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क्लर्क परीक्षा पास कराने के नाम पर ठगी करने वाला दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:42 AM IST
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- फोटो : social media
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भिवानी में अपने आपको शिक्षा बोर्ड का कर्मचारी बता जेबीटी टीचर को एचएसएससी की क्लर्क परीक्षा पास कराने के नाम पर 65 हजार ठगने वाले व्यक्ति को काबू किया गया है। उससे 65 हजार रुपये की नगदी भी बरामद की गई। जबकि सौदा छह लाख में तय हुआ था।
गांव मंढाण वासी अनिल ने सिविल लाइन थाना पुलिस में शिकायत की कि एक व्यक्ति उसकी पत्नी को एचएसएससी की क्लर्क परीक्षा में पास करवाने के नाम पर छह लाख रूपये मांग रहा है। 45 हजार रुपये दिए जा चुके है और 20 हजार अब देने है। जिसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने टीम बनाई और कर्मचारी को 20 हजार रुपये लेते हाथ काबू किया। जांच में सामने आया कि वह शिक्षा बोर्ड का कर्मचारी है ही नहीं बल्कि पहले अनुबंध आधार पर काम करता था।
शिकायत में अनिल ने उसकी पत्नी जेबीटी टीचर लगी हुई है और उसने पिछले रविवार को ही एचएसएससी क्लर्क की परीक्षा दी थी। उसे पास कराने के बदले तोशाम क्षेत्र के गांव ईश्रवाल वासी सतबीर ने छह लाख रूपये मांगे। उसने करीब 45 हजार रुपये पहले दे दिए जबकि 20 हजार रुपये की रकम देने से पहले उसे कुछ शक हुआ। जिसके बाद सिविल लाइन थाना में शिकायत की। सिविल लाइन थाना प्रभारी संजय बिश्नोई ने बताया कि सतबीर अपने आपको शिक्षा बोर्ड में कर्मचारी बता रहा था, जबकि करीब ढाई साल पहले उसने शिक्षा बोर्ड में डीसी रेट पर चतुर्थ श्रेणी अनुबंधित कर्मचारी के तौर पर काम किया था। पुलिस पूछताछ के बाद उसके कब्जे से 65 हजार रूपये की नगदी भी बरामद की गई है। सतबीर को पुलिस रिमांड पर लेने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
गांव मंढाण वासी अनिल ने सिविल लाइन थाना पुलिस में शिकायत की कि एक व्यक्ति उसकी पत्नी को एचएसएससी की क्लर्क परीक्षा में पास करवाने के नाम पर छह लाख रूपये मांग रहा है। 45 हजार रुपये दिए जा चुके है और 20 हजार अब देने है। जिसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने टीम बनाई और कर्मचारी को 20 हजार रुपये लेते हाथ काबू किया। जांच में सामने आया कि वह शिक्षा बोर्ड का कर्मचारी है ही नहीं बल्कि पहले अनुबंध आधार पर काम करता था।
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शिकायत में अनिल ने उसकी पत्नी जेबीटी टीचर लगी हुई है और उसने पिछले रविवार को ही एचएसएससी क्लर्क की परीक्षा दी थी। उसे पास कराने के बदले तोशाम क्षेत्र के गांव ईश्रवाल वासी सतबीर ने छह लाख रूपये मांगे। उसने करीब 45 हजार रुपये पहले दे दिए जबकि 20 हजार रुपये की रकम देने से पहले उसे कुछ शक हुआ। जिसके बाद सिविल लाइन थाना में शिकायत की। सिविल लाइन थाना प्रभारी संजय बिश्नोई ने बताया कि सतबीर अपने आपको शिक्षा बोर्ड में कर्मचारी बता रहा था, जबकि करीब ढाई साल पहले उसने शिक्षा बोर्ड में डीसी रेट पर चतुर्थ श्रेणी अनुबंधित कर्मचारी के तौर पर काम किया था। पुलिस पूछताछ के बाद उसके कब्जे से 65 हजार रूपये की नगदी भी बरामद की गई है। सतबीर को पुलिस रिमांड पर लेने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
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