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दिल्ली ही नहीं पानीपत और लखनऊ के खातों में ट्रांसफर हुए फर्जी चेक से करोड़ों रुपये

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2022 12:54 AM IST
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Crores of rupees from fake checks transferred to the accounts of Panipat and Lucknow not only in Delhi
रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। नगर परिषद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब घोटाले सामने आ रहे हैं। एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है। वहीं एक्सिस बैंक के मैनेजर नितेश ने रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में कुबूला है कि उसने फर्जी चेक से 25 लाख रुपये अपनी मां के खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। वहीं घोटाले में यह भी खुलासा हुआ है कि फर्जी चेकों के माध्यम से राशि दिल्ली ही नहीं, बल्कि पानीपत और लखनऊ तक ट्रांसफर की गई है।
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लखनऊ में खुले खाते घपले से जुड़े आरोपियों के नजदीकी रिश्तेदारों के भी हो सकते हैं। पुलिस इन खातों की पड़ताल में भी जुटी है। रिमांड के बाद बैंक मैनेजर नितेश को वीरवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। दूसरी तरफ फर्जी चेक घोटाले में अपना नाम उछलने के बाद नप के निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह ने भी अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि कुछ राजनीतिक संगठन उनका नाम लेकर भाजपा और उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
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नगर परिषद घोटाले में रोजाना ही नए खुलासे हो रहे हैं। फर्जी चेकों से करोड़ों का भुगतान, हाउस टैक्स की फर्जी रसीदों के बाद अमरूत योजना के करोड़ों रुपयों को फर्मों के खातों में ट्रांसफर किए जाने के आरोप लग रहे हैं। इसी बीच पुलिस ने अब तक इस प्रकरण में केवल एक ही एफआईआर दर्ज की है, जबकि पुलिस के समक्ष नप के अलग अलग घोटालों से जुड़ी काफी शिकायतें अभी लंबित हैं, जिन पर कोई पुलिस कार्रवाई तक नहीं की गई है। हालांकि फर्जी चेक घोटाले में अब तक पुलिस ने बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया है।
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दूसरे बैंक से खाते बंद करा एक्सिस बैंक में खुलवाए थे नप ने खाते
चर्चाएं तो यहां तक भी हो रही हैं कि नगर परिषद के खाते पहले पीएनबी की शाखाओं में खोले गए थे। इन खातों को एक्सिस बैंक में एक खास मकसद से खोला गया था। जिसमें बैंक में खाता खुलवाने के लिए भी बैंक की तरफ से मोटे कमीशन का ऑफर नप अधिकारियों व प्रतिनिधियों को दिया गया था। इसके बाद ही ये खाते एक बैंक से दूसरे बैंक में स्थानांतरित कर करोड़ों के बजट को फर्जी खातों और फर्जी चेकों से भुगतान के घोटाले को अंजाम तक पहुंचाया गया है। अब कौन-कौन इसमें शामिल हैं, यह तो परत दर परत जांच आगे बढने के बाद ही उजागर होगी।
बैंक मैनेजर ने उगले कई नाम, अब तथ्य जुटाने में लगी पुलिस
पुलिस पूछताछ के दौरान घोटाले में गिरफ्तार किए गए बैंक मैनेजर नितेश ने पुलिस के सामने कई अहम नाम उगल दिए हैं, ये वो लोग हैं, जो इस घोटाले से सीधे-सीधे जुड़े हैं। पुलिस इन लोगों के गिरेबान में हाथ डालने से पहले उनके खिलाफ अब तथ्य जुटाने में लगी है। नितेश ने यह भी कुबूला है कि उसने फर्जी चेक में 25 लाख रुपये का एक चेक अपनी मां के खाते में कैश कराया था, जबकि पुलिस ने घोटाले में प्रारंभिक जांच में सामने आए फर्जी चेकों से दिल्ली, पानीपत और लखनऊ के फर्मों को भुगतान दर्शाया है। इन फर्मों को करीब ढाई करोड़ से अधिक की राशि भुगतान की गई है, जबकि जांच में कई करोड़ अधिक राशि का फर्जी भुगतान सामने आने की संभावना पुलिस को लग रही है।
बैंक मैनेजर और कैशियर ने मिलकर किया है घोटाला : रणसिंह यादव
भिवानी नप के निवर्तमान चेयरमैन रणसिंह यादव ने बताया कि उन्हें जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार बैंक मैनेजर नितेश व नगर परिषद के कैशियर ने अन्य के साथ मिलीभगत कर चेक घोटाले को अंजाम दिया है। आरोपियों ने घोटाले को इतनी चालाकी से अंजाम दिया कि उसे व नप के किसी उच्चाधिकारी को भनक तक नहीं लगने दी। उनकी जानकारी में आया है कि नप कैशियर ही बैंक मैनेजर से मिलीभगत कर नप के खातों में राशि ट्रांसफर करवाकर ऑडिट करवा देता था। रणसिंह यादव ने कहा कि जिन चेक से प्राइवेट फर्मों को राशि ट्रांसफर की गई है, उन चेक पर उसके फर्जी हस्ताक्षर हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में उनकी गलती मिले तो उसे दो गुना सजा दी जाए, लेकिन उसे गलत रूप से किसी राजनीतिक की भेंट न चढ़ाए जाए।

खातों की सच्चाई का पता लगाया जा रहा
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि चेक के माध्यम से दिल्ली, पानीपत और लखनऊ में भुगतान हुआ है। अब इन खातों की सच्चाई पता लगाने में पुलिस जुटी है, जल्द ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रही है।
- अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक भिवानी।
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