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मौत के एक माह बाद एजेंट ने साजिश रच कराया मृतक व्यक्ति का जीवन बीमा
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। मृत व्यक्ति के नाम से दो लाख का जीवन बीमा कराकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर क्लेम राशि हड़पने की साजिश रचने के मामले में एक महिला सहित एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
तोशाम पुलिस को दी गई शिकायत में बजाज इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर ने बताया कि गांव देवराला निवासी संजय नामक व्यक्ति का कंपनी के एजेंट के माध्यम से 8 अगस्त 2016 को दो लाख रुपये का जीवन बीमा कराया गया था। कंपनी ने एजेंट द्वारा तस्दीक किए गए दस्तावेजों के आधार पर संजय के नाम पॉलिसी जारी कर दी। बीमा सलाहकार संतोष कुमार ने संजय की पॉलिसी में नॉमिनी उसकी पत्नी संतोष को दर्शाया था। मगर जब इंश्योरेंस कंपनी ने इस मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि बीमित व्यक्ति संजय की जीवन बीमा पॉलिसी जारी होने से पहले ही मौत हो चुकी थी। कैरू सीएचसी से प्राप्त रिकार्ड में संजय की मौत 5 जुलाई 2016 को ही हो चुकी थी, यानी बीमा कराने से करीबन एक माह पहले। संजय की मौत का रिकार्ड इलाके की आंगनबाड़ी में भी दर्ज पाया गया। कंपनी अधिकारियों ने इस मामले में पाया कि कंपनी के एजेंट ने मृतक की पत्नी के साथ मिलीभगत कर मृतक व्यक्ति का जीवन बीमा करा क्लेम राशि हड़पने की साजिश रची थी। इसी मामले में शिकायत तोशाम पुलिस को दी गई। पुलिस ने कंपनी बीमा सलाहकार सहित मृतक संजय की पत्नी संतोष के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
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भिवानी। मृत व्यक्ति के नाम से दो लाख का जीवन बीमा कराकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर क्लेम राशि हड़पने की साजिश रचने के मामले में एक महिला सहित एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
तोशाम पुलिस को दी गई शिकायत में बजाज इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर ने बताया कि गांव देवराला निवासी संजय नामक व्यक्ति का कंपनी के एजेंट के माध्यम से 8 अगस्त 2016 को दो लाख रुपये का जीवन बीमा कराया गया था। कंपनी ने एजेंट द्वारा तस्दीक किए गए दस्तावेजों के आधार पर संजय के नाम पॉलिसी जारी कर दी। बीमा सलाहकार संतोष कुमार ने संजय की पॉलिसी में नॉमिनी उसकी पत्नी संतोष को दर्शाया था। मगर जब इंश्योरेंस कंपनी ने इस मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि बीमित व्यक्ति संजय की जीवन बीमा पॉलिसी जारी होने से पहले ही मौत हो चुकी थी। कैरू सीएचसी से प्राप्त रिकार्ड में संजय की मौत 5 जुलाई 2016 को ही हो चुकी थी, यानी बीमा कराने से करीबन एक माह पहले। संजय की मौत का रिकार्ड इलाके की आंगनबाड़ी में भी दर्ज पाया गया। कंपनी अधिकारियों ने इस मामले में पाया कि कंपनी के एजेंट ने मृतक की पत्नी के साथ मिलीभगत कर मृतक व्यक्ति का जीवन बीमा करा क्लेम राशि हड़पने की साजिश रची थी। इसी मामले में शिकायत तोशाम पुलिस को दी गई। पुलिस ने कंपनी बीमा सलाहकार सहित मृतक संजय की पत्नी संतोष के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
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