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दाल मिल में बोरियों के नीचे दबने से मजदूर की मौत
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भिवानी। जिले के गांव नलोई स्थित एक दाल मिल में बोरियों के नीचे दबने से मजदूर की मौत के अंदर लापरवाही की वजह से मशीन की चेन और जाली टूट गई। जिस कारण एक मजदूर घंटों तक दाल की बोरियों के नीचे दबा रहा और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिवानी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर वीरवार सुबह भिवानी जिला सामान्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक लड़के के पिता की शिकायत पर दाल मील मालिक, मैनेजर व कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गांव नलोई निवासी सुभाष ने बताया कि उसका 25 वर्षीय बेटा मेवा सिंह एक दाल मील में मजदूरी करता था। बुधवार शाम करीबन चार बजे उसका बेटा दाल मिल में बोरियों के नीचे दबने से मजदूर की मौत के अंदर काम कर रहा था। इसी दौरान मशीन की चेन और जाली टूट गई, जिससे वजह से दर्जनों दाल की बोरियां उसके ऊपर आ गिरी। मेवा सिंह दाल की बोरियों के नीचे घंटों तक दबा रहा, जिस वजह से उसका दम घुट गया और उसकी मौत हो गई।। सुभाष ने आरोप लगाया कि उसके बेटे के साथ दाल मिल में बोरियों के नीचे दबने से मजदूर की मौत मालिक व कर्मचारियों की लापरवाही से ये हादसा हुआ है। मील में कर्मचारियों की सुरक्षा के कोई पुख्ता प्रबंध तक नहीं थे, जबकि मशीनें पर भी भारी वजन उठाने के लिए लोहे की पलती चेन व कमजोर जालियां लगाई हुई थी। चेन और जाली टूटकर गिरने से उसके बेटे पर दाल की बोरियां गिर गई और उसके नीचे दबे रहने से उसका दम घुटने से मौत हो गई। उसका दूसरा बेटा भी यहीं पर कार्य करता है। जिसने इसकी सूचना उसे दी। जब वे पहुंचे तो बोरियों के नीचे बेटे का सिर्फ हाथ नजर आ रहा था। उन्होंने किसी तरह बेटे को बाहर निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सिवानी पुलिस के जांच अधिकारी रमेश ने बताया कि मृतक मेवा सिंह के शव का वीरवार सुबह भिवानी जिला सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। मृतक लड़के के पिता सुभाष के बयान दर्ज कर दाल मील मालिक, मील मैनेजर व एक कर्मचारी सहित तीन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
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गांव नलोई निवासी सुभाष ने बताया कि उसका 25 वर्षीय बेटा मेवा सिंह एक दाल मील में मजदूरी करता था। बुधवार शाम करीबन चार बजे उसका बेटा दाल मिल में बोरियों के नीचे दबने से मजदूर की मौत के अंदर काम कर रहा था। इसी दौरान मशीन की चेन और जाली टूट गई, जिससे वजह से दर्जनों दाल की बोरियां उसके ऊपर आ गिरी। मेवा सिंह दाल की बोरियों के नीचे घंटों तक दबा रहा, जिस वजह से उसका दम घुट गया और उसकी मौत हो गई।। सुभाष ने आरोप लगाया कि उसके बेटे के साथ दाल मिल में बोरियों के नीचे दबने से मजदूर की मौत मालिक व कर्मचारियों की लापरवाही से ये हादसा हुआ है। मील में कर्मचारियों की सुरक्षा के कोई पुख्ता प्रबंध तक नहीं थे, जबकि मशीनें पर भी भारी वजन उठाने के लिए लोहे की पलती चेन व कमजोर जालियां लगाई हुई थी। चेन और जाली टूटकर गिरने से उसके बेटे पर दाल की बोरियां गिर गई और उसके नीचे दबे रहने से उसका दम घुटने से मौत हो गई। उसका दूसरा बेटा भी यहीं पर कार्य करता है। जिसने इसकी सूचना उसे दी। जब वे पहुंचे तो बोरियों के नीचे बेटे का सिर्फ हाथ नजर आ रहा था। उन्होंने किसी तरह बेटे को बाहर निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सिवानी पुलिस के जांच अधिकारी रमेश ने बताया कि मृतक मेवा सिंह के शव का वीरवार सुबह भिवानी जिला सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। मृतक लड़के के पिता सुभाष के बयान दर्ज कर दाल मील मालिक, मील मैनेजर व एक कर्मचारी सहित तीन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
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