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घर में पकड़ी नकली शराब की फैक्ट्री, राजस्थान भेजने की थी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:44 AM IST
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प्रतीकात्मक इमेज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी में सीआईए ने दिनोद गांव के एक घर में छापा मारकर नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पुराने मकान के एक बंद कमरे से 28 पेटी शराब, एक कैनी नकली शराब के अलावा भारी मात्रा में पौव्वे, ढक्कन, ढक्कन सील करने वाली मशीन के अलावा राजस्थान में मशहूर देशी ब्रांड डोला मारू के लेबल बरामद किए हैं। मौके से पुलिस ने एक आरोपी को पौव्वे में शराब भरते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी ने खुलासा किया कि सारी शराब राजस्थान भेजने की तैयारी थी।
मंगलवार देर सांय सीआईए टीम को सूचना मिली कि दिनोद गांव के एक मकान में नकली शराब बनाई जा रही है। इसके बाद सीआईए इंचार्ज संजय बिश्रोई ने एचसी राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने दिनोद गांव के एक पुराने मकान में छापा मारा तो मकान के एक बंद कमरे में एक युवक कैनी से शराब को पौव्वे में डाल रहा था। पुलिस ने युवक को वहीं दबोच लिया। युवक की पहचान दिनोद वासी प्रदीप कालिया के रूप में हुई है। छापामारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में नकली शराब बरामद की। खाली पौव्वे, स्प्रिट, ढक्कन सील करने की मशीन के साथ राजस्थान में प्रचलित डोला मारु नामक मार्का के लेबल मिले। करीब 28 पेटी शराब और एक शराब की भरी कैनी राजस्थान सप्लाई करने की तैयारी चल रही थी। पौव्वों को सील किया जा रहा था। नकली शराब की फैक्ट्री को पकड़ने वाली सीआईए टीम में एसआई दिलबाग, राजेश हवलदार, सज्जन हवलदार, एचसी संदीप शामिल रहे। मामले में जांच अधिकारी सदर थाना से एएसआई रामकिशन ने बताया कि दिनोदवासी प्रदीप उर्फ काला को नकली शराब बरामद के आरोप में पकड़ा गया है। आरोपी से भारी मात्रा में राजस्थान मार्का की नकली शराब बरामद हुई है।
यह हुई बरामदगी
आरोपी से 1544 पौव्वे, 310 खाली पौव्वे, 35 सौ ढक्कन, 14 पैटी कार्टून, पांच सौ लेबल, एक ढक्कन सील करने की लोहे की मशीन, एक जरकीन, एक ड्रम और शराब बनाने का अन्य सामान बरामद किया है।
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सात हजार में खरीदता था एक कैनी स्प्रिट
महज सात हजार के स्प्रिट से करीब 27 हजार की नकली शराब तैयार की जाती है। पकड़े युवक ने बताया कि वह दो कैनी स्प्रिट की लाया था। एक कैनी में 30 लीटर स्प्रिट आती है। एक कैनी की कीमत सात हजार रुपये है यानी 14 हजार की स्प्रिट। इसके अलावा खाली पौव्वे और लेबल। सात हजार के स्प्रिट से 33 पेटी शराब तैयार होती है। राजस्थान में एक पेटी शराब आठ सौ रुपये में आसानी से बिक जाती है। यानी सात हजार के स्प्रिट से करीब 27 हजार की शराब तैयार हो जाती है।
दोस्त से सीखी नकली शराब बनानी
प्रदीप ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसने नकली शराब बनाना अपने दोस्त देवसर वासी पुनीत से सीखा। पुनीत भी नकली शराब बनाता था। वह फिलहाल जेल में बंद है।
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मंगलवार देर सांय सीआईए टीम को सूचना मिली कि दिनोद गांव के एक मकान में नकली शराब बनाई जा रही है। इसके बाद सीआईए इंचार्ज संजय बिश्रोई ने एचसी राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने दिनोद गांव के एक पुराने मकान में छापा मारा तो मकान के एक बंद कमरे में एक युवक कैनी से शराब को पौव्वे में डाल रहा था। पुलिस ने युवक को वहीं दबोच लिया। युवक की पहचान दिनोद वासी प्रदीप कालिया के रूप में हुई है। छापामारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में नकली शराब बरामद की। खाली पौव्वे, स्प्रिट, ढक्कन सील करने की मशीन के साथ राजस्थान में प्रचलित डोला मारु नामक मार्का के लेबल मिले। करीब 28 पेटी शराब और एक शराब की भरी कैनी राजस्थान सप्लाई करने की तैयारी चल रही थी। पौव्वों को सील किया जा रहा था। नकली शराब की फैक्ट्री को पकड़ने वाली सीआईए टीम में एसआई दिलबाग, राजेश हवलदार, सज्जन हवलदार, एचसी संदीप शामिल रहे। मामले में जांच अधिकारी सदर थाना से एएसआई रामकिशन ने बताया कि दिनोदवासी प्रदीप उर्फ काला को नकली शराब बरामद के आरोप में पकड़ा गया है। आरोपी से भारी मात्रा में राजस्थान मार्का की नकली शराब बरामद हुई है।
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यह हुई बरामदगी
आरोपी से 1544 पौव्वे, 310 खाली पौव्वे, 35 सौ ढक्कन, 14 पैटी कार्टून, पांच सौ लेबल, एक ढक्कन सील करने की लोहे की मशीन, एक जरकीन, एक ड्रम और शराब बनाने का अन्य सामान बरामद किया है।
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सात हजार में खरीदता था एक कैनी स्प्रिट
महज सात हजार के स्प्रिट से करीब 27 हजार की नकली शराब तैयार की जाती है। पकड़े युवक ने बताया कि वह दो कैनी स्प्रिट की लाया था। एक कैनी में 30 लीटर स्प्रिट आती है। एक कैनी की कीमत सात हजार रुपये है यानी 14 हजार की स्प्रिट। इसके अलावा खाली पौव्वे और लेबल। सात हजार के स्प्रिट से 33 पेटी शराब तैयार होती है। राजस्थान में एक पेटी शराब आठ सौ रुपये में आसानी से बिक जाती है। यानी सात हजार के स्प्रिट से करीब 27 हजार की शराब तैयार हो जाती है।
दोस्त से सीखी नकली शराब बनानी
प्रदीप ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसने नकली शराब बनाना अपने दोस्त देवसर वासी पुनीत से सीखा। पुनीत भी नकली शराब बनाता था। वह फिलहाल जेल में बंद है।