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21 फरवरी 2014 को व्यापार मंडल तोशाम के प्रधान व बीजेपी नेता की दफ्तर में गोली मारकर की गई थी हत्या
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। तोशाम व्यापार मंडल के प्रधान व बीजेपी नेता राकेश मलिक हत्याकांड में शुक्रवार को कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि एक महिला सहित तीन लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी राकेश चहल, शूटर मनदीप उर्फ मोथा व जसबीर उर्फ जस्सी उर्फ टॉचर, रैकी करने वाले दलबीर को दोषी करार दिया है। वहीं, सबूतों के अभाव में आरोपी अशोक, लकजींदर कौर व शंकर को बरी कर दिया है। दो जुलाई को आरोपियों को सजा सुना जाएगी।
ये है मामला
तोशाम व्यापार मंडल प्रधान व व्यापारी नेता राकेश मलिक की 21 फरवरी 2014 को उस समय बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। हत्या के रोष स्वरूप परिजनों और तोशाम के व्यापारियों, दुकानदारों ने तोशाम चौक पर जाम लगाया था। परिजनों ने हत्या करवाने में एक पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद का नाम लिया और उनपर कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की धमकी दे डाली थी। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 13 एसआईटी गठित की गई थी। पुलिस ने मामले को ट्रेस करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था।
हत्या के पीछे था यह कारण
राकेश मलिक के चाचा व राकेश चहल के बीच झगड़ा चल रहा था जिसमें राकेश चहल व उसके दो भाइयों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस था जिसमें तीनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई थी। केस में सजा करवाने में राकेश मलिक का अहम रोल था जिसकी रंजिश रखते हुए राकेश चहल ने हत्या करवाई।
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दिल्ली में राकेश चहल के घर रची थी हत्या की साजिश
बीजेपी नेता राकेश मलिक की हत्या करने की साजिश राकेश चहल के दिल्ली स्थित मकान पर रची गई थी जहां पर राकेश चहल ने दिल्ली से चोरी की हुई बाइक, तीन पिस्टल व कारतूस शूटर जसबीर उर्फ जस्सी व मनदीप उर्फ मोथा को दी थी। राकेश मलिक ने दोनों को कहा था कि तुम्हें पैसा मिलेगा और उनके केस वे खुद लड़ेंगे। हत्या करने से पहले राकेश चहल दो साल पहले बेल पर आया था और वापस नहीं गया था। साथ ही वह वाहन चोरी करने का मास्टरमाइंड था और एक गिरोह भी चलाता था।
यहां-यहां से हुई थी आरोपियों की गिरफ्तारी
राकेश मलिक हत्याकांड में पुलिस ने रैकी करने वाले दलबीर को तोशाम से गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद पुलिस टीम ने राकेश चहल की पत्नी लखजिंद्र कौर व शंकर को दिल्ली उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मुख्य षडयंत्र चने वाले राकेश चहल व शूटर मनदीप उर्फ मोथा को हापुड़ चुंगी टी-प्वाइंट से गिरफ्तार किया गया। मामले में फरार चल रहे दूसरे शूटर जसबीर उर्फ जस्सी को पुलिस ने उसके रिश्तेदार के घर असंध के गांव गोली माजरा से गिरफ्तार किया था।
बरी किए आरोपियों के लिए हाईकोर्ट में करेंगे अपील : संजीव तंवर
राकेश मलिक केस के वकील संजीव तंवर ने बताया कि कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने तीन आरोपियों को बरी किया है जिनके लिए वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि दोषियों को ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
परिजन नाखुश, खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा
अदालत ने भले ही चार लोगों को दोषी करार दे दिया हो मगर परिजन संतुष्ट नहीं है। परिजनों का कहना है कि राजनीतिक द्वेष में हत्या की गई। एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व सांसद का हत्याकांड में हाथ था। वे शुरूआत से इस पहलू से जांच की मांग कर रहे हैं मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजन भाई जोगेंद्र मलिक, मृतक की पत्नी अनीता ने कहा कि वे न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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भिवानी। तोशाम व्यापार मंडल के प्रधान व बीजेपी नेता राकेश मलिक हत्याकांड में शुक्रवार को कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि एक महिला सहित तीन लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी राकेश चहल, शूटर मनदीप उर्फ मोथा व जसबीर उर्फ जस्सी उर्फ टॉचर, रैकी करने वाले दलबीर को दोषी करार दिया है। वहीं, सबूतों के अभाव में आरोपी अशोक, लकजींदर कौर व शंकर को बरी कर दिया है। दो जुलाई को आरोपियों को सजा सुना जाएगी।
ये है मामला
तोशाम व्यापार मंडल प्रधान व व्यापारी नेता राकेश मलिक की 21 फरवरी 2014 को उस समय बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। हत्या के रोष स्वरूप परिजनों और तोशाम के व्यापारियों, दुकानदारों ने तोशाम चौक पर जाम लगाया था। परिजनों ने हत्या करवाने में एक पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद का नाम लिया और उनपर कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की धमकी दे डाली थी। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 13 एसआईटी गठित की गई थी। पुलिस ने मामले को ट्रेस करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था।
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हत्या के पीछे था यह कारण
राकेश मलिक के चाचा व राकेश चहल के बीच झगड़ा चल रहा था जिसमें राकेश चहल व उसके दो भाइयों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस था जिसमें तीनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई थी। केस में सजा करवाने में राकेश मलिक का अहम रोल था जिसकी रंजिश रखते हुए राकेश चहल ने हत्या करवाई।
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दिल्ली में राकेश चहल के घर रची थी हत्या की साजिश
बीजेपी नेता राकेश मलिक की हत्या करने की साजिश राकेश चहल के दिल्ली स्थित मकान पर रची गई थी जहां पर राकेश चहल ने दिल्ली से चोरी की हुई बाइक, तीन पिस्टल व कारतूस शूटर जसबीर उर्फ जस्सी व मनदीप उर्फ मोथा को दी थी। राकेश मलिक ने दोनों को कहा था कि तुम्हें पैसा मिलेगा और उनके केस वे खुद लड़ेंगे। हत्या करने से पहले राकेश चहल दो साल पहले बेल पर आया था और वापस नहीं गया था। साथ ही वह वाहन चोरी करने का मास्टरमाइंड था और एक गिरोह भी चलाता था।
यहां-यहां से हुई थी आरोपियों की गिरफ्तारी
राकेश मलिक हत्याकांड में पुलिस ने रैकी करने वाले दलबीर को तोशाम से गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद पुलिस टीम ने राकेश चहल की पत्नी लखजिंद्र कौर व शंकर को दिल्ली उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मुख्य षडयंत्र चने वाले राकेश चहल व शूटर मनदीप उर्फ मोथा को हापुड़ चुंगी टी-प्वाइंट से गिरफ्तार किया गया। मामले में फरार चल रहे दूसरे शूटर जसबीर उर्फ जस्सी को पुलिस ने उसके रिश्तेदार के घर असंध के गांव गोली माजरा से गिरफ्तार किया था।
बरी किए आरोपियों के लिए हाईकोर्ट में करेंगे अपील : संजीव तंवर
राकेश मलिक केस के वकील संजीव तंवर ने बताया कि कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने तीन आरोपियों को बरी किया है जिनके लिए वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि दोषियों को ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
परिजन नाखुश, खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा
अदालत ने भले ही चार लोगों को दोषी करार दे दिया हो मगर परिजन संतुष्ट नहीं है। परिजनों का कहना है कि राजनीतिक द्वेष में हत्या की गई। एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व सांसद का हत्याकांड में हाथ था। वे शुरूआत से इस पहलू से जांच की मांग कर रहे हैं मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजन भाई जोगेंद्र मलिक, मृतक की पत्नी अनीता ने कहा कि वे न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।