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लापरवाही : सामुदायिक दूरी भूले लोग, चेहरों पर मास्क भी नहीं
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जालान अस्पताल में बगैर सामुदायिक दूरी के ओपीडी के बाहर खड़े मरीज। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
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कोरोना का कहर लगातार लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी घोर लापरवाही बरत रहे हैं। परिणामस्वरूप कोरोना संक्रमित मिलने के बाद डीआरओ व एसडीएम ऑफिस बंद है। वहीं पास ही तहसील कार्यालय में लोगों की खूब भीड़ जुट रही है। भीड़ में लोग सामुदायिक दूरी भूले हुए हैं और उनके चेहरे से मास्क भी गायब हैं।
शहर के किशनलाल राजकीय नेत्र अस्पताल में भी दो स्टाफ नर्स की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ चुकी है, बावजूद इसके लोगों की भीड़ ओपीडी में उमड़ रही है। यहां पर रोजाना करीब 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती हैं। वहीं दर्जनभर नेत्र ऑपरेशन भी किए जाते हैं। लेकिन यहां पर मरीज लंबी लाइनों में खड़े हैं, जिनके बीच कोई सामुदायिक दूरी नहीं हैं। पहले से किसी मर्ज को लेकर अस्पताल आए इन मरीजों की लापरवाही संक्रमण फैलने की वजह भी बन सकती है।
सोमवार को लघु सचिवालय परिसर में डीआरओ कार्यालय के साथ एसडीएम कार्यालय को सैनिटाइज कराया गया। इससे पहले एसडीएम कार्यालय में कर्मचारियों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना टेस्ट किया। वहीं दोनों ही कार्यालयों को पूरी तरह से बंद रखा गया। इसी के साथ तहसील कार्यालय में सोमवार को लोगों की काफी भीड़ जुटी और लोग सामुदायिक दूरी भी भूल बैठे। इतना ही नहीं भीड़ के अंदर कई लोगों के मुंह से मास्क भी गायब मिला। दो कदम की दूरी पर ही तहसीलदार कोर्ट में भी अपने कामकाज के लिए लोग भीड़ जुटाकर खड़े थे, जिन्हें समझाने वाला भी वहां कोई नहीं था। हालत इतने नाजुक थे कि लोग भीड़ के अंदर ही एक दूसरे के साथ धक्कामुक्की भी कर रहे थे। इसी तरह राजकीय जालान नेत्र अस्पताल परिसर में भी लापरवाही का आलम बना हुआ था। जहां नेत्र विकारों के मरीज लंबी लाइनों में खड़े नजर आए वहीं कई मरीजों के मुंह पर तो मास्क भी नहीं था। लोग एक दूसरे से सटे हुए थे। डॉक्टरों की ओपीडी के बाहर भी महिलाएं जमीन पर ही बैठकर एक दूसरे से बतिया रही थी। नेत्र अस्पताल के प्रशासनिक कार्यालय के बाहर तैनात महिला स्टाफ के मुंह से भी मास्क गायब था। यहां पर रविवार को ही दो स्टाफ नर्स कोरोना पॉजिटिव आई थी, मगर सोमवार को जब अस्पताल खुला और ओपीडी लगी तो कोरोना संक्रमण बचाव के कोई प्रबंध नजर नहीं आए।
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पीएनबी मुख्य ब्रांच व एचडीएफसी बैंक शाखा सहित कई बैंक ब्रांच बंद
