन निर्माण का काम भी चल रहा है। ऐसे में इन कार्यों से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट करना और बजट का यूटीलाइज सर्टिफिकेट लेना भी अधिकारियों के जिम्मे हैं। ऐसे में किसी भी गांव में कोई नया काम शुरू नहीं होगा। जिसका बजट भी जारी नहीं किया जाएगा और गलती से कोई भी पंचायत कोई बजट अपने स्तर पर खर्च नहीं कर सकेगी।
वर्जन:::
जिला उपायुक्त की तरफ से पत्र जारी हुआ है। इस बारे में सभी खंड एवं पंचायत अधिकारियों व तकनीकी विंग के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। इस दौरान कोई भी नया विकास कार्य किसी भी गांव में नहीं होगा और न ही नए विकास कार्य की राशि का भुगतान होगा।
- कृष्ण कुमार धनखड़, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी।
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वहीं सभी एसडीएम को भी इस संबंध में जरूरी हिदायतें दी हैं कि वे जिला परिषद, पंचायत समिति के रिकॉर्ड से संबंधित अपनी कार्रवाई करें। जिला प्रशासन ने पंचायतों के कार्यकाल पूरा होने के बाद नए विकास कार्य शुरू करने में कार्य प्रभावित होने के साथ साथ राशि के दुरुपयोग की आशंका भी जताई है। वहीं रिकॉर्ड भी पूरा न होने का अंदेशा जता दिया है।
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दरअसल ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, मगर किसान आंदोलन के चलते अभी तक ग्राम पंचायतों के चुनाव को लेकर कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि पंचायती चुनावों का मामला अभी सरकार ने आगे टाल दिया है। इसी बीच जिला उपायुक्त ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को 12 फरवरी को पत्र जारी कर आदेश दिया है कि गांवों में कोई भी नया विकास कार्य शुरू नहीं कराया जाएगा। इसके पीछे मंशा यह भी बताई गई है कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा हो चुका है। आम चुनाव से पूर्व ग्राम पंचायतों, पंचायत समिति व जिला परिषद की चल अचल संपत्ति और रिकार्ड का पूरा चार्ज भी लिया जाना है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि यदि अब नए विकास कार्य शुरू कराए गए तो कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और विकास कार्यों के लिए राशि का भी दुरुपयोग हो सकता है। समय के अभाव में संबंधित रिकॉर्ड भी पूरा नहीं हो सकेगा। इस संबंध में प्रशासन ने सभी ग्राम सचिवों को भी निर्देश दिए हैं कि जब तक पंचायती राज संस्थाओं के प्रशासक नियुक्त नहीं किए जाते, तब तक ग्राम पंचायतों में कोई भी विकास कार्य शुरू न किए जाएं और किसी भी प्रकार के कार्य की अदायगी न की जाए। ग्राम सचिवों को यह भी सख्त हिदायतें मिली हैं कि सभी ग्राम पंचायतों का रिकार्ड पूरा सुनिश्चित किया जाए।
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कई गांवों में चल रहा नॉलेज सेंटर व खेल परिसरों के साथ सामुदायिक भवन निर्माण का काम
भिवानी में करीब 302 ग्राम पंचायतें आती हैं। पंचायती राज विभाग में सरकार की विभिन्न योजनाओं के बजट से व डी प्लान के तहत कई विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें कई गांवों में तो नॉलेज सेंटर बन रहे हैं वहीं खेल परिसरों के अलावा कई गांवों में सामुदायिक भवन निर्माण का काम भी चल रहा है। ऐसे में इन कार्यों से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट करना और बजट का यूटीलाइज सर्टिफिकेट लेना भी अधिकारियों के जिम्मे हैं। ऐसे में किसी भी गांव में कोई नया काम शुरू नहीं होगा। जिसका बजट भी जारी नहीं किया जाएगा और गलती से कोई भी पंचायत कोई बजट अपने स्तर पर खर्च नहीं कर सकेगी।
वर्जन:::
जिला उपायुक्त की तरफ से पत्र जारी हुआ है। इस बारे में सभी खंड एवं पंचायत अधिकारियों व तकनीकी विंग के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। इस दौरान कोई भी नया विकास कार्य किसी भी गांव में नहीं होगा और न ही नए विकास कार्य की राशि का भुगतान होगा।
- कृष्ण कुमार धनखड़, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी।