फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   corona, doctors, isolation ward, not ready

चिकित्सक न आइसोलेशन वार्ड, अब तक नहीं बना ऑक्सीजन प्लांट, कैसे लड़ेंगे कोरोना की तीसरी लहर से

Sun, 20 Jun 2021 11:58 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:58 PM IST
विज्ञापन
corona, doctors, isolation ward, not ready
जिला सामान्य अस्पताल। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास न तो पर्याप्त सरकारी बाल रोग चिकित्सक हैं और न ही निजी बाल रोग अस्पताल में आइसोलेशन की व्यवस्था। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक जिले में कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए महज 100 बेड की व्यवस्था की है। साथ ही कोरोना संक्रमित गंभीर बच्चों के लिए नीकू आईसीयू में 28 बेड तैयार किए हैं। जिले भर में 18 वर्ष से कम आयु के 405505 बच्चे हैं। इन बच्चों के उपचार के लिए एक सरकारी और 10 निजी अस्पताल के चिकित्सक हैं।
विज्ञापन

वहीं जिले के 10 निजी बाल रोग अस्पताल में भी आइसोलेशन सेंटर बनने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। निजी अस्पतालों से स्वास्थ्य विभाग ने अब तक आइसोलेशन सेंटर को लेकर बात तक नहीं की है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कितना अलर्ट है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में अगर कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर ने जिले में दस्तक दी तो स्वास्थ्य विभाग के पास उपचार की कोई व्यवस्था नहीं होगी। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने 18 वर्ष तक के बच्चों के उपचार की जिम्मेदारी बाल रोग विशेषज्ञ को दे दी, मगर जिले के सरकारी अस्पताल में महज एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की तरह अगर तीसरी लहर में मामले सामने आते हैं तो स्वास्थ्य विभाग से हालत बेकाबू हो जाएंगे।
विज्ञापन

जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति
जिले में कोरोना संक्रमण की शुरुआत तीन अप्रैल 2020 को हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए अब तक कुल 308723 नागरिकों के सैंपल लिए हैं। जिनमें से 22277 सैंपल पॉजिटिव और 285580 सैंपल नेगिटिव रहे। कोरोना संक्रमितों में से 21567 केस ठीक हो गए और 638 की मौत हो गई। जिले में कोरोना संक्रमण के फिलहाल 72 केस सक्रिय हैं। जिनमें से 28 शहरी और 44 ग्रामीण क्षेत्र से हैं। वहीं जिले में 50 सैंपल की रिपोर्ट लंबित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी लहर में संदेह के घेरे में आ चुकी लैब
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जिला सामान्य अस्पताल में स्थित कोरोना सैंपल जांच लैब संदेह के घेरे में आ चुकी है। जिसकी सूचना मिलने पर उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया था। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव राजीव प्रसाद सहित पांच सदस्यों की कमेटी को जांच के निर्देश दिए थे। कमेटी की जांच अभी जारी है। बावजूद इसके जिले में कोरोना की लैब में सैंपलिंग की जांच नहीं बढ़ पाई है। वहीं 50 सैंपल की रिपोर्ट अभी भी लंबित है।
ऑक्सीजन प्लांट भी तैयार नहीं
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी हो गई थी। इस दौरान मांग के अनुरूप सिलिंडर नहीं मिल रहे थे। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने जिला सामान्य अस्पताल को ऑक्सीजन प्लांट अलॉट कर दिया था मगर प्लांट अब तक बन कर तैयार नहीं हुआ है। जिला सामान्य अस्पताल में महज 28 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है।
निजी बाल रोग विशेषज्ञ के कंधों पर बच्चों की जिम्मेदारी
जिले में सरकारी अस्पताल में महज एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जिसकी ड्यूटी जिला सामान्य अस्पताल में लगाई हुई है। बाल रोग विशेषज्ञ पर ओपीडी, नीकू वार्ड, स्टाफ की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के दस निजी बाल रोग विशेषज्ञों से मदद मांगी थी, जिन्होंने ऑन कॉल ड्यूटी और आपातकालीन सेवा के लिए सहमति तो दे दी मगर कोरोना के कहर में सरकारी चिकित्सक न होना बड़ी मुश्किल बन सकता है।
महज 25 फीसदी का टीकाकरण
जिले में कुल 1305812 जनसंख्या है। जिसमें से 60 वर्ष से अधिक आयु के 124052 बुजुर्ग हैं और 45 से अधिक आयु के 195872 नागरिक हैं। जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु के 535383 युवा हैं। वहीं 450505 बच्चे और किशोर-किशोरी हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पांच माह में महज 251153 नागरिकों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया है। जिनमें से स्वास्थ्य कर्मियों को 9103, फ्रंट लाइन वर्कर को 6089, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को 93654, 45 से अधिक आयु वालों को 73739 और 18 से अधिक आयु वालों को 68568 डोज लगाई गई है। वही बच्चों की वैक्सीन अब तक आई नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का वैक्सीन अभियान भी अधिक सक्रिय नहीं रहा।
वर्जन::
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई थी, जिसमें निजी बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को निशुल्क में कोरोना संक्रमित बच्चों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में ड्यूटी देने पर सहमति की थी। निजी बाल रोग अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने के बारे में अब तक स्वास्थ्य विभाग से कोई सूचना नहीं आई है। अगर कोई सूचना आती है कि निजी बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ बातचीत कर निर्णय लिया जाएगा।

- डॉ. एनके गर्ग, प्रेसिडेंट, इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, भिवानी।
वर्जन:
जिले में कोरोना संक्रमण की तीसरी लेकर को लेकर स्टाफ नर्स और मेडिकल ऑफिसर को ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही निजी बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी सहयोग मांगा था, जिन्होंने पॉजिटिव फीडबैक दिया है। जिले में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिसमें जिला सामान्य अस्पताल में अलग से नीकू आईसीयू बनाया गया है। साथ ही बाइपेप मशीन और नीकू वेंटिलेटर भी सेट करवा दिए हैं। जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट बन कर तैयार हो जाएगा।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed