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गुलाबी ठंड की चपेट में बच्चे, रोजाना ओपीडी में निमोनिया के पहुंच रहे 20 मरीज
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नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी भीड़। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। गुलाबी ठंड के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिसकी वजह से सबसे अधिक बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। इन दिनों नागरिक अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आने वाले बच्चों को औसतन रोजाना 20 ऐसे बच्चे आ रहे हैं, जोकि निमोनिया से ग्रस्त है। इनमें से पांच से छह बच्चों के हालात नाजुक होने के कारण उन्हें अस्पताल में बने निकू वार्ड में एडमिट कर रहे हैं।
सोमवार को नागरिक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में जांच करवाने के लिए करीब 200 बच्चे पहुंचे। इनमें से करीब 100 बच्चों को खांसी, जुकाम, वायरल बुखार, बदन दर्द और निमोनिया की दिक्कत मिली। इनमें करीब 20 बच्चों को निमोनिया की दिक्कत थी। वहीं निमोनिया से ग्रस्त करीब पांच से छह बच्चों की नाजुक हालत होने पर उन्हें अस्पताल में दाखिल किया है। नागरिक अस्पताल के निकू वार्ड में फिलहाल 22 बच्चे दाखिल हैं, जोकि निमोनिया से ग्रस्त हैं।
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निमोनिया के लक्षण
- छोटे बच्चों को बुखार के साथ पसीना व कंपकंपी होने लगती है।
- जब बच्चों को बहुत ज्यादा खांसी हो रही हो।
- वह अस्वस्थ दिख रहा हो।
- उसे भूख ना लग रही हो।
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घर के अंदर रखें साफ सफाई
निमोनिया किसी भी मौसम में हो सकता है, लेकिन सर्दी के मौसम में इसकी आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। बच्चों को उतने ही कपड़े पहनाएं, जिससे उसका शरीर गर्म रहे। अगर एंटी-बायोटिक दी जाती हैं तो पूरा कोर्स करें, नहीं तो बीमारी वापस आ सकती है। घर के अंदर या आसपास के प्रदूषण को कम करके और साफ-सफाई का पूरा खयाल रखें।
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सर्दी के मौसम में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। पांच साल तक बच्चे में निमोनिया का खतरा बना रहता है। पांच साल की आयु तक उनका विशेष ध्यान रखें। खांसी, जुकाम, बुखार होने पर नजदीकी चिकित्सक से जांच अवश्य करवाएं। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और सुबह-शाम घर से बाहर न निकलने दें। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना निमोनिया से ग्रस्त बच्चे आ रहे है।
- डॉ. रिटा सोसिदिया, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।
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सोमवार को नागरिक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में जांच करवाने के लिए करीब 200 बच्चे पहुंचे। इनमें से करीब 100 बच्चों को खांसी, जुकाम, वायरल बुखार, बदन दर्द और निमोनिया की दिक्कत मिली। इनमें करीब 20 बच्चों को निमोनिया की दिक्कत थी। वहीं निमोनिया से ग्रस्त करीब पांच से छह बच्चों की नाजुक हालत होने पर उन्हें अस्पताल में दाखिल किया है। नागरिक अस्पताल के निकू वार्ड में फिलहाल 22 बच्चे दाखिल हैं, जोकि निमोनिया से ग्रस्त हैं।
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निमोनिया के लक्षण
- छोटे बच्चों को बुखार के साथ पसीना व कंपकंपी होने लगती है।
- जब बच्चों को बहुत ज्यादा खांसी हो रही हो।
- वह अस्वस्थ दिख रहा हो।
- उसे भूख ना लग रही हो।
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घर के अंदर रखें साफ सफाई
निमोनिया किसी भी मौसम में हो सकता है, लेकिन सर्दी के मौसम में इसकी आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। बच्चों को उतने ही कपड़े पहनाएं, जिससे उसका शरीर गर्म रहे। अगर एंटी-बायोटिक दी जाती हैं तो पूरा कोर्स करें, नहीं तो बीमारी वापस आ सकती है। घर के अंदर या आसपास के प्रदूषण को कम करके और साफ-सफाई का पूरा खयाल रखें।
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सर्दी के मौसम में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। पांच साल तक बच्चे में निमोनिया का खतरा बना रहता है। पांच साल की आयु तक उनका विशेष ध्यान रखें। खांसी, जुकाम, बुखार होने पर नजदीकी चिकित्सक से जांच अवश्य करवाएं। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और सुबह-शाम घर से बाहर न निकलने दें। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना निमोनिया से ग्रस्त बच्चे आ रहे है।
- डॉ. रिटा सोसिदिया, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।