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नप चुनाव में फंस सकता है नोटबंदी का पेंच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:04 AM IST
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चुनाव
- फोटो : demo pic
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भिवानी में पिछले 11 महीने से नगर परिषद चुनाव के लिए हो रहा इंतजार अब कुछ और लंबा हो सकता है। नगर परिषद चुनाव की तारीख की घोषणा इस बात से काफी इत्तफाक रखती है कि नोटबंदी से उपजे हालात कितनी जल्दी सामान्य होते हैं। इन परिस्थितियों में चुनाव अगले साल होने के चांस ज्यादा नजर आ रहे हैं।
यूं तो जिला प्रशासन और नगर परिषद ने चुनाव की तैयारियों को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। मतदाता सूची को लेकर अंतिम सुनवाई से लेकर अन्य औपचारिकता इस सप्ताह पैक हो जाएंगे। स्थानीय निकाय विभाग की संस्तुति के बाद चुनाव आयोग को चुनाव की तारीख की घोषणा करनी है।
प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि दस नवंबर के बाद किसी भी दिन चुनाव की तारीख का ऐलान हो जाना था। लेकिन, आठ नवंबर यानी नोटबंदी के बाद चीजें बदल गईं। एक तर्क यह भी दिया जा रहा है कि 30 दिसंबर तक स्थिति सामान्य होंगी, तभी चुनाव कराना ठीक रहेगा।
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चुनाव पर नोटबंदी का साया
- पूरी पुलिस फोर्स का फोकस इस वक्त नोटबंदी के बाद की स्थितियों को मैनेज करने पर है। 30 दिसंबर तक पुलिस इस काम में व्यस्त रहेगी। इसलिए, चुनाव अगले साल जनवरी में होने के चांस ज्यादा हैं।
नप चुनाव पर अगले हफ्ते बैठक करेगी भाजपा
भिवानी नगर परिषद चुनाव में भाजपाई पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ें या नहीं, इस बारे में भाजपा की जिला इकाई अगले सप्ताह मंत्रणा करेगी। जिला अध्यक्ष नंदराम धानिया ने बताया कि नगर परिषद चुनाव को लेकर जिला भाजपा अगले सप्ताह बैठक कर अपना रुख व राय तय करेगी। जो राय जिला भाजपा की बनेगी, उसे आलाकमान को प्रेषित किया जाएगा। इस बारे में आलाकमान जो निर्णय लेगा, उसी आधार पर चुनाव में उतरा जाएगा।
सालभर से लगातार टल रहे हैं चुनाव
निवर्तमान नगर परिषद के सदन का कार्यकाल इस साल पांच जनवरी को खत्म हुआ था। यानि, चुनाव पिछले साल दिसंबर महीने में संपन्न हो जाने चाहिए थे। लेकिन, वार्डबंदी के चलते चुनाव लटक गए। वार्डबंदी का पहला सर्वे प्रशासन ने रिजेक्ट कर दिया। लंबे इंतजार के बाद जुलाई महीने में दूसरा सर्वे आया तो आपत्ति-एतराज में उलझ गया। फिर वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों ने उलझाए रखा। इन गड़बड़ियों से पार पाने में सितंबर व अक्तूबर निकल गए।
आपत्तियों पर अंतिम सुनवाई हो चुकी है, थोड़ा-बहुत काम बाकी है, उसे इस सप्ताह पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी जाएगी। चुनाव कब होगा, इस बारे में अंतिम घोषणा चुनाव आयोग करेगा।
मनिंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
यूं तो जिला प्रशासन और नगर परिषद ने चुनाव की तैयारियों को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। मतदाता सूची को लेकर अंतिम सुनवाई से लेकर अन्य औपचारिकता इस सप्ताह पैक हो जाएंगे। स्थानीय निकाय विभाग की संस्तुति के बाद चुनाव आयोग को चुनाव की तारीख की घोषणा करनी है।
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प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि दस नवंबर के बाद किसी भी दिन चुनाव की तारीख का ऐलान हो जाना था। लेकिन, आठ नवंबर यानी नोटबंदी के बाद चीजें बदल गईं। एक तर्क यह भी दिया जा रहा है कि 30 दिसंबर तक स्थिति सामान्य होंगी, तभी चुनाव कराना ठीक रहेगा।
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चुनाव पर नोटबंदी का साया
- पूरी पुलिस फोर्स का फोकस इस वक्त नोटबंदी के बाद की स्थितियों को मैनेज करने पर है। 30 दिसंबर तक पुलिस इस काम में व्यस्त रहेगी। इसलिए, चुनाव अगले साल जनवरी में होने के चांस ज्यादा हैं।
नप चुनाव पर अगले हफ्ते बैठक करेगी भाजपा
भिवानी नगर परिषद चुनाव में भाजपाई पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ें या नहीं, इस बारे में भाजपा की जिला इकाई अगले सप्ताह मंत्रणा करेगी। जिला अध्यक्ष नंदराम धानिया ने बताया कि नगर परिषद चुनाव को लेकर जिला भाजपा अगले सप्ताह बैठक कर अपना रुख व राय तय करेगी। जो राय जिला भाजपा की बनेगी, उसे आलाकमान को प्रेषित किया जाएगा। इस बारे में आलाकमान जो निर्णय लेगा, उसी आधार पर चुनाव में उतरा जाएगा।
सालभर से लगातार टल रहे हैं चुनाव
निवर्तमान नगर परिषद के सदन का कार्यकाल इस साल पांच जनवरी को खत्म हुआ था। यानि, चुनाव पिछले साल दिसंबर महीने में संपन्न हो जाने चाहिए थे। लेकिन, वार्डबंदी के चलते चुनाव लटक गए। वार्डबंदी का पहला सर्वे प्रशासन ने रिजेक्ट कर दिया। लंबे इंतजार के बाद जुलाई महीने में दूसरा सर्वे आया तो आपत्ति-एतराज में उलझ गया। फिर वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों ने उलझाए रखा। इन गड़बड़ियों से पार पाने में सितंबर व अक्तूबर निकल गए।
आपत्तियों पर अंतिम सुनवाई हो चुकी है, थोड़ा-बहुत काम बाकी है, उसे इस सप्ताह पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी जाएगी। चुनाव कब होगा, इस बारे में अंतिम घोषणा चुनाव आयोग करेगा।
मनिंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद