भिवानी में वारदात: बिजली कट लगने पर घर से घूमने निकला श्रमिक, रात भर ढूंढते रहे परिजन, सुबह मिला शव
सुबह लिफ्ट के बेसमेंट में श्रमिक का शव मिला। पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया है। डीएसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया। श्रमिक के सिर व कमर में चोट के निशान हैं। पुलिस ने मौके से एक ईंट कब्जे में ली है। पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा।
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हरियाणा के भिवानी में सिविल लाइन पुलिस थाना से महज कुछ गज दूर पुराना बस स्टैंड क्षेत्र के सरकुलर रोड स्थित एक निर्माणाधीन तीन मंजिला शोरूम के लिए बनाए जा रहे लिफ्ट के बेसमेंट में फैक्टरी के श्रमिक धर्मबीर सिंह का शव संदिग्ध हालत में मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। मृतक के सिर और कमर में चोट के निशान मिले हैं, जिससे परिजन उसकी हत्या की आशंका भी जता रहे हैं। पुलिस ने परिजनों के तहरीर पर हत्या के मामले में अज्ञात में केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सिविल लाइन पुलिस थाना के पीछे पुराना बस स्टैंड कुम्हारों की गली निवासी 47 वर्षीय धर्मबीर सिंह सोमवार खाना खाने के बाद देर रात करीब सवा दस बजे बिजली कट लगने पर घर से घूमने निकला था। इसके बाद वह लौटा नहीं। अनहोनी की आशंका में सहमे परिजन उसे रात भर ढूंढते रहे, मगर उसकी कोई खोज खबर नहीं लगी।
मंगलवार दोपहर को डॉयल 112 के माध्यम से थाने में पुलिस को एक व्यक्ति की निर्माणाधीन शोरूम की लिफ्ट के बेसमेंट में मृत पड़े होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। इसी दौरान धर्मबीर के परिजन भी थाने में शिकायत लेकर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें शव के बारे में जानकारी दी। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक की पहचान की।
मृतक के चाचा पवन कुमार ने बताया कि धर्मबीर क्राउन प्लाजा के समीप ही एक फैक्टरी में काम करता था। उसके दो बेटे हैं। बड़ा रोहन व छोटा वरुण। परिजनों को इस बात का भी कोई अंदाजा नहीं है कि धर्मबीर निर्माणाधीन शोरूम की लिफ्ट के बेसमेंट में कैसे पहुंचा।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर व कमर पर चोट के निशान भी मिले हैं। पुलिस ने मौके से एक ईंट को भी कब्जे में लिया है, जिस पर खून लगे होने का अंदेशा है। वहीं, निर्माणाधीन शोरूम संचालक राजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें यहां काम कर रहे मजदूरों ने हादसे की जानकारी दी।
उन्हें नहीं मालूम की धर्मबीर यहां क्या कर रहा था और ये हादसा कैसे हुआ। डीएसपी वीरेंद्र सिंह व सिविल लाइन पुलिस थाना एसएचओ रमेशचंद्र की टीम ने मौके पर घटना के संबंध में छानबीन की और वहां पड़ी एक ईंट को भी कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया है।
आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
निर्माणाधीन शोरूम के आसपास दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस खंगाल रही है। पुलिस धर्मबीर के यहां कैसे पहुंचा और कौन उसके साथ था इस सवालों के जवाब ढूंढ रही है। हालांकि धर्मबीर के घर से निर्माणाधीन शोरूम की दूरी भी महज सौ से डेढ़ सौ मीटर है। पुलिस ने शोरूम मालिक राजेंद्र सिंह से भी बातचीत की है। वहीं, बनाए जा रहे लिफ्ट के बेसमेंट के अंदर दीवारों पर भी पुलिस को खून के छींटे मिले हैं।
निर्माणाधीन शोरूम की लिफ्ट में एक व्यक्ति के शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई थी। मौके पर निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए हैं, जबकि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होगी, फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज कर इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जाएगी। - वीरेंद्र सिंह, डीएसपी भिवानी।
अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज
पुलिस ने मृतक धर्मबीर के छोटे भाई राधेश्याम की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। शिकायत में राधेश्याम ने बताया कि दो मई की रात करीब 10 बजे उसका भाई धर्मबीर खाना खाकर घूमने निकला था। कुछ लोग उसे बहला-फुसलाकर ले गए। इसके बाद सिर व हाथ-पैर पर चोट मारकर हत्या कर दी।
हम पूरी रात उसे खोजते रहे। सुबह हमें पता चला कि धर्मबीर का शव एक निर्माणाधीन भवन में पड़ा है। वहां जाकर देखा तो उसके सिर पर गहरा घाव था और हाथ-पैर पर भी चोट के निशान थे। राधेश्याम ने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए और मौत के असल कारणों का पता लगना चाहिए।