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Bhiwani News: पांच लाख पौधे लगाकर वन विभाग ने बढ़ाई हरियाली, अब पानी बिन रह गई सिर्फ सूखी डाली

Thu, 31 Aug 2023 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 31 Aug 2023 11:10 PM IST
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Forest department increased greenery by planting five lakh saplings, now only dry branches are left without water
भिवानी। मानसून की शुरुआत में ही वन विभाग ने जिले में हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए करीब पांच लाख पौधे लगा डाले। बच्चों को भी पर्यावरण से जोड़ने के लिए जिओ टेगिंग शुरू की और सामाजिक संस्थाओं को भी पौधरोपण अभियान से जोड़ा। मगर अब पानी बिन अधिकांश जगहों पर सिर्फ सूखी डाली ही रह गई है। वन आरक्षित क्षेत्र में रोपित अधिकांश पौधे सूख चुके हैं या फिर उन्हें लावारिस पशु चट कर चुके हैं। कई जगह तो लगाए गए पौधों के अब नामोनिशान तक नहीं हैं।
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वन मंडल कार्यालय की ओर से हर साल मानसून का आगाज होने के बाद जुलाई में लाखों पौधों के रोपित करने और वितरण करने का व्यापक स्तर पर अभियान शुरू होता है। इस बार भी करीब पांच लाख से अधिक पौधों का वितरण वन विभाग द्वारा किया गया। वन विभाग ने भी खुद अपने स्तर पर खाली जगहों पर पौध रोपण कराया, मगर वन विभाग की हरियाली अब सूखी डाली में बदल गई है। क्योंकि अधिकांश रोपित पौधों की न सुरक्षा की गई न ही उन्हें समय पर पानी मिल पाया।
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भिवानी के भगत सिंह चौक से सिटी स्टेशन मार्ग पर कुछ दिन पहले ही वन विभाग ने खाली जगह पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया। यहां करीब पांच सौ से सात सौ पौधे भी लगाए गए। एक बार तो उनमें पानी का प्रबंध भी किया, मगर फिर ये पौधे अपने ही हाल पर छोड़ दिए। नतीजतन इनमें अधिकांश पौधों को तो लावारिस पशु चट कर गए, बचे हुए पौधे पानी के अभाव में मुरझाकर सूख गए।
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तीस फीसदी पौधे भी नहीं कर पाते पहला चरण पूरा
वन विभाग हर साल लाखों पौधे लगाता है, मगर इसमें से सिर्फ 30 फीसदी पौधे भी अपना पहला चरण पूरा नहीं कर पाते। पौधों को रोपित करने से पहले साल भर इन्हें नर्सरियों में भी बड़ा किया जाता है। विभाग कई जगह टेल यानी लंबे पौधे लगाता है, जिनकी उम्र भी करीब ढाई से तीन साल होती है। ऐसे पौधे भी अधिकांश जगहों पर पानी या फिर उचित सुरक्षा बंदोबस्त नहीं होने से नष्ट हो जाते हैं। सामाजिक संस्थाएं या लोग कुछ निश्चित या सुरक्षित दायरे में पौध रोपण करते हैं, जिनके अधिक समय तक जिंदा रहने की संभावना बनी रहती है।

मैं दो माह के लिए ट्रेनिंग पर गया हुआ हूं। मेरी गैर मौजूदगी में भिवानी वन मंडल कार्यालय का अतिरिक्त कार्यभार जींद के डीएफओ को सौंपा हुआ है। इस बारे में वे बेहतर बता पाएंगे।
-राजेश वत्स, जिला वन मंडल अधिकारी, भिवानी।
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