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Bhiwani News: बहल के विकास में लगाए करोड़ों, अब भी कई योजनाओं का इंतजार
Mon, 20 May 2024 05:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 20 May 2024 05:28 AM IST
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चुनावी चर्चा करते बहल के नागरिक।
बहल। कभी कांग्रेस पार्टी की टिकट पर लोहारू विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले मास्टर तुलसीराम शर्मा का गांव बहल अब विकसित कस्बे की तरफ अग्रसर है। समय-समय पर बहल में सुविधाओं का इजाफा होता रहा है। कुछ योजनाएं अभी पाइप लाइन में है जिनके पूरा होने पर बहल में बहुत सी मुलभूत सुविधाओं के पूरा होने के आसार है। इसके बावजूद, अब भी इस कस्बे को विकास की अनेक योजनाओं की दरकार है।
भाजपा शासन की बात करें तो बहल में दस करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से यहां लुवास का पशु विज्ञान केंद्र बन रहा है। अभी इसकी सेवाएं ज्ञान केन्द्र में चल रही है। यह ज्ञान केंद्र भी इसी सरकार में बनकर तैयार हुआ है। इसके अलावा कस्बे को राजस्थान से जोड़ने वाली दो मुख्य सड़केंं भी निर्माणाधीन है जिनमें एक बहल से भोजाण व दूसरी बहल से बालाण गांव को जाती है। कस्बे की अनाज मंडी को विकसित किया गया है। जिसमें सड़कें व दो शेड के अलावा एक बड़ी सब्जी मंडी बनाई जा रही है। इसी सरकार में करीब 49 लाख रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट लगी है व बस स्टैंड का शिलान्यास किया जा चुका है। कस्बे की सबसे अहम मांग पेयजल सप्लाई व सीवरेज सुविधा के लिए करीब 87 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है।
चुनावी चर्चा पर मशगूल नागरिक बलबीर मेचू, संदीप लाखलाण, साधूराम पनिहार, सुभाष पूर्व सरपंच, जोगेंद्र पूर्व सरपंच, विजय फोगाट, सोमवीर लेघां, राम अवतार शर्मा, पवन शर्मा ने कहा कि सरकार ने बहल के विकास के लिए बहुत कुछ किया है, पर अभी भी विकास के लिए बहुत सी योजनाओं पर काम होना है। करीब 23000 की जनसंख्या व करीब 8700 मतदाता वाले बहल कस्बे में चिकित्सा सुविधा की बड़ी कमी है। पीएचसी को अपग्रेड कर इसे सीएचसी बनाया जाना समय की जरूरत है। इसके अलावा बहल में पेयजल योजना को अतिशीघ्र पूरा किया जाए। लड़कों के लिए अलग से कॉलेज बनाया जाए। तहसील कार्यालय खंड विकास कार्यालय में चल रहा है, जिसकी अलग बिल्डिंग बनाया जाना जरूरी है।
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बहल कस्बा लोहारू विधानसभा का मुख्य कस्बा है। इसमें सबसे बड़ी समय चिकित्सा सुविधा की है। अभी तक बहल में चिकित्सा के नाम पर कोई सुविधा नहीं है। सामान्य से लेकर गंभीर स्थिति के मरीजों को हिसार, भिवानी ही जाना पड़ता है। न यहां पर कोई महिला चिकित्सक है न बच्चों का कोई डाक्टर। युवाओं की शिक्षा के लिए लड़कों का कॉलेज बनाया जाना चाहिए।
-संदीप लाखलाण, बहल।
बहल में पेयजल की बड़ी समस्या है। अनेक बार इसके लिए प्रयास हुए भी हैं, पर लोगों को पानी नहीं मिला है। अभी सुनने में आया है कि सरकार ने 87 करोड़ रुपये से पेयजल व सीवरेज की योजना बनाई है। सरकार को इसे शीघ्रता से पूरी करनी चाहिए ताकि लोगों को पेयजल जैसी मुलभूत सुविधा मिल सके। बाजार व गलियों में सीसीटीवी लगने चाहिए।
-पवन शर्मा
