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शराब ठेके के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:23 AM IST
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ठेका
- फोटो : अमर उजाला
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गांव तालू में बने शराब ठेके के खिलाफ गांव की महिलाओं ने मोर्चा खोला है। महिलाओं ने लघु सचिवालय में नारे लगाकर ठेका हटवाने की मांग की। डीसी कार्यालय में मांग पत्र भी सौंपा। महिलाओं ने कहा कि शराब ठेके से युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा है वहीं शराब के नशे में लोग अश्लील हरकत करते है।
सोमवार सुबह तालू गांव की महिलाएं और ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे। शराब ठेके से खफा महिलाओं ने लघु सचिवालय में पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी। उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए शराब की सभी दुकानों को गांव से बाहर करवाने की मांग की।
सरपंच अमीर ने बताया कि शराब पीने के बाद लोग अपना होश खो बैठते है। शरीर से सारे कपड़े उतार कर बहू-बेटियों के साथ अभद्र व्यवहार करते है। इतना ही नहीं घरों, मंदिर, चौपाल में कोई व्यक्ति मौजूद न होने पर हुक्का, नगदी, कीमती सामानों को चुरा ले जाते है। खेतों से ट्यूबवेल, परचून की दुकानों से जबरदस्ती सामान उठा ले जाते है। अपने घर में शराब पीने के लिए औरतों के साथ मारपीट करना, नकदी, कपड़ों, आभूषणों की छीना झपटी कर दुकानदारों के पास गिरवी रख कर नशा करने पर उतारू है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही शराब की दुकानों को गांव से बाहर या बंद नहीं करवाया गया तो किसी भी अनहोनी के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने उपायुक्त से शिकायत का समाधान करने की गुहार लगाई। इस अवसर पर विजेंद्र पंच, पप्पू, प्रदीप, रामफल, अजीत, पवन, सुरेश, कृष्णा, संतरा, भतेरी, पुष्पा, रतीदेवी, रीना, दर्शना, कमला, कैलाशो, संतोष, मायावती, सुदेश, बाला, राजपती, चंद्रो, धनपती आदि मौजूद रहे।
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सोमवार सुबह तालू गांव की महिलाएं और ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे। शराब ठेके से खफा महिलाओं ने लघु सचिवालय में पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी। उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए शराब की सभी दुकानों को गांव से बाहर करवाने की मांग की।
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सरपंच अमीर ने बताया कि शराब पीने के बाद लोग अपना होश खो बैठते है। शरीर से सारे कपड़े उतार कर बहू-बेटियों के साथ अभद्र व्यवहार करते है। इतना ही नहीं घरों, मंदिर, चौपाल में कोई व्यक्ति मौजूद न होने पर हुक्का, नगदी, कीमती सामानों को चुरा ले जाते है। खेतों से ट्यूबवेल, परचून की दुकानों से जबरदस्ती सामान उठा ले जाते है। अपने घर में शराब पीने के लिए औरतों के साथ मारपीट करना, नकदी, कपड़ों, आभूषणों की छीना झपटी कर दुकानदारों के पास गिरवी रख कर नशा करने पर उतारू है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही शराब की दुकानों को गांव से बाहर या बंद नहीं करवाया गया तो किसी भी अनहोनी के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने उपायुक्त से शिकायत का समाधान करने की गुहार लगाई। इस अवसर पर विजेंद्र पंच, पप्पू, प्रदीप, रामफल, अजीत, पवन, सुरेश, कृष्णा, संतरा, भतेरी, पुष्पा, रतीदेवी, रीना, दर्शना, कमला, कैलाशो, संतोष, मायावती, सुदेश, बाला, राजपती, चंद्रो, धनपती आदि मौजूद रहे।
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