डीएपी के लिए मारामारी: खाद लेने के लिए उमड़े किसान, हंगामा हुआ तो बुलानी पड़ी पुलिस, चौकी में लाइन लगवाकर दिए नंबर
चौकी इंचार्ज ने किसानों की लाइन खरीद केंद्र के बाहर से हटाकर पुलिस चौकी में लगवाई और उन्हें खाद लेने के लिए खुद नंबर भी दिए। जिसके बाद खरीद केंद्र से किसानों को खाद मिली। खाद लेने पहुंचे किसानों ने खरीद केंद्र के बाहर नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन भी किया।
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हंगामे की सूचना पुलिस को दी। अनाज मंडी पुलिस चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे, मगर गुस्साएं किसानों को समझाने के बाद भी व्यवस्था नहीं बनी। इसके बाद चौकी इंचार्ज ने किसानों की लाइन खरीद केंद्र के बाहर से हटाकर पुलिस चौकी में लगवाई और उन्हें खाद लेने के लिए खुद नंबर भी दिए। जिसके बाद खरीद केंद्र से किसानों को खाद मिली। खाद लेने पहुंचे किसानों ने खरीद केंद्र के बाहर नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन भी किया और गुस्साए किसानों ने आरोप लगाया कि सुबह चार बजे आने के बावजूद लाइन में दोपहर बाद तक भी उनका नंबर नहीं आया।
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अनाज मंडी में सरकारी खाद बिक्री केंद्र के बाहर डीएपी लेने के लिए किसानों की बुधवार अल सुबह से ही भारी भीड़ जुटी थी। जैसे जैसे दिन आगे बढ़ा उसी के साथ किसानों की लाइन भी लंबी होती चली गई। कई किसान लाइन को तोड़कर पहले खाद लेने के प्रयास भी करते रहे। इसी को लेकर खरीद केंद्र पर व्यवस्था कई बार बिगड़ी। आखिर में कई घंटों से लाइन में लगे किसानों ने दोपहर तक खाद नहीं मिलने पर हंगामा कर दिया।
किसानों की लाइन टूटी तो बिक्री केंद्र के बाहर ही काफी देर तक हंगामा हुआ और खाद वितरण का काम भी रुक गया। खरीद केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने खाद बांटना बंद कर दिया और पुलिस बुला ली। जिसके बाद अनाज मंडी पुलिस चौकी इंचार्ज सज्जन सिंह मौके पर पहुंचे। चौकी इंचार्ज ने किसानों को काफी समझाने का प्रयास किया, मगर खरीद केंद्र पर काफी देर बाद भी व्यवस्था नहीं बन पाई।
जिसके बाद किसान खरीद केंद्र की लाइन से हटकर पास ही पुलिस चौकी में लाइन लगाकर खड़े हो गए। जिन्हें एक-एक कर चौकी इंचार्ज सज्जन सिंह ने खुद खाद लेने का नंबर दिए। इसके बाद ही उन्हें खाद मिली।
चौकी में खाद लेने की लगी लंबी लाइन
अनाज मंडी पुलिस चौकी में बुधवार को खाद लेने आने वाले किसानों की लंबी लाइन लगी। यह नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। आम तौर पर खाद लेने की लाइन बिक्री केंद्र के बाहर होती हैं, मगर जहां लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे, वहां किसान पहले से ही लाइनों में खाद लेने के लिए खड़े थे। पुलिस ने यह कदम व्यवस्था बनाने के लिए उठाया था। जिसके बाद हंगामा कर रहे किसान भी शांत हो गए थे।
मुझे सरसों की बिजाई करनी है। इसी के लिए डीएपी लेने के लिए खरीद केंद्र पर सुबह चार बजे पहुंचा था। सुबह नौ बजे बाद केंद्र पर खाद बंटनी शुरू हुई, मगर दोपहर तक भी नंबर नहीं आया। कई लोग फोन मिलाकर कर्मचारियों से लाइन में लगे बगैर ही खाद लेते रहे, इसी पर झगड़ा हुआ।
-दर्शन, नीमड़ीवाली निवासी किसान।
मैं फसल बिजाई के लिए खाद लेने के लिए आया था, मगर खरीद केंद्र पर कर्मचारी महज दो कट्टे डीएपी दे रहे हैं, जबकि मुझे जरूरत सात कट्टों की है। घंटों तक बारी का इंतजार किया। खरीद केंद्र पर कोई व्यवस्था नहीं है, जिसको लेकर मुझे काफी परेशानी हुई है।
-हरिकुमार, गांव दिनोद निवासी किसान।
मुझे दस एकड़ में फसल बिजाई करनी है, मगर खरीद केंद्र पर सिर्फ दो कट्टे खाद दी जा रही है। कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दे रहे हैं। खाद नहीं मिली तो बिजाई भी नहीं होगी। सुबह से परेशान हैं।
-मामनचंद, गांव अजीतपुरा निवासी किसान।
मैं लगातार तीन दिन से खाद लेने के लिए बिक्री केंद्र के चक्कर लगा रहा हूं। जब तक लाइन में मेरा नंबर आता है तब तक खाद खत्म हो जाती है। अब काफी परेशान हो चुका हूं। पुलिस चौकी में लाइन लगने के बाद मुझे सिर्फ दो कट्टे खाद मिली है। इससे क्या होगा।
- जगदीश, गांव नांगल निवासी किसान।
किसानों से शांति बनाए रखने का अनुरोध
खरीद केंद्र के बाहर किसानों ने हंगामा कर दिया था, जिसके बाद मेरी टीम वहां पहुंची थी। किसानों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस चौकी में ही खाद वितरण को लेकर व्यवस्था बनाने के लिए नंबर दिए गए, जिसके जरिये खरीद केंद्र पर खाद का वितरण हुआ। खरीद केंद्र पर खाद बिक्री के दौरान भी पुलिस तैनात की गई है। किसानों से भी शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है।
-सज्जन सिंह, इंचार्ज, अनाज मंडी पुलिस चौकी भिवानी।
एक किसान को पांच कट्टे देने के निर्देश
अब तक जिले में करीब 9 हजार टन खाद का वितरण हो चुका है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक 883 टन यानी 17 हजार कट्टे डीएपी आया है। जिसका वितरण किया जा रहा है। प्रत्येक किसान को पांच कट्टे डीएपी दिए जाने के निर्देश हैं। पोश मशीन के जरिये खाद वितरित की जा रही है। जिले में 25 हजार टन डीएपी की डिमांड है। 16 हजार टन डीएपी और मंगवाई गई है।
-डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक भिवानी।