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महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें अफसर : एडीसी
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भिवानी। लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हाल में रेडक्रास सोसायटी की बैठक एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की गवर्निंग काउंसिल, सुरक्षित मातृत्व श्वासन, मैटरनल डेथ मामले की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं का लाभ दिलवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही निशुल्क सुविधाएं देना सुनिश्चित करें, ताकि मेटरनल डेथ रेट (मातृत्व मृत्यु दर) में कमी लाई जा सके।
डॉ. मुनीष नागपाल ने बैठक में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, आईएमए आईएपी आयुष, शहरी निकाय, म्युनिसिपल समिति, व्यापार मंडल, चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय व आदर्श महिला महाविद्यालय विभागों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास व स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे सभी एकजुट होकर आपसी सामंजस्य स्थापित करके स्वास्थ्य से संबंधित सभी अभियानों को सफल बनाएं।
गर्भवती महिला का 10 सप्ताह में पंजीकरण जरूरी
उप सिविल सर्जन एनएचएम डॉ. दीपक ने एडीसी को बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला को प्रसव संबंधित सभी सुविधाएं जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थान में निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सभी गर्भवती महिलाओं को ये सभी निशुल्क सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए गर्भवती होने के 10 सप्ताह के अंदर-अंदर पंजीकरण (आरसीएच आईडी) करवाना आवश्यक है। यह पंजीकरण कोई भी गर्भवती महिला अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्था में जाकर करवा सकती है अथवा किसी भी आशा कार्यकर्ता या एएनएम के माध्यम से यह पंजीकरण कराया जा सकता है।
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अवैध गर्भपात व भ्रूण जांच रोकना प्राथमिकता
डॉ. दीपक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक ऐसी गर्भवती महिला की पहचान कर रखी है, जिनकी एक या एक से अधिक जीवित लड़की है या उच्च जोखिम प्रसव वर्ग में शामिल है, उन्हें आशा वर्कर/ एएनएम/आंगनबाडी वर्कर के रूप में सहेली उपलब्ध करवाई गई है, जो पूरी अवस्था के दौरान उनकी देखभाल करेगी। जिले में अवैध गर्भपात व भ्रूण जांच की रोकथाम में महत्वपूर्ण भागीदारी भी निभाएगी। इस मौके पर कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलवान, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता, डॉ. नवीन घोष, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विकास आर्य मौजूद रहे।
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गर्भवती को 9, 10 या 23 तारीख को जांच कराना जरूरी
सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार एएनसी विजिट एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9, 10 या 23 तारीख को नजदीकी स्वास्थ्य संस्था में जांच करवाना आवश्यक है। इसके अलावा उच्च जोखिम प्रसव वर्ग महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच करवाना भी आवश्यक है, जिससे उन्हें सभी आवश्यक जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके।
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डॉ. मुनीष नागपाल ने बैठक में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, आईएमए आईएपी आयुष, शहरी निकाय, म्युनिसिपल समिति, व्यापार मंडल, चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय व आदर्श महिला महाविद्यालय विभागों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास व स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे सभी एकजुट होकर आपसी सामंजस्य स्थापित करके स्वास्थ्य से संबंधित सभी अभियानों को सफल बनाएं।
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गर्भवती महिला का 10 सप्ताह में पंजीकरण जरूरी
उप सिविल सर्जन एनएचएम डॉ. दीपक ने एडीसी को बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला को प्रसव संबंधित सभी सुविधाएं जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थान में निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सभी गर्भवती महिलाओं को ये सभी निशुल्क सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए गर्भवती होने के 10 सप्ताह के अंदर-अंदर पंजीकरण (आरसीएच आईडी) करवाना आवश्यक है। यह पंजीकरण कोई भी गर्भवती महिला अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्था में जाकर करवा सकती है अथवा किसी भी आशा कार्यकर्ता या एएनएम के माध्यम से यह पंजीकरण कराया जा सकता है।
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अवैध गर्भपात व भ्रूण जांच रोकना प्राथमिकता
डॉ. दीपक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक ऐसी गर्भवती महिला की पहचान कर रखी है, जिनकी एक या एक से अधिक जीवित लड़की है या उच्च जोखिम प्रसव वर्ग में शामिल है, उन्हें आशा वर्कर/ एएनएम/आंगनबाडी वर्कर के रूप में सहेली उपलब्ध करवाई गई है, जो पूरी अवस्था के दौरान उनकी देखभाल करेगी। जिले में अवैध गर्भपात व भ्रूण जांच की रोकथाम में महत्वपूर्ण भागीदारी भी निभाएगी। इस मौके पर कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलवान, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता, डॉ. नवीन घोष, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विकास आर्य मौजूद रहे।
गर्भवती को 9, 10 या 23 तारीख को जांच कराना जरूरी
सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार एएनसी विजिट एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9, 10 या 23 तारीख को नजदीकी स्वास्थ्य संस्था में जांच करवाना आवश्यक है। इसके अलावा उच्च जोखिम प्रसव वर्ग महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच करवाना भी आवश्यक है, जिससे उन्हें सभी आवश्यक जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके।