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जनधन के चार लाख खातों पर बैंक व आयकर विभाग की नजर

Mon, 05 Dec 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 05 Dec 2016 01:05 AM IST
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bhiwani news, jandhan account, four lakh, bank, imcome tax department, eye
- फोटो : Getty
 दो साल तक जनधन योजना के तहत खुले चार लाख खातों में कोई लेन-देन नहीं हुआ। इन्हें एक्टिव रखने के लिए बैंक अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ रही थी। नोटबंदी के बाद अब उन्हीं खातों में खूब पैसे जमा हो रहे हैं। किसी में हजारों तो किसी में लाखों। अचानक बढ़ी इन खातों में राशि पर बैंक व आयकर विभाग की पैनी नजर है।
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वर्ष 2014 में ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए जनधन योजना शुरू की गई थी। इसके तहत अधिकतर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के खाते खोले गए थे। जिले में चार लाख खाते खोले गए, उस समय लोगों ने खाते तो खुलवा लिये मगर दो साल तक इनमें कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुई। आलय यह हो गया  कि बैंक अधिकारियों के समक्ष इन्हें एक्टिव रखने तक की समस्या आ गई। नियमानुसार दो साल प्रयोग नहीं करने पर अकाउंट बंद हो जाता है। उसे एक्टिव रखने के लिए ट्रांजेक्शन जरूरी है। लेकिन ज्यादातर धारक खाते में लेन-देन नहीं कर रहे थे। नोटबंदी के बाद इन खातों में धड़ाधड़ रूपये जमा हो रहे हैं। नवंबर माह में इन खातों में खूब रुपये जमा हुए। चूंकि पहले रुपये जमा कराने की कोई लिमिट नहीं थी तो लोगों ने लाखों जमा कराये। बाद में 50 हजार रुपये की लिमिट कर दी गई। तब भी काफी जमा कराये गए। अब इन खातों पर बैंक अधिकारियों और आयकर विभाग के अधिकारियों की पैनी नजर है। जिसमें ज्यादा राशि जमा हुई है, उनकी जांच की जा रही है।
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बिना मैनेजर की अनुमति नहीं निकल सकेंगे रुपये
जनधन खाते में जमा राशि को बिना बैंक मैनेजर की अनुमति के नहीं निकलवाया जा सकेगा। जिन्होंने केवाईसी फार्म जमा कराये है, वे 10 हजार रुपये निकाल सकते, और जिन्होंने नहीं कराया वे पांच हजार।
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यूपीआई एप से 30 बैंकों में हो सकता है लेन-देन
नोटबंदी के बाद उपजी समस्या को देखते हुए तैयार किया गया यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से किसी भी बैंक में लेन-देन किया जा सकता है। दरअसल इस ऐप के तहत 30 बैंकों को जोड़ा गया है। अब इन30 बैंकों में किसी में भी लेन-देन किया जा सकता है। एप अपने स्मार्ट फोन में डाउनलोड कर इसका प्रयोग किया जा सकता है। इनमें आपका मोबाइल रजिस्टर्ड होगा जो बैंक खाते से जुड़ा हो। एप से आपको जिसकी भी पेमेंट करनी है, उसका मोबाइल नंबर अपने मोबाइल एप डालिये, और राशि भरीये।

पीओसी मशीन न होंने से दवाइयां खरीदने में समस्या
सामान्य अस्पताल में औसतन हर रोज 12 से 14 सौ मरीज आते है। इनमें ज्यादातर गर्भवती महिलाएं, विभिन्न हादसों में घायल या बीमार लोग शामिल होते हैं। अस्पताल में सभी दवाइयां नहीं मिलतीं, ऐसे में उन्हें दवाईयां खरीदने के लिए अस्पताल के बाहर खुली दुकानों पर जाना पड़ता है। अस्पताल के बाहर दवाइयां खरीदना हर किसी के लिए परेशानी बना है। आमजन के पास नगदी नहीं है। पुराने पांच सौ या एक हजार के नोट दुकानदार ले नहीं रहे। दुकानदार सिर्फ सौ-सौ के ही नोट ले रहे है।


जनधन योजना के तहत खुले काफी खातों में ज्यादा राशि जमा हुई है। इनकी जांच की जाएगी। मैनेजर की अनुमति से राशि निकाली जा सकती है। यूपीआई एप में 30 बैंकों को जोड़ा गया है। किसी से भी लेन-देन किया जा सकता है।
कुलजीत सिंह, अग्रणी बैंक प्रबंधक
 
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