{"_id":"676d8d85a97b092c500dabeb","slug":"for-the-first-time-women-will-handle-small-government-as-chairperson-and-vice-chairperson-of-the-city-council-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-127648-2024-12-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: पहली बार नगर परिषद की चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष के तौर पर महिलाएं संभालेंगी छोटी सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: पहली बार नगर परिषद की चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष के तौर पर महिलाएं संभालेंगी छोटी सरकार
Thu, 26 Dec 2024 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 26 Dec 2024 10:38 PM IST
विज्ञापन
भिवानी। वीरवार को नगर परिषद में उप प्रधान का चुनाव हुआ। इस चुनाव में भिवानी नगर परिषद का इतिहास लिखा गया। क्योंकि अब से पहले चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष पर एक साथ दो महिलाएं कभी भी सत्ता पर काबिज नहीं रही हैं।
यह पहला मौका है जब नगर परिषद की चेयरपर्सन भी महिला है और उपाध्यक्ष भी महिला को ही सर्वसम्मति से चुना गया है। हालांकि नगर परिषद में चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष पद पर पहले भी महिलाएं चुनी जा चुकी हैं, लेकिन एक साथ दो महिलाएं प्रधान और उपप्रधान बनी हों ऐसा संयोग पहली दफा बना है। नई उप प्रधान का कार्यकाल ढाई साल का रहेगा।
दरअसल, जुलाई 2022 में नगर परिषद के चुनाव हुए थे। इसके बाद सितंबर माह में पार्षद सतेंद्र मोर नगर परिषद के उप प्रधान बने। लेकिन सतेंद्र मोर का कार्यकाल दो साल का ही रहा। 30 जुलाई को शहर के 31 पार्षदों में से 21 पार्षदों ने मोर्चा खोलते हुए तत्कालीन उप प्रधान सतेंद्र मोर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए पार्षदों ने उपायुक्त कार्यालय में शपथ पत्र जमा करवाया था। इसके बाद 16 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अविश्वास प्रस्ताव के बाद एसडीएम कार्यालय द्वारा 26 दिसंबर वीरवार को चुनाव करवाया गया। इसमें रेणू बाला को सर्वसम्मति से उप प्रधान चुना गया।
विज्ञापन
रेणू बाला के उप प्रधान चुने जाने के साथ ही भिवानी नगर परिषद का नया इतिहास लिखा गया। क्योंकि अब तक कोई भी महिला नगर परिषद की प्रधान और उप प्रधान एक साथ नहीं चुनी गई है। हालांकि चेयरपर्सन प्रीति भावनी प्रताप से पहले प्रधान के पद पर पतास कौर व सेवा देवी नगर परिषद की चेयरपर्सन रही चुकी है।
इनमें से पतास कौर कार्यवाहक चेयरपर्सन का कार्यकाल मात्र 45 दिन का रहा था। वहीं सेवा देवी का कार्यकाल दो साल का रहा था। अब तक कोई भी महिला नगर परिषद चेयरपर्सन का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई है। वहीं तत्कालीन चेयरपर्सन प्रीति भवानी प्रताप 14 जुलाई 2022 से पदस्थ है।
-- -- -- -- -- -
ढाई साल का रहेगा नई उप प्रधान का कार्यकाल
वीरवार को हुए चुनाव में रेणू बाला को उप प्रधान चुना गया। रेणू बाला का कार्यालय ढाई साल की ही रहेगी। क्योंकि जुलाई 2022 में हुए नगर परिषद चुनाव के बाद पूर्व प्रधान सतेंद्र मोर उप प्रधान चुने गए थे। उनके हटने से अब तक नगर परिषद के कार्यकाल को ढाई साल बीत चुके है। इससे अब जुलाई 2027 में नगर परिषद के चुनाव होने है। तब तक नई उप प्रधान का कार्यकाल ढाई साल तक ही रहेगा।
-- -- -- -- --
यह है भिवानी नगर परिषद का इतिहास
भिवानी नगर पालिका का गठन आजादी से पहले 1938 में हुआ था। उस समय भिवानी 12 सदस्यों की नगर पालिका थी। नगर पालिका के पहले चेयरमैन दत्त शर्मा बने। उसके बाद चिरंजी सिंह चेयरमैन बने। 1969 में चेयरमैन भगीरथमल बुवानीवाला बने। उसके बाद आत्माराम शर्मा चेयरमैन बने। 1989 में नए चेयरमैन भीम सैन बने। उनके बाद रमेश मस्ता, किशन वर्मा चेयरमैन बने थे। 1998 में नगर पालिका को नगर परिषद में अपग्रेड कर दिया गया था।
