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सिवाडा-तालू माईनर टूटी, किसानों की 300 एकड़ में फसल को नुकसान
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सिवाड़ा-तालू लिंक माइनर टूटने से जनमग्न हो बर्बाद हुई फसल दिखाता किसान।
- फोटो : Bhiwani
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शुक्रवार को टूटी सिवाडा-तालू माईनर शनिवार शाम छह बजे तक भी नहीं जुड़ पाई जिसके कारण किसानों की सैंकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। किसान रामेहर, रामफल, अमीलाल, दुर्जनसिंह ने बताया कि शुक्रवार को अंधड़ के कारण पेड टूट गए और माईनर में गिरने के कारण पानी का बहाव रूक गया। जिसके कारण माइनर ओवरफ्लो होकर टूट गई और पानी ने खेतों का रुख कर लिया। जिसके कारण किसानों की लगभग 300 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नहर के टूटे हुए हिस्से को पाटने का प्रयास किया। लेकिन 24 घंटे बाद भी पानी के बहाव पर काबू नहीं पाया गया। शुक्रवार दोपहर बाद आए तेज अंधड़ से नहर के किनारे खड़े पेड़ टूटकर पानी में गिर गए लेकिन विभाग के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी ने मुआयना करना उचित नहीं समझा पानी का बहाव तेज होने के चलते नहर टूटने से किसानों के अरमान भी बिखर गए। क्योंकि किसानों की 300 एकड़ फसल में खड़ी धान, कपास की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। जिससे किसानों को करीबन 12 लाख रुपये का नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर का पानी बंद करने के लिए उसी समय बोल दिया था, लेकिन 24 घंटे के बाद भी माइनर का पानी बंद नहीं होने से उनकी फसल बर्बाद हो गई है। क्योंकि जो फसल पानी में डूब गई है उसमें धान का दाना बिल्कुल खराब हो जाएगा तो वहीं कपास की फसल भी पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी वहीं जिन किसानों ने पशु चारे व सरसों की फसल की बिजाई की थी वह भी जलभराव के कारण बर्बाद हो गई है। किसानों ने विभाग से मांग की है कि उनकी फसल की गिरदावरी करवाकर नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए ताकि किसान अपनी आगे की बिजाई कर सकें। माइनर टूटने से खेतों में तीन से चार फुट तक पानी खेतों में जमा हो गया है। जिससे किसानों की रवि फसल की बिजाई में भी देरी होगी, क्योंकि एक नवंबर से गेहूं की फसल की बिजाई शुरू हो जाती है वही सरसों की बिजाई भी अब संभव नहीं हो पाएगी। किसानों ने विभाग से मांग की है कि जल्द ही खेतों में जमा पानी की निकासी करवाई जाए ताकि किसान गेहूं की फसल की पछेती बिजाई कर सकें
शुक्रवार रात से ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी इस कार्य में तल्लीनता से जुटे हुए हैं। जल्द ही नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कर दिया जाएगा। -दलीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल।
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शुक्रवार रात से ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी इस कार्य में तल्लीनता से जुटे हुए हैं। जल्द ही नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कर दिया जाएगा। -दलीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, यमुना जल सेवाएं परिमंडल।
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