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खेलने की उम्र में घर बसा रही बेटियां, पहले साल में ही हो रही प्रताड़ना का शिकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 01:09 AM IST
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Daughters are settling down at the age of playing, becoming victims of harassment
शिव कुमार
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भिवानी। जिस उम्र में बेटियां घर-घर खेलती हैं, उस उम्र में भिवानी और चरखी दादरी की बेटियां घर बसाने को मजबूर हैं। औसतन हर साल 13 से15 केस बाल विवाह के सामने आ रहे हैं। ये तो कुछ ही केस हैं जो सामने आते हैं, अधिकतर बाल विवाह का तो किसी को पता ही नहीं लगता। ऐसे में इन बालिका वधू का तो हर रोज ही उत्पीड़न है। जिले में औसतन रोज दहेज प्रताड़ना का एक मामला सामने आ रहा है। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज की छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। तीन साल के दौरान घरेलू हिंसा के 341 केस सामने आए। जिनमें 162 केस कोर्ट के माध्यम से आए है। वहीं तीन साल में दहेज प्रताड़ना के 804, छेड़छाड़ के 590 और दुष्कर्म के 288 केस दर्ज हुए हैं। हालांकि जिला पुलिस शिकायत के बाद कार्रवाई कर रही है। छेड़छाड़ की घटनाएं रोकने के लिए दुर्गा शक्ति, महिला थाना पुलिस लगातार शहर में गश्त कर रही है। बाल विवाह रोकने के लिए जिला संरक्षण अधिकारी हरबंस कौर भी बिना देर किए सूचना मिलते ही रुकवाने पहुंच जाती है। सभी प्रयास के बावजूद समाज में जागरूकता का अभाव साफ देखा जा रहा है और इसी कारण लगातार महिला उत्पीड़न, महिला विरुद्ध अपराध के केस बढ़ रहे है। इतना ही नहीं काफी लोग पूरी जानकारी होने के बावजूद भी बाल विवाह कर रहे हैं। आज पूरा विश्व महिलाओं के खिलाफ होती हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मना रहा है। सरकार, प्रशासन की ओर से अनेक कदम भी महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं।
नाबालिग की शादी के कब कितने केस आए सामने
अपराध 2019 2020 2021
बाल विवाह 13 15 12
नाबालिग का सामूहिक विवाह 07(दो या दो से अधिक)
पुलिस कार्रवाई 02
काउंसिलिंग 38
साल दर साल बढ़ रहा महिला विरुद्ध अपराध का ग्राफ (दर्ज केस)
अपराध 2019 2020 2021
दहेज प्रताड़ना 278 178 348
दुष्कर्म 117 81 90
छेड़छाड़ 254 189 147
यह है सजा का प्रावधान :
दुष्कर्म : दुष्कर्म मामले में 20 साल तक या आजीवन कारावास का प्रावधान है। सजा के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है।
छेड़छाड़ : लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ पर एक से पांच साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
बाल विवाह : बाल विवाह करने दो साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधा है। इसके अलावा बाल विवाह संपन्न होने और लड़की के ससुराल जाने पर अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज होता है। अन्य धाराओं दुष्कर्म, खरीद फरोख्त आदि शामिल होते है। जिसमें उम्र कैद तक का प्रावधान है।
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दहेज प्रताड़ना : दहेज प्रताड़ना में तीन साल तक कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
पहले की तुलना अब बाल विवाह में कमी आई है। हमारा प्रयास है कि इस बुराई पर पूरी तरह लगाम लगे। इसके लिए बाल विवाह की सूचना पर तुरंत कार्रवाई के अलावा स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं।
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- हरबंस कौर, जिला संरक्षण अधिकारी
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