बैंकों में भी लगातार कोरोना संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को पीएनबी मुख्य शाखा व एचडीएफसी बैंक शाखा में कोरोना के मामले सामने आने के बाद सोमवार को ब्रांच बंद रही। इस वजह से लोगों को भी छुट्टी के बाद बैंक संबंधी कार्यों को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एसबीआई सहित केनरा व अन्य बैंकों में पहले ही कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं, इन बैंकों में अभी भी कामकाज पूरी तरह से सुचारु नहीं हुआ है। वहीं लगातार बैंक कर्मचारियों पर भी कोरोना के संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। बैंक में कार्य बंद होने के कारण अपने बैंक संबंधी कार्यों को लेकर इन शाखाओं में पहुंचे लोग निराश ही वापस घर लौट गए वहीं बैंक शाखाओं को सैनिटाइज किया गया।
35 नए कोरोना संक्रमित मिले, 70 ने जीती महामारी से जंग
सोमवार को 35 नए कोरोना संक्रमित सामने आए। ज्यादातर औद्योगिक क्षेत्र से हैं। अब कोरोना पॉजटिव का आंकड़ा 2080 तक पहुंच गया है। जिनमें एक्टिव केस 362 है। 1697 ठीक हो चुके हैं। सोमवार को भी 70 ने कोरोना को मात दी।
रविवार रात को भी 28 की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिनमें 13 अकेले इंडस्ट्रियल एरिया से थे। सोमवार को सामने आए 35 केस अलग-अलग स्थानों से हैं। इनमें बापोड़ा से दो, तोशाम से पांच, चांग से दो, जैनचौक, आदर्श नगर, सिवानी, किरावड़, बड़ौदा बैंक, हालु बाजार, विद्युत नगर, बिरला कॉलोनी, भुरटाना, लोहारू, हाउसिंग बोर्ड से भी कोरोना पॉजिटिव शामिल है। खबर लिखे जाने तक सोमवार को जिले से 900 सैंपल जांच के लिए पीजीआई भेजे गए।
वर्जन-
तहसील कार्यालय में आने वाले लोगों को सामुदायिक दूरी के बारे में अनुरोध किया जा रहा है, लेकिन लोग नहीं मानते। प्रशासन ने भी हिदायतें दी हैं कि लोगों की भीड़ न जुटे, इसलिए लगातार कार्यालय में बैठकर कामकाज भी निपटा रहे हैं। सोमवार को स्टाफ सदस्यों सहित खुद मैने भी कोरोना टेस्ट कराया है।
- रामचंद्र नायब तहसीलदार भिवानी।
कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी रखें। जहां तक संभव हो घर में ही रहे और कोविड-19 नियमों का पालन करें। खुद की सुरक्षा और साफ-सफाई से ही कोरोना से बचाव संभव है।
- डॉ. जितेंद्र कादयान, सिविल सर्जन
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शहर के किशनलाल राजकीय नेत्र अस्पताल में भी दो स्टाफ नर्स की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ चुकी है, बावजूद इसके लोगों की भीड़ ओपीडी में उमड़ रही है। यहां पर रोजाना करीब 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती हैं। वहीं दर्जनभर नेत्र ऑपरेशन भी किए जाते हैं। लेकिन यहां पर मरीज लंबी लाइनों में खड़े हैं, जिनके बीच कोई सामुदायिक दूरी नहीं हैं। पहले से किसी मर्ज को लेकर अस्पताल आए इन मरीजों की लापरवाही संक्रमण फैलने की वजह भी बन सकती है।
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सोमवार को लघु सचिवालय परिसर में डीआरओ कार्यालय के साथ एसडीएम कार्यालय को सैनिटाइज कराया गया। इससे पहले एसडीएम कार्यालय में कर्मचारियों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना टेस्ट किया। वहीं दोनों ही कार्यालयों को पूरी तरह से बंद रखा गया। इसी के साथ तहसील कार्यालय में सोमवार को लोगों की काफी भीड़ जुटी और लोग सामुदायिक दूरी भी भूल बैठे। इतना ही नहीं भीड़ के अंदर कई लोगों के मुंह से मास्क भी गायब मिला। दो कदम की दूरी पर ही तहसीलदार कोर्ट में भी अपने कामकाज के लिए लोग भीड़ जुटाकर खड़े थे, जिन्हें समझाने वाला भी वहां कोई नहीं था। हालत इतने नाजुक थे कि लोग भीड़ के अंदर ही एक दूसरे के साथ धक्कामुक्की भी कर रहे थे। इसी तरह राजकीय जालान नेत्र अस्पताल परिसर में भी लापरवाही का आलम बना हुआ था। जहां नेत्र विकारों के मरीज लंबी लाइनों में खड़े नजर आए वहीं कई मरीजों के मुंह पर तो मास्क भी नहीं था। लोग एक दूसरे से सटे हुए थे। डॉक्टरों की ओपीडी के बाहर भी महिलाएं जमीन पर ही बैठकर एक दूसरे से बतिया रही थी। नेत्र अस्पताल के प्रशासनिक कार्यालय के बाहर तैनात महिला स्टाफ के मुंह से भी मास्क गायब था। यहां पर रविवार को ही दो स्टाफ नर्स कोरोना पॉजिटिव आई थी, मगर सोमवार को जब अस्पताल खुला और ओपीडी लगी तो कोरोना संक्रमण बचाव के कोई प्रबंध नजर नहीं आए।
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पीएनबी मुख्य ब्रांच व एचडीएफसी बैंक शाखा सहित कई बैंक ब्रांच बंद
बैंकों में भी लगातार कोरोना संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को पीएनबी मुख्य शाखा व एचडीएफसी बैंक शाखा में कोरोना के मामले सामने आने के बाद सोमवार को ब्रांच बंद रही। इस वजह से लोगों को भी छुट्टी के बाद बैंक संबंधी कार्यों को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एसबीआई सहित केनरा व अन्य बैंकों में पहले ही कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं, इन बैंकों में अभी भी कामकाज पूरी तरह से सुचारु नहीं हुआ है। वहीं लगातार बैंक कर्मचारियों पर भी कोरोना के संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। बैंक में कार्य बंद होने के कारण अपने बैंक संबंधी कार्यों को लेकर इन शाखाओं में पहुंचे लोग निराश ही वापस घर लौट गए वहीं बैंक शाखाओं को सैनिटाइज किया गया।
35 नए कोरोना संक्रमित मिले, 70 ने जीती महामारी से जंग
सोमवार को 35 नए कोरोना संक्रमित सामने आए। ज्यादातर औद्योगिक क्षेत्र से हैं। अब कोरोना पॉजटिव का आंकड़ा 2080 तक पहुंच गया है। जिनमें एक्टिव केस 362 है। 1697 ठीक हो चुके हैं। सोमवार को भी 70 ने कोरोना को मात दी।
रविवार रात को भी 28 की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिनमें 13 अकेले इंडस्ट्रियल एरिया से थे। सोमवार को सामने आए 35 केस अलग-अलग स्थानों से हैं। इनमें बापोड़ा से दो, तोशाम से पांच, चांग से दो, जैनचौक, आदर्श नगर, सिवानी, किरावड़, बड़ौदा बैंक, हालु बाजार, विद्युत नगर, बिरला कॉलोनी, भुरटाना, लोहारू, हाउसिंग बोर्ड से भी कोरोना पॉजिटिव शामिल है। खबर लिखे जाने तक सोमवार को जिले से 900 सैंपल जांच के लिए पीजीआई भेजे गए।
वर्जन-
तहसील कार्यालय में आने वाले लोगों को सामुदायिक दूरी के बारे में अनुरोध किया जा रहा है, लेकिन लोग नहीं मानते। प्रशासन ने भी हिदायतें दी हैं कि लोगों की भीड़ न जुटे, इसलिए लगातार कार्यालय में बैठकर कामकाज भी निपटा रहे हैं। सोमवार को स्टाफ सदस्यों सहित खुद मैने भी कोरोना टेस्ट कराया है।
- रामचंद्र नायब तहसीलदार भिवानी।
कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी रखें। जहां तक संभव हो घर में ही रहे और कोविड-19 नियमों का पालन करें। खुद की सुरक्षा और साफ-सफाई से ही कोरोना से बचाव संभव है।
- डॉ. जितेंद्र कादयान, सिविल सर्जन