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Bhiwani News: सीढ़ियों पर चढ़ रहीं सांसें, अस्पताल की लिफ्टें खामोश
Fri, 25 Jul 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:16 PM IST
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नागरिक अस्पताल में बंद पड़ी लिफ्ट।
भिवानी। शहर के जिला नागरिक अस्पताल में चार मंजिला वार्ड भवन तक पहुंचने के लिए लगाई गई लिफ्टें बीते छह माह से खामोश पड़ी हैं। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को हर रोज सीढ़ियों की लंबी चढ़ाई चढ़नी पड़ रही है। लिफ्टों के लगातार बंद रहने से खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों के परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सहूलियत के लिए चार लिफ्टें लगवाई थीं लेकिन इनमें से दो को तो आरंभ में ही अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जो दो लिफ्टें चालू थीं, वे भी बीते छह माह से खराब पड़ी हैं। अब स्थिति यह है कि तीसरी और चौथी मंजिल पर बने वार्डों तक पहुंचने के लिए तीमारदारों को पसीना बहाना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती एक मरीज से मिलने पहुंचे राजेश व संतोष देवी ने बताया कि तीसरी मंजिल तक पहुंचते-पहुंचते सांस फूलने लगती है। उन्होंने कहा कि चार लिफ्टें लगाई गई हैं लेकिन चल एक भी नहीं रही, यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। बुजुर्गों के लिए तो यह चढ़ाई किसी परीक्षा से कम नहीं।
गौरतलब है कि राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने कुछ समय पहले अस्पताल की लिफ्टों की मरम्मत के लिए लगभग 79 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया। यह प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही की बानगी है।
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इन वार्डों तक पहुंचना हो रहा मुश्किल
जिला नागरिक अस्पताल में कुल दस वार्ड बनाए गए हैं। इनमें पहली मंजिल से आठवें वार्ड तक हड्डी रोग, शल्य चिकित्सा व सामान्य रोग विशेषज्ञों के वार्ड शामिल हैं, जबकि नौवां और दसवां वार्ड स्पेशल कैटेगरी में आते हैं। ये सभी वार्ड ऊपरी मंजिलों पर स्थित हैं, जिन तक पहुंचने के लिए तीमारदारों को सीढ़ियां ही एकमात्र सहारा हैं।
अस्पताल परिसर में लगी लिफ्टें काफी पुरानी हो चुकी हैं। उनकी मरम्मत के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
- डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी
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अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सहूलियत के लिए चार लिफ्टें लगवाई थीं लेकिन इनमें से दो को तो आरंभ में ही अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जो दो लिफ्टें चालू थीं, वे भी बीते छह माह से खराब पड़ी हैं। अब स्थिति यह है कि तीसरी और चौथी मंजिल पर बने वार्डों तक पहुंचने के लिए तीमारदारों को पसीना बहाना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती एक मरीज से मिलने पहुंचे राजेश व संतोष देवी ने बताया कि तीसरी मंजिल तक पहुंचते-पहुंचते सांस फूलने लगती है। उन्होंने कहा कि चार लिफ्टें लगाई गई हैं लेकिन चल एक भी नहीं रही, यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। बुजुर्गों के लिए तो यह चढ़ाई किसी परीक्षा से कम नहीं।
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गौरतलब है कि राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने कुछ समय पहले अस्पताल की लिफ्टों की मरम्मत के लिए लगभग 79 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया। यह प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही की बानगी है।
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इन वार्डों तक पहुंचना हो रहा मुश्किल
जिला नागरिक अस्पताल में कुल दस वार्ड बनाए गए हैं। इनमें पहली मंजिल से आठवें वार्ड तक हड्डी रोग, शल्य चिकित्सा व सामान्य रोग विशेषज्ञों के वार्ड शामिल हैं, जबकि नौवां और दसवां वार्ड स्पेशल कैटेगरी में आते हैं। ये सभी वार्ड ऊपरी मंजिलों पर स्थित हैं, जिन तक पहुंचने के लिए तीमारदारों को सीढ़ियां ही एकमात्र सहारा हैं।
अस्पताल परिसर में लगी लिफ्टें काफी पुरानी हो चुकी हैं। उनकी मरम्मत के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
- डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी