{"_id":"6a29b0dfe7bc35994f04bb24","slug":"complaint-filed-with-the-police-against-defamation-of-womens-character-and-indecent-remarks-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-152341-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: महिलाओं के चरित्र हनन और अभद्र टिप्पणी के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: महिलाओं के चरित्र हनन और अभद्र टिप्पणी के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत
Thu, 11 Jun 2026 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:15 AM IST
विज्ञापन
भिवानी। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पंजाबी समाज की प्रतिनिधि प्रिया असीजा ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति की गई कथित आपत्तिजनक, अभद्र एवं चरित्र हनन करने वाली पोस्ट के खिलाफ थाना सिविल लाइन, भिवानी में लिखित शिकायत देकर संबंधित महिला के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रिया असीजा ने कहा कि सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट में महिलाओं के लिए अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया है। किसी भी महिला की गरिमा, सम्मान और चरित्र पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करना न केवल नैतिक रूप से गलत है बल्कि कानूनन भी दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियां समाज में महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती हैं। सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का मंच है लेकिन इसका उपयोग किसी महिला या किसी वर्ग विशेष का अपमान करने, उनकी छवि खराब करने अथवा चरित्र हनन करने के लिए नहीं किया जा सकता।
प्रिया असीजा ने कहा कि यदि इस प्रकार की भाषा और मानसिकता को समय रहते नहीं रोका गया तो इससे समाज में वैमनस्य और असुरक्षा का माहौल पैदा होगा। उन्होंने संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रिया असीजा ने कहा कि सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट में महिलाओं के लिए अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया है। किसी भी महिला की गरिमा, सम्मान और चरित्र पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करना न केवल नैतिक रूप से गलत है बल्कि कानूनन भी दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियां समाज में महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती हैं। सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का मंच है लेकिन इसका उपयोग किसी महिला या किसी वर्ग विशेष का अपमान करने, उनकी छवि खराब करने अथवा चरित्र हनन करने के लिए नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
प्रिया असीजा ने कहा कि यदि इस प्रकार की भाषा और मानसिकता को समय रहते नहीं रोका गया तो इससे समाज में वैमनस्य और असुरक्षा का माहौल पैदा होगा। उन्होंने संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन