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महंगाई के विरोध में सड़क पर उतरे कांग्रेसी
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महंगाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
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एससी, एसटी एक्ट में बदलाव, महंगाई को लेकर कांग्रेसी रविवार को सड़क पर उतरे। पहले लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया मगर यहां 35 से 40 मिनट तक रोष जताने के बावजूद भी कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। जिसके बाद सभी कांग्रेसी जुलूस के रूप में रोष जताते हुए डीसी आवास पर पहुंचे। यहां भी कोई नहीं आया तो डीसी आवास के बाहर ही धरने पर बैठ गए। यहां भी करीब एक घंटे तक कोई नहीं पहुंचा। बाद में डीआरओ प्रमोद चहल वहां पहुंचे। कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।
रविवार सुबह करीब 10 बजे कांग्रेसी कार्यकर्ता पूर्व निर्धारित विरोध प्रदर्शन के तहत लघु सचिवालय के बाहर पार्क में एकत्रित हुए। अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के सरकारी नौकरियों की नियुक्तियों व पदोन्नति में सरकार द्वारा छेड़छाड़, महंगाई में निरंतर वृद्धि के खिलाफ रोष जताया। कांग्रेसियों का नेतृत्व पूर्व विधायक सोमबीर सिंह ने किया। पार्क में रोष जताने के बाद सभी लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे। मगर यहां ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। करीब 35-40 मिनट कोई नहीं पहुंचा तो कांग्रेसियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी नाराजगी जताई। इसके बाद सभी जुलूस के रूप में उपायुक्त आवास पहुंचे। जहां बताया गया कि उपायुक्त बाहर गए हैं। जिसके बाद सभी कांग्रेसी उपायुक्त आवास के गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक यहां रोष जताया। जिसके बाद डीआरओ प्रमोद चहल वहां पहुंचे और कांग्रेसियों ने उन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
बैनर में हुड्डा का फोटो नहीं, कांग्रेसियों में हुई कहासुनी : पार्क में जब कांग्रेसी एकत्रित हुए तो कुछ कांग्रेसी हाथों में बैनर लिये हुए थे। जिन पर कांग्रेसी नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, किरण चौधरी, श्रुति चौधरी के फोटो थे। बैनर में पूर्व मुख्यमंत्री और सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का फोटो नहीं था। इस पर कांग्रेसियों के एक पक्ष ने नाराजगी जताई। मामूली कहासुनी भी हुई। कुछ कांग्रेसी नेता प्रदर्शन से अलग होकर जाने लगे और कहने लगे कि इस प्रदर्शन से उनका कोई लेनादेना नहीं है। बाद में पूर्व विधायक सोमबीर सिंह ने उन्हें रोका और सभी को समझाया। बाद में निर्णय लिया गया कि बिना बैनर के प्रदर्शन किया जाएगा। इस बारे में कांग्रेसी नेता प्रदीप गुलिया से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि बैनर में सभी नेताओं के फोटो ठीक हैैं। मगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पूर्व मुख्यमंत्री और सीएलपी लीडर है। उनका फोटो भी बैनर में होना चाहिए था। फोटो न होने के कारण ही उन्हें नाराजगी थी। मगर बाद में सभी निर्णय लिया कि बिना बैनर के प्रदर्शन किया जाएगा और सभी एक साथ होकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर आए है।
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आरक्षण संविधान के अनुच्छेद के अनुसार मौलिक अधिकार : सोमबीर सिंह
सोमबीर सिंह ने कहा कि एससीए बीसी और आदिवासियों का नौकरियों में आरक्षण का हक कोई नहीं छीन सकता। यह संविधान के अनुच्छेद 15 (4), 16(4) के अनुसार मौलिक अधिकार है। इन वर्गों का उत्पीड़न वर्तमान सरकार का डीएनए बन गया है। वर्तमान सरकार ने एससी-एसटी, ओबीसी और आदिवासियों के अधिकारों को छीनने के लिए अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। इसी बात को लेकर कोर्ट ने भी आरक्षण पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नए-नए फैसले कर देश में अशांति फैलाने का काम कर रही है। ऐसा करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता का ध्यान महंगाई व बढ़ती बेरोजगारी से हटाना है। पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी ने सरकार को पूरी तरह से दलित विरोधी बताते हुए कहा कि अपने हितों के लिए दलितों को आए दिन सड़कों पर उतरना पड़ रह है। इस मौके पर संदीप सिंह, अमर सिंह हालुवासिया, ठाकुर लाल सिंह, कृष्ण लेघां, शीशराम मेचू, प्रदीप गुलिया, हरी सिंह सांगवान, अभिजीत लाल सिंह, अजय वैद, अशोक ढोला, धीरज सिंह, धीरज अखरिया, शीशराम, राकेश शर्मा, दीपेश सारसर, शक्ति सिंह गाढ़ा, एडवोकेट दरियाव सिंह, प्रदीप मंढोली, गौरव तंवर, प्रदीप रोहिला, अत्तर सिंह नंबरदार, डॉ. सुनील, रमेश ढिकाव, मोहित परमार, अनिल कासनी आदि मौजूद रहे।
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रविवार सुबह करीब 10 बजे कांग्रेसी कार्यकर्ता पूर्व निर्धारित विरोध प्रदर्शन के तहत लघु सचिवालय के बाहर पार्क में एकत्रित हुए। अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के सरकारी नौकरियों की नियुक्तियों व पदोन्नति में सरकार द्वारा छेड़छाड़, महंगाई में निरंतर वृद्धि के खिलाफ रोष जताया। कांग्रेसियों का नेतृत्व पूर्व विधायक सोमबीर सिंह ने किया। पार्क में रोष जताने के बाद सभी लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे। मगर यहां ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। करीब 35-40 मिनट कोई नहीं पहुंचा तो कांग्रेसियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी नाराजगी जताई। इसके बाद सभी जुलूस के रूप में उपायुक्त आवास पहुंचे। जहां बताया गया कि उपायुक्त बाहर गए हैं। जिसके बाद सभी कांग्रेसी उपायुक्त आवास के गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक यहां रोष जताया। जिसके बाद डीआरओ प्रमोद चहल वहां पहुंचे और कांग्रेसियों ने उन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
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बैनर में हुड्डा का फोटो नहीं, कांग्रेसियों में हुई कहासुनी : पार्क में जब कांग्रेसी एकत्रित हुए तो कुछ कांग्रेसी हाथों में बैनर लिये हुए थे। जिन पर कांग्रेसी नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, किरण चौधरी, श्रुति चौधरी के फोटो थे। बैनर में पूर्व मुख्यमंत्री और सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का फोटो नहीं था। इस पर कांग्रेसियों के एक पक्ष ने नाराजगी जताई। मामूली कहासुनी भी हुई। कुछ कांग्रेसी नेता प्रदर्शन से अलग होकर जाने लगे और कहने लगे कि इस प्रदर्शन से उनका कोई लेनादेना नहीं है। बाद में पूर्व विधायक सोमबीर सिंह ने उन्हें रोका और सभी को समझाया। बाद में निर्णय लिया गया कि बिना बैनर के प्रदर्शन किया जाएगा। इस बारे में कांग्रेसी नेता प्रदीप गुलिया से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि बैनर में सभी नेताओं के फोटो ठीक हैैं। मगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पूर्व मुख्यमंत्री और सीएलपी लीडर है। उनका फोटो भी बैनर में होना चाहिए था। फोटो न होने के कारण ही उन्हें नाराजगी थी। मगर बाद में सभी निर्णय लिया कि बिना बैनर के प्रदर्शन किया जाएगा और सभी एक साथ होकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर आए है।
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आरक्षण संविधान के अनुच्छेद के अनुसार मौलिक अधिकार : सोमबीर सिंह
सोमबीर सिंह ने कहा कि एससीए बीसी और आदिवासियों का नौकरियों में आरक्षण का हक कोई नहीं छीन सकता। यह संविधान के अनुच्छेद 15 (4), 16(4) के अनुसार मौलिक अधिकार है। इन वर्गों का उत्पीड़न वर्तमान सरकार का डीएनए बन गया है। वर्तमान सरकार ने एससी-एसटी, ओबीसी और आदिवासियों के अधिकारों को छीनने के लिए अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। इसी बात को लेकर कोर्ट ने भी आरक्षण पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नए-नए फैसले कर देश में अशांति फैलाने का काम कर रही है। ऐसा करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता का ध्यान महंगाई व बढ़ती बेरोजगारी से हटाना है। पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी ने सरकार को पूरी तरह से दलित विरोधी बताते हुए कहा कि अपने हितों के लिए दलितों को आए दिन सड़कों पर उतरना पड़ रह है। इस मौके पर संदीप सिंह, अमर सिंह हालुवासिया, ठाकुर लाल सिंह, कृष्ण लेघां, शीशराम मेचू, प्रदीप गुलिया, हरी सिंह सांगवान, अभिजीत लाल सिंह, अजय वैद, अशोक ढोला, धीरज सिंह, धीरज अखरिया, शीशराम, राकेश शर्मा, दीपेश सारसर, शक्ति सिंह गाढ़ा, एडवोकेट दरियाव सिंह, प्रदीप मंढोली, गौरव तंवर, प्रदीप रोहिला, अत्तर सिंह नंबरदार, डॉ. सुनील, रमेश ढिकाव, मोहित परमार, अनिल कासनी आदि मौजूद रहे।