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कोहरा शुरू, हाईवे से सफेद पट्टी नदारद
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Mon, 26 Dec 2016 12:30 AM IST
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रोहतक मार्ग सफेद पट्टी तक नदारद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कोहरा शुरू हो चुका है, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से राहगीरों के सुरक्षित सफर के कोई इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं। नेशनल हाईवे का दर्जा प्राप्त भिवानी से रोहतक मार्ग सफेद पट्टी तक नदारद हैं। मार्ग के बीच में न विभाजक रेखा है और न ही साइड लाइन। सफेद पट्टियां न होने से राहगीर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।
कमोबेश ऐसी ही लापरवाही भिवानी-हांसी मार्ग, भिवानी-तोशाम, भिवानी-लोहारू आदि मार्गों पर नजर आ जाएंगी। जिलेभर में हर सप्ताह पांच लोग सड़क पर अपनी जान गंवा रहे हैं। इसके अलावा हर सप्ताह औसतन 12 से 15 लोग विभिन्न हादसों में अपंग हो रहे हैं। यह सरकारी रिकार्ड का आंकड़ा है। इन हादसों के पीछे कई कारण हैं। लेकिन, कोहरे के दौरान हादसों की एक बड़ी वजह सफेद पट्टियां का न होना भी है।
सब्जीमंडी से बस स्टैंड तक दो दिन में पांच हादसे
सड़के के बीच सफेद पट्टी का नजर नहीं आना वाहन चालकों के लिए कितना खतरनाक साबित हो रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सब्जीमंडी से बस स्टैंड तक के मार्ग पर पिछले दो दिन में पांच हादसे हुए। दो रोज पूर्व बस स्टैंड के पास डिवाइडर से टकराकर रोड़ियों से भरा ट्रक पलट गया। दो दिन पहले ही राधा स्वामी सत्संग भवन के पास ही एक तूड़ी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली डिवाइडर और फिर स्ट्रीट लाइट के पोल से टकराई। सब्जीमंड़ी के पास एक ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया। एमसी कॉलोनी मोड़ के पास एक वाहन ने सीधे डिवाइडर में टक्कर मारी। इन सभी हादसों में डिवाइडर क्षतिग्रस्त हुए। वाहन चालक भी घायल हुए मगर गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई।
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यह है मार्गों का हाल
* भिवानी- रोहतक मार्ग : बस स्टैंड से थोड़ा आगे पेट्रोल पंप से आगे निकलते ही भिवानी-रोहतक मार्ग रात के समय घने अंधेरे में डूब जाता है। न यहां कोई स्ट्रीट लाइट है और न ही सड़क के बीच सफेद पट्टी। यही कारण है कि निनान से खरक गांव के बीच सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं।
* भिवानी-महम मार्ग : महम गेट से ही महम रोड पर कहीं भी सफेद पट्टी नहीं है। कहने को तो महम गेट से गोशाला तक स्ट्रीट लाइटें लगी मगर पिछले करीब दो-तीन माह से ये नहीं जली है।
* भिवानी- हांसी मार्ग : ओवरब्रिज क्रास करते ही सफेद पट्टी गायब। यह नेशनल हाईवे है मगर ढूंढे से भी सफेद पट्टी नहीं मिलती। इस मार्ग पर कहीं स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था नहीं है। यहां सड़क पर सफेद पट्टी ढूंढे नहीं मिलती। इसी कारण तिगड़ाना मोड़ पर ज्यादा हादसे होते है।
--
ये हैं प्रमुख एक्सीडेंट प्वाइंट
* खरक कलां चौक
* मुंढाल चौक
* लोहानी टी-प्वाइंट
* तिगड़ाना मोड़
* निनान मोड़
* समसपुर मार्ग
* सैनीवास मार्ग
* ढाणी टोड़ा मार्ग
* बहल रोड
* बड़वा रोड
कब कितने हुए हादसे
वर्ष हादसे मौत घायल
2015 568 211 554
2016 549 245 516
--
नेशनल हाईवे और बीएंडआर को पत्र लिखेंगे कि सभी मार्गों पर सफेद पट्टी लगाई जाए। ताकि हादसों को कुछ हद तक रोका जा सके। कुछ जगह बहुत पुरानी है, तो पट्टी धूमिल हो गई है। अब वहां नई सड़क बननी है तो वहां सफेद पट्टी लगाई जाएगी।
- चंद्रपाल, डीएसपी, हेड क्वार्टर
शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने पर फोकस है। सभी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने के लिए ठेकेदार को बोला है। जल्द ही शहर का निरीक्षण किया जाएगा। ठेकेदार से भी बातचीत की जाएगी कि जहां लाइटें नहीं जल रही है तो क्यों नहीं जल रही है।
- हरदीप सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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कमोबेश ऐसी ही लापरवाही भिवानी-हांसी मार्ग, भिवानी-तोशाम, भिवानी-लोहारू आदि मार्गों पर नजर आ जाएंगी। जिलेभर में हर सप्ताह पांच लोग सड़क पर अपनी जान गंवा रहे हैं। इसके अलावा हर सप्ताह औसतन 12 से 15 लोग विभिन्न हादसों में अपंग हो रहे हैं। यह सरकारी रिकार्ड का आंकड़ा है। इन हादसों के पीछे कई कारण हैं। लेकिन, कोहरे के दौरान हादसों की एक बड़ी वजह सफेद पट्टियां का न होना भी है।
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सब्जीमंडी से बस स्टैंड तक दो दिन में पांच हादसे
सड़के के बीच सफेद पट्टी का नजर नहीं आना वाहन चालकों के लिए कितना खतरनाक साबित हो रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सब्जीमंडी से बस स्टैंड तक के मार्ग पर पिछले दो दिन में पांच हादसे हुए। दो रोज पूर्व बस स्टैंड के पास डिवाइडर से टकराकर रोड़ियों से भरा ट्रक पलट गया। दो दिन पहले ही राधा स्वामी सत्संग भवन के पास ही एक तूड़ी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली डिवाइडर और फिर स्ट्रीट लाइट के पोल से टकराई। सब्जीमंड़ी के पास एक ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया। एमसी कॉलोनी मोड़ के पास एक वाहन ने सीधे डिवाइडर में टक्कर मारी। इन सभी हादसों में डिवाइडर क्षतिग्रस्त हुए। वाहन चालक भी घायल हुए मगर गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई।
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यह है मार्गों का हाल
* भिवानी- रोहतक मार्ग : बस स्टैंड से थोड़ा आगे पेट्रोल पंप से आगे निकलते ही भिवानी-रोहतक मार्ग रात के समय घने अंधेरे में डूब जाता है। न यहां कोई स्ट्रीट लाइट है और न ही सड़क के बीच सफेद पट्टी। यही कारण है कि निनान से खरक गांव के बीच सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं।
* भिवानी-महम मार्ग : महम गेट से ही महम रोड पर कहीं भी सफेद पट्टी नहीं है। कहने को तो महम गेट से गोशाला तक स्ट्रीट लाइटें लगी मगर पिछले करीब दो-तीन माह से ये नहीं जली है।
* भिवानी- हांसी मार्ग : ओवरब्रिज क्रास करते ही सफेद पट्टी गायब। यह नेशनल हाईवे है मगर ढूंढे से भी सफेद पट्टी नहीं मिलती। इस मार्ग पर कहीं स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था नहीं है। यहां सड़क पर सफेद पट्टी ढूंढे नहीं मिलती। इसी कारण तिगड़ाना मोड़ पर ज्यादा हादसे होते है।
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ये हैं प्रमुख एक्सीडेंट प्वाइंट
* खरक कलां चौक
* मुंढाल चौक
* लोहानी टी-प्वाइंट
* तिगड़ाना मोड़
* निनान मोड़
* समसपुर मार्ग
* सैनीवास मार्ग
* ढाणी टोड़ा मार्ग
* बहल रोड
* बड़वा रोड
कब कितने हुए हादसे
वर्ष हादसे मौत घायल
2015 568 211 554
2016 549 245 516
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नेशनल हाईवे और बीएंडआर को पत्र लिखेंगे कि सभी मार्गों पर सफेद पट्टी लगाई जाए। ताकि हादसों को कुछ हद तक रोका जा सके। कुछ जगह बहुत पुरानी है, तो पट्टी धूमिल हो गई है। अब वहां नई सड़क बननी है तो वहां सफेद पट्टी लगाई जाएगी।
- चंद्रपाल, डीएसपी, हेड क्वार्टर
शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने पर फोकस है। सभी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने के लिए ठेकेदार को बोला है। जल्द ही शहर का निरीक्षण किया जाएगा। ठेकेदार से भी बातचीत की जाएगी कि जहां लाइटें नहीं जल रही है तो क्यों नहीं जल रही है।
- हरदीप सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद