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Bhiwani News: बाल आश्रम निरीक्षण में बच्चियों के स्कूल दाखिले में देरी पर जताई नाराजगी
Sun, 31 May 2026 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 31 May 2026 12:02 AM IST
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बाल आश्रम का निरीक्षण करती राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण व अन्य।
- फोटो : 1
भिवानी। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने शनिवार को बाल आश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चियों के स्कूल दाखिले में देरी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता में कुछ कमियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए इन्हें तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) भिवानी के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य आश्रम में रह रहे बच्चों के रहन-सहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, भोजन और पेयजल की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई लेकिन बच्चों के स्कूल दाखिले और दैनिक उपयोग की वस्तुओं से जुड़ी कुछ गंभीर कमियां सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि शैक्षणिक परिणाम घोषित होने के तीन महीने बाद भी बाल आश्रम की बच्चियों का किसी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया है। इसके अलावा बच्चियों की दैनिक उपयोग की कुछ आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में भी कमी पाई गई। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने आश्रम प्रबंधन को निर्देश दिए कि बिना देरी किए बच्चों का दाखिला नजदीकी स्कूलों में सुनिश्चित किया जाए और उनकी सभी आवश्यक जरूरतों का सामान तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
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उन्होंने कहा कि बाल आश्रम में जो भी कमियां पाई गई हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा एकमात्र और स्पष्ट प्रयास है कि इन बच्चों को घर जैसा माहौल और हर जरूरी सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि वह व्यक्तिगत रूप से एक विशेष योजना की निगरानी कर रही हैं जिसके तहत 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों को अनाथालयों में स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बाल आश्रम परिसर में साफ-सफाई तथा बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन और पेयजल की व्यवस्था मानकों के अनुरूप पाई गई जिसके लिए अधिकारियों ने संबंधित स्टाफ के प्रयासों की सराहना की। जिला बाल कल्याण समिति भिवानी के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनकी दैनिक जरूरतों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रखेगी ताकि आवश्यक सुधारों को धरातल पर लागू कराया जा सके।
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इस दौरान जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) भिवानी के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य आश्रम में रह रहे बच्चों के रहन-सहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, भोजन और पेयजल की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई लेकिन बच्चों के स्कूल दाखिले और दैनिक उपयोग की वस्तुओं से जुड़ी कुछ गंभीर कमियां सामने आईं।
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निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि शैक्षणिक परिणाम घोषित होने के तीन महीने बाद भी बाल आश्रम की बच्चियों का किसी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया है। इसके अलावा बच्चियों की दैनिक उपयोग की कुछ आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में भी कमी पाई गई। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने आश्रम प्रबंधन को निर्देश दिए कि बिना देरी किए बच्चों का दाखिला नजदीकी स्कूलों में सुनिश्चित किया जाए और उनकी सभी आवश्यक जरूरतों का सामान तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
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उन्होंने कहा कि बाल आश्रम में जो भी कमियां पाई गई हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा एकमात्र और स्पष्ट प्रयास है कि इन बच्चों को घर जैसा माहौल और हर जरूरी सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि वह व्यक्तिगत रूप से एक विशेष योजना की निगरानी कर रही हैं जिसके तहत 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों को अनाथालयों में स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बाल आश्रम परिसर में साफ-सफाई तथा बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन और पेयजल की व्यवस्था मानकों के अनुरूप पाई गई जिसके लिए अधिकारियों ने संबंधित स्टाफ के प्रयासों की सराहना की। जिला बाल कल्याण समिति भिवानी के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनकी दैनिक जरूरतों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रखेगी ताकि आवश्यक सुधारों को धरातल पर लागू कराया जा सके।