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Bhiwani News: जिला बार चुनाव की सरगर्मियां तेज, 11 सितंबर के मतदान से पहले न्यायालय परिसर में बढ़ीं चुनावी चर्चाएं
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भिवानी। जिला बार एसोसिएशन के 11 सितंबर को प्रस्तावित चुनाव को लेकर न्यायालय परिसर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अधिवक्ताओं के बीच संभावित उम्मीदवारों, चुनावी मुद्दों और बार के विकास को लेकर लगातार चर्चाओं का दौर जारी है।
न्यायिक कार्यों से निवृत्त होने के बाद अधिवक्ताओं के समूहों में चुनावी समीकरणों पर दिनभर मंथन हो रहा है। बार चुनाव में मतदान के इच्छुक सदस्यों के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर शपथ-पत्र जमा कराना अनिवार्य है। इसी कारण इन दिनों बार कार्यालय में भी सदस्यों की आवाजाही बढ़ गई है।
हालांकि बार के विभिन्न पदों के लिए कई संभावित उम्मीदवारों के नाम चर्चा में हैं लेकिन अधिकांश दावेदार अभी अपने पत्ते खोलने से बच रहे हैं। इसके बावजूद न्यायालय परिसर में चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।
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अधिवक्ताओं के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी के 30 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इसे लेकर महिला अधिवक्ताओं में भी उत्साह है और इस बार के चुनाव को नए बदलावों के साथ देखा जा रहा है।
बार परिसर में संभावित पैनल, युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भूमिका तथा बार के विकास से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। अब सभी की नजरें चुनाव प्रक्रिया के अगले चरण और नामांकन से जुड़ी गतिविधियों पर टिकी हैं।
11 सितंबर को बार चुनाव की संभावित तिथि घोषित हो चुकी है। इस बार चुनाव काफी रोचक और दिलचस्प होने की संभावना है क्योंकि बार प्रधान का चुनाव महिला उम्मीदवारी पर भी टिका हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो भिवानी जिला बार के इतिहास में पहली बार कोई महिला अध्यक्ष बनेगी। फिलहाल बार चुनाव में महिलाओं की 33 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग को लेकर भी जोरदार पैरवी की जा रही है। - संदीप तंवर, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन।
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न्यायिक कार्यों से निवृत्त होने के बाद अधिवक्ताओं के समूहों में चुनावी समीकरणों पर दिनभर मंथन हो रहा है। बार चुनाव में मतदान के इच्छुक सदस्यों के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर शपथ-पत्र जमा कराना अनिवार्य है। इसी कारण इन दिनों बार कार्यालय में भी सदस्यों की आवाजाही बढ़ गई है।
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हालांकि बार के विभिन्न पदों के लिए कई संभावित उम्मीदवारों के नाम चर्चा में हैं लेकिन अधिकांश दावेदार अभी अपने पत्ते खोलने से बच रहे हैं। इसके बावजूद न्यायालय परिसर में चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।
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अधिवक्ताओं के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी के 30 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इसे लेकर महिला अधिवक्ताओं में भी उत्साह है और इस बार के चुनाव को नए बदलावों के साथ देखा जा रहा है।
बार परिसर में संभावित पैनल, युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भूमिका तथा बार के विकास से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। अब सभी की नजरें चुनाव प्रक्रिया के अगले चरण और नामांकन से जुड़ी गतिविधियों पर टिकी हैं।
11 सितंबर को बार चुनाव की संभावित तिथि घोषित हो चुकी है। इस बार चुनाव काफी रोचक और दिलचस्प होने की संभावना है क्योंकि बार प्रधान का चुनाव महिला उम्मीदवारी पर भी टिका हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो भिवानी जिला बार के इतिहास में पहली बार कोई महिला अध्यक्ष बनेगी। फिलहाल बार चुनाव में महिलाओं की 33 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग को लेकर भी जोरदार पैरवी की जा रही है। - संदीप तंवर, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन।