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Bhiwani News: उमस और धूल में आंखों के बढ़े विकार
Fri, 12 Jul 2024 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 12 Jul 2024 11:40 PM IST
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जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीज की आंखों की जांच करते डॉ. हरजीत सिंह।
भिवानी। मानसून के दौरान हवा में बीमारियों का संक्रमण भी ज्यादा हो गया है। ऐसे में आंखों के विकार के मामले भी ज्यादा बढ़ गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ही ढाई सौ से तीन सौ मरीज नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
धूप और धूल के कणों से आंखों में पानी आने और संक्रमण का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे मरीज चिकित्सक से परामर्श और दवा लेने पहुंच रहे हैं। वहीं चिकित्सक भी लोगों को तेज धूप से आंखों को बचाव के लिए चश्मा इस्तेमाल करने और ठंडे पानी से बार-बार आंखों को धोने की सलाह दे रहे हैं।
बता दें कि आंखों पर नमी भरे मौसम में सबसे अधिक संक्रमण का खतरा बना है। ये मौसम त्वचा रोगियों के अलावा आंखों के विकार के लिए भी अनुकूल है। जिला नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत सिंह ने बताया कि उमस और गर्मी के मौसम में आंखों में संक्रमित मरीज ज्यादा आ रहे हैं। जिन मरीजों को पहले से ही आंखों में दिक्कत है, उन मरीजों को नियमित दवाइयां प्रयोग की सलाह दी जा रही है। वहीं तेज धूप और संक्रमण से बचने के लिए ठंडे पानी से आंखों को धोने और चश्मा इस्तेमाल करने के लिए भी सलाह दे रहे हैं।
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धूप और धूल के कणों से आंखों में पानी आने और संक्रमण का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे मरीज चिकित्सक से परामर्श और दवा लेने पहुंच रहे हैं। वहीं चिकित्सक भी लोगों को तेज धूप से आंखों को बचाव के लिए चश्मा इस्तेमाल करने और ठंडे पानी से बार-बार आंखों को धोने की सलाह दे रहे हैं।
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बता दें कि आंखों पर नमी भरे मौसम में सबसे अधिक संक्रमण का खतरा बना है। ये मौसम त्वचा रोगियों के अलावा आंखों के विकार के लिए भी अनुकूल है। जिला नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत सिंह ने बताया कि उमस और गर्मी के मौसम में आंखों में संक्रमित मरीज ज्यादा आ रहे हैं। जिन मरीजों को पहले से ही आंखों में दिक्कत है, उन मरीजों को नियमित दवाइयां प्रयोग की सलाह दी जा रही है। वहीं तेज धूप और संक्रमण से बचने के लिए ठंडे पानी से आंखों को धोने और चश्मा इस्तेमाल करने के लिए भी सलाह दे रहे हैं।
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