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Bhiwani News: कार्यकर्ताओं से चुनावी समीकरणों पर चर्चा में बीता भाजपा प्रत्याशी चौ. धर्मबीर सिंह का दिन
Mon, 27 May 2024 04:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 27 May 2024 04:57 AM IST
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भिवानी में अपने निवास स्थान पर कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते सांसद चौ. धर्मबीर सिंह।
भिवानी। लोकसभा चुनाव में मतदान होने से पहले करीब डेढ़ माह तक अल सुबह उठना और देर रात तक चुनाव प्रचार में तूफानी दौरों में मशगूल रहना, ये सब आम तौर पर थका देने वाला होता है। लेकिन भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी चौ. धर्मबीर सिंह के चेहरे और उनके हावभाव को देखकर जरा भी नहीं लग रहा कि उन्हें कोई थकान है। मतदान के अगले ही दिन रविवार को विद्या नगर स्थित आवास पर चौ. धर्मबीर सिंह का दिन कार्यकर्ताओं के बीच बीता।
उनके आवास पर अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं का दिनभर तांता लगा रहा। जिनसे चौ. धर्मबीर सिंह विधानसभा और बूथ वार मतदान का रुझान जानने को लेकर चर्चा करते रहे। मतदान के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावी समीकरण पर भी मंथन किया और अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखे। चौ. धर्मबीर सिंह ने पिछले साल के मुकाबले इस बार भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में कम मतदान पर कहा कि अत्यधिक गर्मी की वजह से लोग वोट डालने नहीं निकले, इसकी ओर कोई दूसरी वजह नहीं है। चौ. धर्मबीर सिंह से जब पूछा कि अहीरवाल क्षेत्र में क्या स्थिति है तो उन्होंने कहा कि वहां की चारों विधानसभा में वे जीत दर्ज कर रहे हैं।
तोशाम और बाढ़डा भी रहा है चौ. धर्मबीर सिंह का गढ़
लोकसभा चुनाव में भाजपा से प्रत्याशी चौ. धर्मबीर दो बार सांसद रहने के अलावा तोशाम और बाढ़डा से भी विधायक रह चुके हैं। बाढ़डा से 2005 में विधायक बने और तोशाम में 1987 और 2000 में विधायक रहे। ऐसे में चौ. धर्मबीर सिंह इस बात से भी आश्वस्त हैं कि उन्हें बाढ़डा और तोशाम से भी अच्छी लीड मिल रही है। हालांकि तोशाम में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के बाद अब किरण चौधरी का वर्चस्व अधिक है। भिवानी और लोहारू विधानसभा क्षेत्रों में भी वोटों के समीकरण को लेकर कार्यकर्ताओं से दिनभर धर्मबीर ने अपने आवास पर चर्चा की।
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भाजपा जीत की हैट्रिक बनाएगी या फिर कांग्रेस इस बार खोलेगी खाता
लोकसभा चुनाव में इस बार मतदान 65 फीसदी तक ही पहुंच पाना राजनीतिक के चाणक्यों की भी चिंता बढ़ा रही है, क्योंकि इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर मतदान कम होने का फायदा किसको मिलेगा और किसे इसका नुकसान होगा। वहीं वर्तमान में चौ. धर्मबीर सिंह दो बार भाजपा का कमल भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में खिला चुके हैं, जबकि तीसरी बार भी वे जीत की हैट्रिक बनाएंगे या फिर कांग्रेस इस बार अपना खाता खोल देगी। क्योंकि 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट पर चौधरी बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा से विजयी रही थी। श्रुति चौधरी ने इनेलो के अजय सिंह चौटाला को दो लाख 47 हजार 240 मतों से हराया था।
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उनके आवास पर अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं का दिनभर तांता लगा रहा। जिनसे चौ. धर्मबीर सिंह विधानसभा और बूथ वार मतदान का रुझान जानने को लेकर चर्चा करते रहे। मतदान के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावी समीकरण पर भी मंथन किया और अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखे। चौ. धर्मबीर सिंह ने पिछले साल के मुकाबले इस बार भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में कम मतदान पर कहा कि अत्यधिक गर्मी की वजह से लोग वोट डालने नहीं निकले, इसकी ओर कोई दूसरी वजह नहीं है। चौ. धर्मबीर सिंह से जब पूछा कि अहीरवाल क्षेत्र में क्या स्थिति है तो उन्होंने कहा कि वहां की चारों विधानसभा में वे जीत दर्ज कर रहे हैं।
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तोशाम और बाढ़डा भी रहा है चौ. धर्मबीर सिंह का गढ़
लोकसभा चुनाव में भाजपा से प्रत्याशी चौ. धर्मबीर दो बार सांसद रहने के अलावा तोशाम और बाढ़डा से भी विधायक रह चुके हैं। बाढ़डा से 2005 में विधायक बने और तोशाम में 1987 और 2000 में विधायक रहे। ऐसे में चौ. धर्मबीर सिंह इस बात से भी आश्वस्त हैं कि उन्हें बाढ़डा और तोशाम से भी अच्छी लीड मिल रही है। हालांकि तोशाम में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के बाद अब किरण चौधरी का वर्चस्व अधिक है। भिवानी और लोहारू विधानसभा क्षेत्रों में भी वोटों के समीकरण को लेकर कार्यकर्ताओं से दिनभर धर्मबीर ने अपने आवास पर चर्चा की।
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भाजपा जीत की हैट्रिक बनाएगी या फिर कांग्रेस इस बार खोलेगी खाता
लोकसभा चुनाव में इस बार मतदान 65 फीसदी तक ही पहुंच पाना राजनीतिक के चाणक्यों की भी चिंता बढ़ा रही है, क्योंकि इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर मतदान कम होने का फायदा किसको मिलेगा और किसे इसका नुकसान होगा। वहीं वर्तमान में चौ. धर्मबीर सिंह दो बार भाजपा का कमल भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में खिला चुके हैं, जबकि तीसरी बार भी वे जीत की हैट्रिक बनाएंगे या फिर कांग्रेस इस बार अपना खाता खोल देगी। क्योंकि 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट पर चौधरी बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा से विजयी रही थी। श्रुति चौधरी ने इनेलो के अजय सिंह चौटाला को दो लाख 47 हजार 240 मतों से हराया था।