बिना फार्म-एफ कर रहे थे अल्ट्रासाउंड, फिल्म जब्त
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स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को भी अल्ट्रासाउंड मशीनों की चेकिंग के तहत महावीर चौक स्थित निजी अस्पताल में छापामारी की। विभाग की टीम ने जब छापा मारा तो गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था, जिसका फार्म-एफ खाली था। टीम ने कार्रवाई करते हुए अल्ट्रासाउंड की फिल्म को कब्जे में लेकर अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया है।
जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग की छापामारी जारी है। सीएमओ डा. विजय गर्ग ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार तीन माह में अल्ट्रासाउंड मशीन की जांच अनिवार्य है। पिछले दो माह से विभाग अभियान चलाकर जिलेभर में चेकिंग कर रहा है। जहां भी कमी पाई जा रही है, वहां विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। टीम बुधवार दोपहर को शहर के महावीर चौक स्थित विजय अस्पताल में पहुंची।
अल्ट्रासाउंड रूम में जब टीम पहुंची तो एक गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड हुआ था और उसकी पिक्चर दिख रही थी। इसके बाद सारा रिकॉर्ड निकलवाया। नियमानुसार अल्ट्रासाउंड करने से पहले गर्भवती महिला के नाम से फार्म एफ भरा होना चाहिए था, लेकिन कोई फार्म भरा हुआ नहीं था। यह पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी है। अभी तो अस्पताल संचालक को 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। इन 15 दिन में वह जवाब दें। फिलहाल तब तक अस्थायी तौर पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द माना जाएगा।
एमटीपी सेंटर में भी खामियां
टीम ने साथ ही अस्पताल का एमटीपी सेंटर भी चेक किया। यह 12 हफ्ते की एमटीपी करने के लिए एप्रूड है। इस एमटीपी सेंटर में भी कुछ खामियां पाई गई हैं। इसके तहत एक नोटिस जारी किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि अगर नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो कोर्ट में केस डाला जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले माह कनीना का एक केस महेंद्रगढ़ अदालत में डाला है। अस्पताल में बुधवार को दो गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया गया, इन दोनों के ही फार्म-एफ नहीं भरे गए थे। इसे अस्पताल संचालक भी मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान जिले के अलावा अब राजस्थान सीमा में भी चलाया जाएगा।
‘कागजों में कमी जरूर थी’
विजय अस्पताल की चिकित्सक ज्योति यादव ने बताया कि अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा रहा था। हां, कागजों में कुछ खामियां जरूर थी। इन सब बातों का जवाब नोटिस में दे दिया जाएगा।