वर्तमान सरकार ने अनेक विकास योजनाओं पर काम किया है। इसमें सब्जी मंडी निर्माण, अनाज मंडी में सुविधाओं का विस्तार, जिला परिषद कोटे से स्ट्रीट लाइट्स, लुवास का सेंटर, ज्ञान केंद्र के अलावा बस स्टैंड बनाए जाने जैसी अनेक सुविधाएं शामिल हैं। अभी बहल में पेयजल के लिए व्यवस्था, लड़कों का अलग कॉलेज, तहसील की अलग से बिल्डिंग, बहल मेन बाजार में डिवाइडर जैसी सुविधाओं की जरूरत है जिसे सरकार द्वारा पूरा किया जाना चाहिए।
-साधूराम पनिहार, सरपंच, बहल।
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भाजपा शासन की बात करें तो बहल में दस करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से यहां लुवास का पशु विज्ञान केंद्र बन रहा है। अभी इसकी सेवाएं ज्ञान केन्द्र में चल रही है। यह ज्ञान केंद्र भी इसी सरकार में बनकर तैयार हुआ है। इसके अलावा कस्बे को राजस्थान से जोड़ने वाली दो मुख्य सड़केंं भी निर्माणाधीन है जिनमें एक बहल से भोजाण व दूसरी बहल से बालाण गांव को जाती है। कस्बे की अनाज मंडी को विकसित किया गया है। जिसमें सड़कें व दो शेड के अलावा एक बड़ी सब्जी मंडी बनाई जा रही है। इसी सरकार में करीब 49 लाख रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट लगी है व बस स्टैंड का शिलान्यास किया जा चुका है। कस्बे की सबसे अहम मांग पेयजल सप्लाई व सीवरेज सुविधा के लिए करीब 87 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है।
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चुनावी चर्चा पर मशगूल नागरिक बलबीर मेचू, संदीप लाखलाण, साधूराम पनिहार, सुभाष पूर्व सरपंच, जोगेंद्र पूर्व सरपंच, विजय फोगाट, सोमवीर लेघां, राम अवतार शर्मा, पवन शर्मा ने कहा कि सरकार ने बहल के विकास के लिए बहुत कुछ किया है, पर अभी भी विकास के लिए बहुत सी योजनाओं पर काम होना है। करीब 23000 की जनसंख्या व करीब 8700 मतदाता वाले बहल कस्बे में चिकित्सा सुविधा की बड़ी कमी है। पीएचसी को अपग्रेड कर इसे सीएचसी बनाया जाना समय की जरूरत है। इसके अलावा बहल में पेयजल योजना को अतिशीघ्र पूरा किया जाए। लड़कों के लिए अलग से कॉलेज बनाया जाए। तहसील कार्यालय खंड विकास कार्यालय में चल रहा है, जिसकी अलग बिल्डिंग बनाया जाना जरूरी है।
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बहल कस्बा लोहारू विधानसभा का मुख्य कस्बा है। इसमें सबसे बड़ी समय चिकित्सा सुविधा की है। अभी तक बहल में चिकित्सा के नाम पर कोई सुविधा नहीं है। सामान्य से लेकर गंभीर स्थिति के मरीजों को हिसार, भिवानी ही जाना पड़ता है। न यहां पर कोई महिला चिकित्सक है न बच्चों का कोई डाक्टर। युवाओं की शिक्षा के लिए लड़कों का कॉलेज बनाया जाना चाहिए।
-संदीप लाखलाण, बहल।
बहल में पेयजल की बड़ी समस्या है। अनेक बार इसके लिए प्रयास हुए भी हैं, पर लोगों को पानी नहीं मिला है। अभी सुनने में आया है कि सरकार ने 87 करोड़ रुपये से पेयजल व सीवरेज की योजना बनाई है। सरकार को इसे शीघ्रता से पूरी करनी चाहिए ताकि लोगों को पेयजल जैसी मुलभूत सुविधा मिल सके। बाजार व गलियों में सीसीटीवी लगने चाहिए।
-पवन शर्मा
वर्तमान सरकार ने अनेक विकास योजनाओं पर काम किया है। इसमें सब्जी मंडी निर्माण, अनाज मंडी में सुविधाओं का विस्तार, जिला परिषद कोटे से स्ट्रीट लाइट्स, लुवास का सेंटर, ज्ञान केंद्र के अलावा बस स्टैंड बनाए जाने जैसी अनेक सुविधाएं शामिल हैं। अभी बहल में पेयजल के लिए व्यवस्था, लड़कों का अलग कॉलेज, तहसील की अलग से बिल्डिंग, बहल मेन बाजार में डिवाइडर जैसी सुविधाओं की जरूरत है जिसे सरकार द्वारा पूरा किया जाना चाहिए।
-साधूराम पनिहार, सरपंच, बहल।