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600 एकड़ में की टमाटर की खेती, अधिकतर पर ट्रैक्टर चलाने को मजबूर हुए किसान

Sun, 17 May 2020 12:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2020 12:42 AM IST
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Farmers losses in tomato crop in lockdown.
धरने पर बैठ किसानों से बातचीत करते एसडीएम संदीप कुमार। - फोटो : Bhiwani
तोशाम। तोशाम में इस बार टमाटर की बंपर पैदावार हुई है। इसके बावजूद किसान चिंतित है। किसानों की चिंता का कारण है फसल की बिक्री नहीं होना। किसान अब तक महज 15 फीसदी ही टमाटर मंडी में बेच पाए हैं। मंडी से टमाटर लौटने पर बेबस किसान सड़क पर ही फेंकने को मजबूर हैं। तोशाम क्षेत्र में करीबन 600 एकड़ में टमाटर की खेती है। परेशान किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। शनिवार को एसडीएम संदीप कुमार धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे और समस्या सुनीं। किसानों का कहना है कि खेती से लाखों का घाटा हो गया है। सरकार किसान राहत पैकेज की घोषणा करे अन्यथा प्रदेशभर के किसानों से मिलकर भूख हड़ताल का फैसला लेना पड़ेगा। किसानों ने भावांतर योजना को भ्रामक योजना करार दिया। वहीं एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि किसानों की मांग को सरकार के सामने रखा जाएगा ताकि किसानों की समस्या का समाधान हो सके। जल्द से जल्द किसानों का धरना खत्म करवाया जाएगा।
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खरकड़ी माखवान सहित आसपास के गांवों के किसानों ने करीबन 600 एकड़ में टमाटर की खेती कर रखी है। किसानों का 40 प्रतिशत टमाटर बिकने के लिए मंडी में गया, लेकिन 15 प्रतिशत की बिक्री हो पाई। बाकी वापस आ गया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। इस मौके पर सरपंच संदीप कुमार, घीसाराम, बिजेंद्र, रोशनलाल, जयवीर, सुनील, नंदा आदि किसान मौजूद थे।
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टमाटर की खेती के लिए प्रेरित करने पर आज हूं शर्मिंदा : किसान रमेश
किसान रमेश ने बताया कि उसने 2007 में टमाटर की खेती शुरू की थी। 50 लोगों को 365 दिन रोजगार देने का काम हमने किया, लेकिन आज बेबस हैं। सरकार व प्रशासन द्वारा कई बार सम्मानित किया गया। सरकार ने खेती के लिए मुझे प्रेरित किया और क्षेत्र के किसानों को टमाटर की खेती करने के लिए मैंने प्रेरित किया। आज किसानों की हालत देखकर शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं। सरकार भावांतर योजना में न उलझाकर किसानों को राहत पैकेज देने का काम करे अन्यथा किसान भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होगा।
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इस बार हालात बदतर...किसान राजकुमार
किसान राज कुमार ने बताया कि उसने 53 एकड़ में टमाटर की खेती कर रखी है। फसल काफी अच्छी है लेकिन तीन एकड़ के टमाटर ही मंडी में बेच पाया हूं बाकि 50 एकड़ के टमाटर की फसल खेत में खड़ी है। इस बार टमाटर की खेती घाटे का सौदा रही। 50 एकड़ की फसल पर अब ट्रैक्टर फेरने के सिवाए कोई चारा नहीं है। वहीं पूर्व मंत्री व तोशाम की विधायक किरण चौधरी ने कहा कि सरकार लगातार अन्नदाता को नजरअंदाज कर रही है। टमाटर की खेती करने वाले किसान आज बेबस हैं। लागत से काफी कम पैसा इनको मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना सिर्फ दिखावा है।

किसान द्वारा फेंके गए टमाटर।

किसान द्वारा फेंके गए टमाटर।- फोटो : Bhiwani

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