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महिलाओं के विरोध करने पर हुआ हंगामा
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। चारा मंडी के पास करीब 15-20 बंदर बोरियों में बंद कर रखे थे। गो सेवकों ने इनको देखा तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को दी। सूचना पर वाइल्ड लाइफ विभाग के गार्ड भी पहुंचे। बंदरों को ले जाने लगे तो वहां मौजूद महिलाओं ने विरोध किया जिस कारण हंगामा हुआ। बाद में सभी बंदरों को चिड़ियाघर लाया गया। मामले में अभी कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई है।
मामला बुधवार दोपहर का है। दोपहर के समय गो सेवकों को सूचना मिली कि चारा मंडी में कुछ प्रवासी लोग आए हुए हैं, जिन्होंने काफी बंदर पकड़ रखे हैं। बंदरों को बोरियों में बंद करके रखा गया है। गोसेवक वहां पहुंचे तो मामला पशु क्रूरता का पाया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और अनाजमंडी चौकी को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वाइल्ड लाइफ से गार्ड भी पहुंचे। वहां देखा तो बंदरों के बच्चों को बोरियों में रखा हुआ था और कुछ बंदरों को आसपास बांधा हुआ था। इसके बाद वाइल्ड लाइफ गार्ड ने बंदर ले जाने के लिए पिंजरा मंगवाया। बंदर ले जाने लगे तो वहां मौजूद महिलाओं ने विरोध किया। इस कारण काफी हंगामा भी हुआ है। बाद में पुलिस की मौजूदगी के चलते महिलाएं ज्यादा विरोध नहीं कर पाई और वाइल्ड लाइफ से आए गार्ड बंदरों को अपने साथ चिड़ियाघर ले गए। प्राथमिक जांच में पता लगा कि ये प्रवासी लोग गांवों में बंदरों का खेल दिखाते हैं और इसी कारण ये बंदर रखे हुए थे। बंदरों के छोटे बच्चों को बोरियों में रखा गया था। वाइल्ड लाइफ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बंदरों को चिड़ियाघर पिंजरा छोटा, ठूंसने लगे तो हुआ विरोध, बाद में थोड़े-थोड़े कर पहुंचाएं चिड़ियाघर मौके से दो-तीन बंदरों को तो खोलकर भगा दिया गया। वाइल्ड लाइफ गार्ड ने बंदरों को चिड़ियाघर ले जाने के लिए पिंजरा मंगवाया गया। क्रूरता को देखते हुए बंदरों को चिड़ियाघर ले जाया जा रहा था मगर जो पिंजरा बंदरों के लिए लाया गया वह बहुत छोटा था। कर्मचारी उसी में बंदरों को ठूंसने लगे। पिंजरा छोटा होने के कारण बंदर उसमें लड़ाई भी करने लगे। इसके बाद वहां विरोध शुरू हुआ। इसके बाद बंदरों को दो-दो, तीन-तीन करके पिंजरे के माध्यम से चिड़ियाघर ले जाया गया।
वर्जन:::
बंदर का खेल दिखाने वाले प्रवासी लोग चारा मंडी में आए हुए हैं। उनके पास बंदर थे। बंदरों को वाइल्ड लाइफ के गार्ड ले गए हैं। हमें अभी कोई लिखित में किसी तरह की शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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-जगदीश कुमार, इंचार्ज, अनाजमंडी चौकी
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भिवानी। चारा मंडी के पास करीब 15-20 बंदर बोरियों में बंद कर रखे थे। गो सेवकों ने इनको देखा तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को दी। सूचना पर वाइल्ड लाइफ विभाग के गार्ड भी पहुंचे। बंदरों को ले जाने लगे तो वहां मौजूद महिलाओं ने विरोध किया जिस कारण हंगामा हुआ। बाद में सभी बंदरों को चिड़ियाघर लाया गया। मामले में अभी कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई है।
मामला बुधवार दोपहर का है। दोपहर के समय गो सेवकों को सूचना मिली कि चारा मंडी में कुछ प्रवासी लोग आए हुए हैं, जिन्होंने काफी बंदर पकड़ रखे हैं। बंदरों को बोरियों में बंद करके रखा गया है। गोसेवक वहां पहुंचे तो मामला पशु क्रूरता का पाया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और अनाजमंडी चौकी को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वाइल्ड लाइफ से गार्ड भी पहुंचे। वहां देखा तो बंदरों के बच्चों को बोरियों में रखा हुआ था और कुछ बंदरों को आसपास बांधा हुआ था। इसके बाद वाइल्ड लाइफ गार्ड ने बंदर ले जाने के लिए पिंजरा मंगवाया। बंदर ले जाने लगे तो वहां मौजूद महिलाओं ने विरोध किया। इस कारण काफी हंगामा भी हुआ है। बाद में पुलिस की मौजूदगी के चलते महिलाएं ज्यादा विरोध नहीं कर पाई और वाइल्ड लाइफ से आए गार्ड बंदरों को अपने साथ चिड़ियाघर ले गए। प्राथमिक जांच में पता लगा कि ये प्रवासी लोग गांवों में बंदरों का खेल दिखाते हैं और इसी कारण ये बंदर रखे हुए थे। बंदरों के छोटे बच्चों को बोरियों में रखा गया था। वाइल्ड लाइफ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बंदरों को चिड़ियाघर पिंजरा छोटा, ठूंसने लगे तो हुआ विरोध, बाद में थोड़े-थोड़े कर पहुंचाएं चिड़ियाघर मौके से दो-तीन बंदरों को तो खोलकर भगा दिया गया। वाइल्ड लाइफ गार्ड ने बंदरों को चिड़ियाघर ले जाने के लिए पिंजरा मंगवाया गया। क्रूरता को देखते हुए बंदरों को चिड़ियाघर ले जाया जा रहा था मगर जो पिंजरा बंदरों के लिए लाया गया वह बहुत छोटा था। कर्मचारी उसी में बंदरों को ठूंसने लगे। पिंजरा छोटा होने के कारण बंदर उसमें लड़ाई भी करने लगे। इसके बाद वहां विरोध शुरू हुआ। इसके बाद बंदरों को दो-दो, तीन-तीन करके पिंजरे के माध्यम से चिड़ियाघर ले जाया गया।
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बंदर का खेल दिखाने वाले प्रवासी लोग चारा मंडी में आए हुए हैं। उनके पास बंदर थे। बंदरों को वाइल्ड लाइफ के गार्ड ले गए हैं। हमें अभी कोई लिखित में किसी तरह की शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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-जगदीश कुमार, इंचार्ज, अनाजमंडी चौकी