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नहरों की जगह किसान और मजदूर की आंखों में आ रहा पानी : नरसिंह
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भिवानी। नहरों और नलकों की जगह किसान और मजदूर की आंखों में पानी है। भिवानी और दादरी जिले में नहरी पानी की कमी के चलते बहुत से गांवों में ग्रामीण पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। लेकिन सरकार का उस ओर कोई ध्यान नहीं है। यह बात खाप सांगवान-40 के सचिव नरसिंह ने धरने के संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पानी की कमी है वहां महिलाओं को दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीण मजबूरी में टैंकरों से महंगे भाव में पानी ले रहे हैं। जोहड़ों में पानी न होने के कारण मवेशियों को लेकर भी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का जन सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है। कोरोना महामारी के कारण पीड़ितों के परिजन आक्सीजन और एंटी वायरल दवा के लिए जूझ रहे हैं। हालात सरकार के काबू से बाहर हैं। अस्पतालों में वेंटिलेटर हैं पर उसको संभालने के लिये पर्याप्त स्टाफ नहीं है। मुख्यमंत्री प्रदेश भर का दौरा कर रहे हैं लेकिन ये महज औपचारिकता दिख रही है। भिवानी में दौरे के बीच मुख्यमंत्री ने कोरोना पीड़ितों के परिजन के घावों पर मरहम लगाने की बजाय उनकी बातों को अनसुना करके नमक छिड़कने का काम किया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कितलाना टोल पर धरने के 130वें दिन खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई के अलावा श्योराण खाप-25 के प्रधान बिजेंद्र बेरला, किसान सभा के मास्टर शेर सिंह, डॉ राजू गौरीपुर, बीरमति, कमलेश डोहकी, निर्मला देवी पांडवान, सुखदेव पालवास ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल के रविवार को भिवानी दौरे के बीच किसानों पर हुए लाठीचार्ज और गिरफ्तारी निंदनीय है। सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर जुटी है।सरकार को किसानों की मांगों पर अविलंब गौर करना चाहिए। धरने का मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर सुरजभान सांगवान, राजू मानए धर्मेन्द्र छपार, प्रोफेसर राजेन्द्र डोहकी, रणधीर घिकाड़ा, कप्तान रामफल, अनिल कुमार, सुरेन्द्र अजितपुर, जागेराम डीपीई, उमेद शर्मा, मीरसिंह निमड़ीवाली, रामफल देशवाल, रणधीर कुंगड़, महेंद्र धानक, निम्बो, संतरा, सावित्री, मीना, राजबाला और मनीषा आदि मौजूद थे। आज भी टोल फ्री रहा।
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उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पानी की कमी है वहां महिलाओं को दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीण मजबूरी में टैंकरों से महंगे भाव में पानी ले रहे हैं। जोहड़ों में पानी न होने के कारण मवेशियों को लेकर भी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का जन सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है। कोरोना महामारी के कारण पीड़ितों के परिजन आक्सीजन और एंटी वायरल दवा के लिए जूझ रहे हैं। हालात सरकार के काबू से बाहर हैं। अस्पतालों में वेंटिलेटर हैं पर उसको संभालने के लिये पर्याप्त स्टाफ नहीं है। मुख्यमंत्री प्रदेश भर का दौरा कर रहे हैं लेकिन ये महज औपचारिकता दिख रही है। भिवानी में दौरे के बीच मुख्यमंत्री ने कोरोना पीड़ितों के परिजन के घावों पर मरहम लगाने की बजाय उनकी बातों को अनसुना करके नमक छिड़कने का काम किया है।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कितलाना टोल पर धरने के 130वें दिन खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई के अलावा श्योराण खाप-25 के प्रधान बिजेंद्र बेरला, किसान सभा के मास्टर शेर सिंह, डॉ राजू गौरीपुर, बीरमति, कमलेश डोहकी, निर्मला देवी पांडवान, सुखदेव पालवास ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल के रविवार को भिवानी दौरे के बीच किसानों पर हुए लाठीचार्ज और गिरफ्तारी निंदनीय है। सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर जुटी है।सरकार को किसानों की मांगों पर अविलंब गौर करना चाहिए। धरने का मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर सुरजभान सांगवान, राजू मानए धर्मेन्द्र छपार, प्रोफेसर राजेन्द्र डोहकी, रणधीर घिकाड़ा, कप्तान रामफल, अनिल कुमार, सुरेन्द्र अजितपुर, जागेराम डीपीई, उमेद शर्मा, मीरसिंह निमड़ीवाली, रामफल देशवाल, रणधीर कुंगड़, महेंद्र धानक, निम्बो, संतरा, सावित्री, मीना, राजबाला और मनीषा आदि मौजूद थे। आज भी टोल फ्री रहा।
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