-- -- -- -
नगर परिषद में पहली दफा ऐसा संयोग बना है कि चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष पद पर दोनों ही महिलाएं हैं। सभी पार्षदों ने रेणुबाला को उपाध्यक्ष चुना है। यह सराहनीय कदम है। सभी पार्षद इसी सकारात्मक सोच के साथ शहर के विकास में अपना योगदान देंगे।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।
विज्ञापन
यह पहला मौका है जब नगर परिषद की चेयरपर्सन भी महिला है और उपाध्यक्ष भी महिला को ही सर्वसम्मति से चुना गया है। हालांकि नगर परिषद में चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष पद पर पहले भी महिलाएं चुनी जा चुकी हैं, लेकिन एक साथ दो महिलाएं प्रधान और उपप्रधान बनी हों ऐसा संयोग पहली दफा बना है। नई उप प्रधान का कार्यकाल ढाई साल का रहेगा।
विज्ञापन
दरअसल, जुलाई 2022 में नगर परिषद के चुनाव हुए थे। इसके बाद सितंबर माह में पार्षद सतेंद्र मोर नगर परिषद के उप प्रधान बने। लेकिन सतेंद्र मोर का कार्यकाल दो साल का ही रहा। 30 जुलाई को शहर के 31 पार्षदों में से 21 पार्षदों ने मोर्चा खोलते हुए तत्कालीन उप प्रधान सतेंद्र मोर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए पार्षदों ने उपायुक्त कार्यालय में शपथ पत्र जमा करवाया था। इसके बाद 16 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अविश्वास प्रस्ताव के बाद एसडीएम कार्यालय द्वारा 26 दिसंबर वीरवार को चुनाव करवाया गया। इसमें रेणू बाला को सर्वसम्मति से उप प्रधान चुना गया।
विज्ञापन
रेणू बाला के उप प्रधान चुने जाने के साथ ही भिवानी नगर परिषद का नया इतिहास लिखा गया। क्योंकि अब तक कोई भी महिला नगर परिषद की प्रधान और उप प्रधान एक साथ नहीं चुनी गई है। हालांकि चेयरपर्सन प्रीति भावनी प्रताप से पहले प्रधान के पद पर पतास कौर व सेवा देवी नगर परिषद की चेयरपर्सन रही चुकी है।
इनमें से पतास कौर कार्यवाहक चेयरपर्सन का कार्यकाल मात्र 45 दिन का रहा था। वहीं सेवा देवी का कार्यकाल दो साल का रहा था। अब तक कोई भी महिला नगर परिषद चेयरपर्सन का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई है। वहीं तत्कालीन चेयरपर्सन प्रीति भवानी प्रताप 14 जुलाई 2022 से पदस्थ है।
ढाई साल का रहेगा नई उप प्रधान का कार्यकाल
वीरवार को हुए चुनाव में रेणू बाला को उप प्रधान चुना गया। रेणू बाला का कार्यालय ढाई साल की ही रहेगी। क्योंकि जुलाई 2022 में हुए नगर परिषद चुनाव के बाद पूर्व प्रधान सतेंद्र मोर उप प्रधान चुने गए थे। उनके हटने से अब तक नगर परिषद के कार्यकाल को ढाई साल बीत चुके है। इससे अब जुलाई 2027 में नगर परिषद के चुनाव होने है। तब तक नई उप प्रधान का कार्यकाल ढाई साल तक ही रहेगा।
यह है भिवानी नगर परिषद का इतिहास
भिवानी नगर पालिका का गठन आजादी से पहले 1938 में हुआ था। उस समय भिवानी 12 सदस्यों की नगर पालिका थी। नगर पालिका के पहले चेयरमैन दत्त शर्मा बने। उसके बाद चिरंजी सिंह चेयरमैन बने। 1969 में चेयरमैन भगीरथमल बुवानीवाला बने। उसके बाद आत्माराम शर्मा चेयरमैन बने। 1989 में नए चेयरमैन भीम सैन बने। उनके बाद रमेश मस्ता, किशन वर्मा चेयरमैन बने थे। 1998 में नगर पालिका को नगर परिषद में अपग्रेड कर दिया गया था।
नगर परिषद में पहली दफा ऐसा संयोग बना है कि चेयरपर्सन और उपाध्यक्ष पद पर दोनों ही महिलाएं हैं। सभी पार्षदों ने रेणुबाला को उपाध्यक्ष चुना है। यह सराहनीय कदम है। सभी पार्षद इसी सकारात्मक सोच के साथ शहर के विकास में अपना योगदान देंगे।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।