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Bhiwani News: बच्चों की पढ़ाई ने बढ़ाई माताओं की टेंशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Mar 2023 10:44 PM IST
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Children's education increased the tension of mothers
 डॉ. नंदिनी लांबा।
भिवानी। मैम, सुबह जल्द उठकर बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करती हूं और फिर अपने पति के ऑफिस का टिफिन पैक करती हूं। इसके बाद पूरा दिन घर का काम ही बन पाता है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर कई बार तनाव हो जाता है। ऐसा कहना है नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के पास काउंसलिंग करवाने आई महिलाओं का।
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ये सिर्फ एक महिला की बात नहीं है, बल्कि इन समस्याओं से जूझ रही चार से पांच महिलाएं हर सप्ताह अस्पताल में आ रही हैं, जोकि मानसिक तनाव की शिकार है। इन महिलाओं की काउंसिलिंग की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दवा का परामर्श भी दे रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में कमरा नंबर 17 को मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नंदिनी लांबा सेवाएं दे रही हैं।
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रिपोर्ट की अनुसार अधिकतर महिलाओं में तनाव का मुख्य कारण गृहस्थी भी आया है। काउंसिलिंग के लिए आ रही 10 में से चार महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई और उनके खाने-पीने से संबंधित तनाव है। इसके अलावा तीन से चार ऐसी है जिनकी परिवार के किसी सदस्य के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो रही है। एक से दो महिलाएं ऐसी हैं जोकि अपनी नौकरी और परिवार के कार्य को संतुलित नहीं कर पा रही है। ऐसे में महिलाएं मानसिक तनाव का शिकार हो रही है, जिसमें अधिकतर को नींद न आना, भूख न लगना, बीपी हो जाना या फिर बार-बार सिर दर्द, अधिक गुस्सा होना या फिर चिड़चिड़ा स्वभाव जैसी दिक्कतें आ रही है। इन मामलों में मनोरोग विशेषज्ञ काउंसिलिंग के दौरान तनावमुक्त रहने के अथक प्रयास करते हैं।
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पति-पत्नी में बार-बार हो रही अनबन
काउंसिलिंग के दौरान सामने आया है कि कई महिलाओं की शादी को महज चार से छह माह ही हुई है और उनकी पति के साथ अनबन शुरू हो गई। इनके अलावा सास या फिर परिवार के किसी अन्य के साथ रिश्तों में खटास आ गई है। पति-पत्नी के साथ अनबन के मुख्य कारण सामने आए हैं, जिसमें फोन का अधिक प्रयोग, काम न करना, काम पर अधिक समय रहना और परिवार को समय न देना, पत्नी-पति के विचार मिलना, कपड़ों को लेकर या फिर अफेयर भी शामिल है।

ऐसे बेहतर रखें अपने विचार
- सही दिनचर्या अपनाएं।
- पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- रोजाना नियमित शारीरिक व्यायाम करें।
- अपने शोक को जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
- खुलकर हंसे, मुस्कुराएं और अपनी बातों को शेयर करें।
- अपनी क्षमता के हिसाब से कैरिअर और रिश्तों का चुनाव करें।
- अनबन होने पर शांति से बैठकर बातचीत करें।
विशेषज्ञ सलाह
इन दिनों पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी मानसिक तनाव का शिकार हो रही है। गृहस्थी के अपनी नौकरी को संभालना अपने आप में एक चुनौती है। महिलाओं को अपने बच्चों, पति के साथ परिवार के अन्य सदस्यों की केयर करने की चिंता रहती है। ऐसे में कभी-कभी परिवार में हुई अनबन उन्हें अंदर से तनाव देने का काम करता है और वे बीमार हो रही है। ऐसे में महिलाएं तनाव न लें और अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें। कोई भी चिंता होती है तो परिवार में किसी भी सदस्य से शेयर जरूर करें ताकि मन हल्का हो जाएं। इसके साथ ही योग को अपने दिनचर्या में शामिल करें और घर के साथ कैरिअर पर फोकस रखें।
- डॉ. नंदिनी लांबा, मनोरोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।
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